Dehradun:मुख्य सचिव ने किया सगंध पौधा केंद्र का भ्रमण, कहा- एरोमा फसलों का चयन कर किसानों को खेती से जोड़ें - Uttarakhand Chief Secretary Visited The Aromatic Plants Center In Dehradun Selaqui
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मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सगंध पौधा केंद्र सेलाकुई का भ्रमण कर एरोमा क्षेत्र में किए जा रहे शोध व अन्य गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने कहा, उच्च मूल्य वाली फसलों का उत्पादन व प्रसंस्करण से प्रदेश के किसानों की आर्थिकी में सुधार हो सकता है। प्रदेश की जलवायु व भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार एरोमा फसलों का चयन कर किसानों को खेती से जोड़ा जाए।
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उन्होंने कहा, किसानों को सगंध फसलों के उत्पादन में अपेक्षित सहयोग उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने छह सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में तैयार किए जा रहे सैटेलाइट सेंटर को भी शीघ्र शुरू किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने परफ्यूमरी एंड एरोमैटिक सेक्टर में उच्च शिक्षा व कौशल विकास के तहत डिप्लोमा और सर्टिफिकेशन कार्यक्रम संचालित करने को कहा। मुख्य सचिव ने कहा, अन्य विभागों के माध्यम से संचालित फल व सब्जियों से जुड़े आजीविका की योजनाओं को भी इसमें शामिल किया जाए। प्रदेश के अधिक से अधिक किसान सगंध फसलों का उत्पादन व प्रसंस्करण कार्य से जुड़ें इसके लिए सभी जनपदों में प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रम संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए वार्षिक कार्ययोजना जनवरी माह तक पूरा कर जिलों के लिए भी लक्ष्य निर्धारित करें।
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सगंध पौधा केंद्र के निदेशक डॉ. नृपेंद्र चौहान ने बताया कि सगंध पौध केंद्र एक बिजनेस इनक्यूबेटर के तौर पर काम करता है, जो किसानों, उद्यमियों और एसेंशियल ऑयल इंडस्ट्री को सपोर्ट देता है, जिसमें खेती, प्रोसेसिंग और डिस्टिलेशन, मार्केटिंग, क्वालिटी एनालिसिस और मानकीकरण प्रशिक्षण और परफ्यूमरी सेक्टर को बढ़ावा दिया जा रहा है। पांच नाली तक के किसानों को मुफ्त रोपण सामग्री उपलब्ध करायी जा रही है। नौ एरोमेटिक फसलों को 50 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा रही है। डिस्टिलेशन यूनिट और ड्रायर के लिए पर्वतीय जिलों में 75 प्रतिशत तक सब्सिडी और मैदानी जनपदों में 50 प्रतिशत या अधिकतम सब्सिडी दी जा रही है। किसानों की सहायता के लिए 27 एसेंशियल ऑयल और एरोमेटिक उत्पादों का न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित किया गया है। इस मौके पर जिलाधिकारी सविन बंसल मौजूद रहे।