भारत में बढ़ने वाले हैं Diabetes के मरीज, 30 करोड़ से ज्यादा होंगे पीड़ित! नई रिपोर्ट में खुलासा

भारत में बढ़ने वाले हैं Diabetes के मरीज, 30 करोड़ से ज्यादा होंगे पीड़ित! नई रिपोर्ट में खुलासा

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Diabetes in India: भारत में डायबिटीज तेजी से बढ़ रही है. कहा जा रहा है 2030 तक यह देश की अर्थव्यवस्था पर दूसरा सबसे बड़ा बोझ बन सकती है. ऐसे में चलिए जानते हैं इसका कारण, आंकड़े और बचाव के उपाय.

Written byAkansha Thakur

Diabetes in India: भारत में डायबिटीज तेजी से बढ़ रही है. कहा जा रहा है 2030 तक यह देश की अर्थव्यवस्था पर दूसरा सबसे बड़ा बोझ बन सकती है. ऐसे में चलिए जानते हैं इसका कारण, आंकड़े और बचाव के उपाय.

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Akansha Thakur 14 Jan 2026 15:17 IST

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Diabetes In India (Meta AI Image)

Diabetes in India: भारत तेजी से डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर की गंभीर चुनौती की ओर बढ़ रहा है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों और रिपोर्ट्स के अनुसार आने वाले वर्षों में यह समस्या केवल स्वास्थ्य तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था पर भी गहरा असर डालेगी. अगर आप इस समस्या से बचना चाहते हैं तो चलिए हम आपको इसके लक्षण और बचाव के तरीके के बारे में विस्तार से बताते हैं. 

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भारत में बढ़ने वाले हैं Diabetes के मरीज

रिपोर्ट बताती है कि इस समय भारत में करीब 10 करोड़ लोग डायबिटीज से जूझ रहे हैं. आशंका है कि 2030 तक यह संख्या लगभग दोगुनी हो सकती है. इससे भी ज्यादा चिंता की बात यह है कि बड़ी आबादी को यह पता ही नहीं है कि वह प्री-डायबिटीज या डायबिटीज की चपेट में है. 

नई स्टडी में हुआ खुलासा 

एक नई स्टडी में बताया गया है कि अगले 30 साल यानी 2050 तक डायबिटीज भारत के लिए आर्थिक बोझ का दूसरा सबसे बड़ा कारण बन सकती है. यह अध्ययन इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर एप्लाइड सिस्टम एनालिसिस और वियना यूनिवर्सिटी ऑफ इकोनॉमिक्स ने मिलकर किया है. इसमें 204 देशों के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया. रिपोर्ट के अनुसार, डायबिटीज के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था पर करीब 10 ट्रिलियन डॉलर का अतिरिक्त भार पड़ेगा. इस सूची में अमेरिका, भारत और चीन सबसे ऊपर हैं.

भारत में कैसे बढ़े डायबिटीज के मामले? 

कुछ दशक पहले तक भारत में संक्रामक बीमारियां ज्यादा चर्चा में थीं. लेकिन 2000 के बाद शहरीकरण और बदलती जीवनशैली के साथ नॉन-कम्युनिकेबल बीमारियों का ग्राफ तेजी से बढ़ा. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2000 में लगभग 3.2 करोड़ मरीज, 2007 में संख्या बढ़ी, 2017 में 7.3 करोड़ से अधिक डायबिटीज के मामले सामने आए और करीब 10 करोड़ मरीज इसका शिकार हुए है. 

डायबिटीज बढ़ने के मुख्य कारण

परंपरागत भोजन से दूरी

पहले का खानपान फाइबर और शुद्ध अनाज पर आधारित था. अब पॉलिश्ड चावल, रिफाइंड आटा और तेल का इस्तेमाल बढ़ गया है.

प्रोसेस्ड फूड का बढ़ता चलन

पिज्जा, बर्गर, सॉफ्ट ड्रिंक, बिस्किट और मीठे पेय रोजमर्रा का हिस्सा बन चुके हैं. ये डायबिटीज के बड़े कारण हैं. 

शारीरिक गतिविधि की कमी

आज का कामकाजी जीवन ज्यादातर कुर्सी पर बैठकर बीतता है. इससे शरीर सक्रिय नहीं रह पाता.

तनाव और डिप्रेशन

काम का दबाव और बढ़ती मानसिक तनाव को बढ़ा रही हैं. यह भी डायबिटीज का जोखिम बढ़ाता है.

बचाव के तरीके 

शुद्ध अनाज, दाल, हरी सब्जियां और फल खाएंप्रोसेस्ड और पैकेटबंद फूड से दूरी बनाएंरोज कम से कम 30 मिनट वॉक या एक्सरसाइज करेंपर्याप्त पानी पिएं और पूरी नींद लेंतनाव को कम करने की कोशिश करें. 

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