E-challan Scams:एक क्लिक में खाली हो सकता है बैंक अकाउंट, ई-चालान Sms स्कैम का नया जाल - Fake E-challan Sms Scam: How One Click Can Drain Your Bank Account In Minutes

E-challan Scams:एक क्लिक में खाली हो सकता है बैंक अकाउंट, ई-चालान Sms स्कैम का नया जाल - Fake E-challan Sms Scam: How One Click Can Drain Your Bank Account In Minutes

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मुंबई के एक स्टैंड-अप कॉमेडियन ने एक नए और बेहद शातिर ई-चालान स्कैम को लेकर चेतावनी दी है। उनका कहना है कि यह धोखाधड़ी इतनी असली लगती है कि वे खुद भी लगभग इसका शिकार हो ही गए थे। यह मामला दिखाता है कि अब ठग स्मार्ट डिजाइन और सरकारी वेबसाइट जैसे दिखने वाले वेबसाइट बनाकर लोगों से कार्ड डिटेल्स निकलवा रहे हैं। और पढ़ें loader Trending Videos यह वीडियो/विज्ञापन हटाएं

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कैसे असली लगा स्कैम वाला मैसेज

कॉमेडियन श्रीधर वी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (एक्स) पर अपना अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि उन्हें एक एसएमएस मिला, जिसमें दावा किया गया था कि ट्रैफिक कैमरे ने उनकी गाड़ी को ओवरस्पीडिंग करते हुए पकड़ा है। मैसेज बिल्कुल सामान्य लग रहा था और उसमें एक शॉर्ट लिंक दिया गया था, जिस पर तुरंत जुर्माना भरने को कहा गया था।

उन्होंने लिखा, "सबसे डरावनी बात यह थी कि मैसेज कितना असली लग रहा था। मैं कार्ड डिटेल्स डालने ही वाला था, लेकिन आखिरी वक्त पर डोमेन चेक कर लिया।"

मैसेज किसी विदेशी या अजीब आईडी से नहीं, बल्कि एक सामान्य मोबाइल नंबर से आया था, जिससे शक होना और भी मुश्किल हो गया।

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सरकारी पोर्टल जैसी दिखने वाली फर्जी वेबसाइट

लिंक पर क्लिक करते ही एक ऐसी वेबसाइट खुली, जो भारत सरकार के आधिकारिक ई-चालान पोर्टल जैसी लग रही थी। उस पर अशोक स्तंभ का चिन्ह था और यह सड़क परिवहन मंत्रालय से जुड़ा बताया गया था।

वेबसाइट पर यह जानकारी दिखाई गई: 500 रुपये का पेंडिंग चालान एक लंबा रेफरेंस नंबर डिपार्टमेंट के तौर पर "ट्रैफिक" हरे रंग का "अब भुगतान करें" बटन चेतावनी कि भुगतान न करने पर जुर्माना, लाइसेंस सस्पेंशन या कोर्ट कार्रवाई हो सकती है पहली नजर में सब कुछ पूरी तरह सरकारी और भरोसेमंद लग रहा था।

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इस गलती ने खोल दी पोल

श्रीधर की सतर्कता ने उन्हें बचा लिया। उन्होंने वेबसाइट के पते को ध्यान से देखा। असली सरकारी साइट की जगह लिंक एक मिलते-जुलते लेकिन गलत डोमेन पर ले जा रहा था। इसके अलावा, एसएमएस में दिया गया शॉर्ट लिंक असली यूआरएल को छिपा रहा था, जिससे धोखाधड़ी पहचानना और मुश्किल हो गया।

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कोई भी नंबर डालो, 'सरकारी डेटा' दिखने लगता है
बाद में श्रीधर ने एक और चौंकाने वाला खुलासा किया। फर्जी वेबसाइट पर कोई भी गाड़ी नंबर या ड्राइविंग लाइसेंस नंबर डालने पर अगला पेज उसी जानकारी को दिखाने लगता था। इससे ऐसा भ्रम पैदा होता था कि वेबसाइट सच में सरकारी डेटा एक्सेस कर रही है।

उन्होंने लिखा, "आप जो भी डालते हैं, वही अगली स्क्रीन पर दिखता है। इसी तरह लोग फंस जाते हैं।"

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सोशल मीडिया पर लोगों ने साझा किए अपने अनुभव

यह पोस्ट वायरल हो गई और कई लोगों ने माना कि उन्हें भी ऐसे ही मैसेज मिले हैं। एक यूजर ने लिखा, "शेयर करने के लिए धन्यवाद, मुझे भी लगातार ऐसे एसएमएस आ रहे हैं।"

दूसरे ने कहा, "पिछले हफ्ते मैं एक फर्जी वेबसाइट पर 999 रुपये गंवा चुका हूं। हालात डरावने हो रहे हैं।"

एक अन्य यूजर ने लिखा, "पहले स्कैमर्स को टेक्निकल स्किल्स चाहिए होती थीं, अब एआई की मदद से फर्जी वेबसाइटें बिल्कुल असली लगती हैं।"

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ई-चालान स्कैम से कैसे बचें

ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के लिए कुछ जरूरी सावधानियां अपनाएं: हमेशा ई-चालान की जानकारी सिर्फ आधिकारिक वेबसाइट पर ही चेक करें शॉर्ट या अनजान लिंक पर क्लिक न करें बिना पुष्टि किए कभी भी कार्ड या बैंक डिटेल्स न डालें सरकारी मैसेज आमतौर पर ऑफिशियल सेंडर आईडी से आते हैं, निजी नंबर से नहीं चालान की पुष्टि खुद सरकारी पोर्टल या एप पर जाकर करें
जैसे-जैसे ऑनलाइन फ्रॉड ज्यादा चालाक हो रहे हैं, सतर्कता ही सबसे बड़ा हथियार है। अगर कोई मैसेज जरूरत से ज्यादा डराने वाला, जल्दीबाजी वाला या जरूरत से ज्यादा "असली" लगे- तो रुकिए, जांच कीजिए और तभी आगे बढ़िए।

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