FASTag के एनुअल पास से ट्रिप काउंट करने में हो गई ये चूक तो डबल देना पड़ जाएगा टोल, इस गाइड से दूर कर लें अपना हर कंफ्य़ूजन
Hindi Gallery Hindi Fastag Annual Pass Toll Tax Trip Count Traffic Police Road And Transport 8273542 FASTag के एनुअल पास से ट्रिप काउंट करने में हो गई ये चूक तो डबल देना पड़ जाएगा टोल, इस गाइड से दूर कर लें अपना हर कंफ्य़ूजन
फास्टैग के एनुअल पास को लेकर अभी भी कई लोगों में कंफ्यूजन है. कंफ्यूजन इस बात को लेकर भी है कि अगर साल में 200 ट्रिप पूरे नहीं हुए, तो क्या बचे पैसे अगले साल एडजस्ट होंगे? आइए जानते हैं ऐसे आपके सभी सवालों के जवाब:-
Last updated on - January 19, 2026 5:44 PM IST
By Anjali Karmakar
| Edited by Anjali Karmakar
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FASTag के एनुअल पास को लेकर दूर करें अपना कंफ्यूजन
नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी NHAI का मकसद टोल सिस्टम को पहले से बेहतर करना है. इसी कोशिश में पहले फास्टैग लाया गया. इसका मकसद टोल प्लाजा पर गाड़ियों की कतार को कम करना, टाइम और फ्यूल की बचत करना था. वहीं, डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के मकसद से FASTag का एनुअल पास लाया गया है, जो 15 सितंबर 2025 से एक्टिव है. एनुअल पास के तहत 3000 रुपये के वन टाइम रिचार्ज पर एक साल या 200 ट्रिप (जो भी पहले) तक बिना रुके टोल गेट पार किया जा सकता है. हालांकि, ज्यादातर लोग ट्रिप को काउंट करने में गलती कर बैठते हैं. नतीजतन उन्हें कई बार डबल टोल टैक्स देना पड़ जाता है.
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फास्टैग क्या है?
फास्टैग एक इलेक्ट्रॉनिक स्टिकर है. इसमें रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) चिप लगी होती है. इसे गाड़ी के विंडस्क्रीन पर चिपकाया जाता है. फास्टैग व्हीकल ओनर के बैंक अकाउंट से लिंक होता है. आप चाहे तो फास्टैग वॉलेट में भी पैसे रख सकते हैं. फास्टैग की मदद से टोल प्लाजा पर बिना रुके टोल टैक्स का पेमेंट किया जाता है.
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FASTag के एनुअल पास से ट्रिप को कैसे कैल्कुलेट करेंगे?
FASTag के एनुअल पास से आपकी ट्रिप दो टाइप की होगी. पहला- पॉइंट बेस्ड टोल प्लाजा. इसमें एक समय में टोल बूथ पर एंट्री और एग्जिट को एक ट्रिप माना जाएगा. दूसरा- क्लोज्ड टोल सिस्टम. इसमें वन एंट्री टू एग्जिट जर्नी (राउंड ट्रिप) को एक सिंगल ट्रिप माना जाएगा.
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इस चूक से देना पड़ जाएगा डबल टोल टैक्स
अगर आप FASTag के एनुअल पास यूज करते हैं. हफ्ते में दो या तीन बार नेशनल हाइवे या नेशनल एक्सप्रेस वे पर जाना होता है, तो पॉइंट बेस्ड टोल प्लाजा और क्लोज्ड टोल सिस्टम का खास ख्याल रखिए. कई बार ऐसा होता है कि लंबे सफर में पॉइंट बेस्ड टोल प्लाजा और क्लोज्ड टोल सिस्टम दोनों पड़ता है. ऐसे में ट्रिप काउंट होने में गड़बड़ी की गुंजाइश ज्यादा होती है. अगर आप ट्रिप लिमिट खत्म होने के बाद भी उसी FASTag से सफर करते हैं, तो आपको डबल टोल टैक्स देना पड़ेगा. इसलिए एनुअल पास की ट्रिप काउंट चेक करते रहें.
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अगर 200 ट्रिप साल खत्म होने से पहले ही कंप्लीट हो गई तो?
अगर आपका एनुअल पास एक साल पहले ही खत्म हो गया, तो आपको इसे दोबारा 3000 रुपये में रिचार्ज करवाना होगा. रिचार्ज की तारीख से ही 200 ट्रिप काउंट होंगे.3000 रुपये के Annual Toll Pass से आपकी पार्किंग का पैसा नहीं कटेगा. आपके फास्टैग में जो मेन बैलेंस होगा, उसी के मेन बैलेंस से पार्किंग का पैसा कटेगा.
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200 ट्रिप पूरी न हों तो क्या पैसे कैरी फॉरवर्ड होंगे?
कई लोगों का तर्क है कि अगर साल में 200 ट्रिप पूरी न हों, तो बची हुई ट्रिप और पैसे अगले साल एडजस्ट हो जानी चाहिए. लेकिन, सरकार ने ऐसा नियम नहीं बनाया है. ये एनुअल पास सिर्फ 1 साल के लिए ही वैलिड है. अगर आपका पास 15 अगस्त 2026 को खत्म हो रहा है और तब तक आपने 200 ट्रिप पूरी नहीं की, तो बाकी ट्रिप अपने-आप कैंसल हो जाएंगी. अगले साल आपको फिर से नया पास बनवाना होगा.
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फास्टैग काम नहीं कर रहा, तो क्या UPI से पेमेंट हो जाएगा?
फास्टैग का एनुअल पास नेशनल हाईवे और नेशनल एक्सप्रेस वे पर सफर करने के लिए है. ये एनुअल पास कार, जीप और वैन जैसी नॉन कमर्शियल गाड़ियों के लिए मान्य है. अगर आपके व्हीकल पर फास्टैग नहीं लगा है या किसी कारणवश फास्टैग से पेमेंट सफल नहीं हो पाता, तो आप UPI से पेमेंट कर सकेंगे. हालांकि, आपको टोल से डेढ़ गुना ज्यादा पेमेंट करना होगा.
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टोल बूथ पर कर्मी UPI पेमेंट लेने से मना करें तो?
अक्सर देखा गया है कि टोलकर्मी फास्टैग न होने पर UPI से पेमेंट स्वीकार नहीं करते. नियमों के मुताबिक, कोई भी टोलकर्मी आपका UPI पेमेंट लेने से मना नहीं कर सकता. अगर कोई टोलकर्मी नियमों का पालन नहीं करता है, तो आप सीधे NHAI की 24×7 हेल्पलाइन 1033 पर शिकायत कर सकते हैं. आपके पास सरकार के CPGRAMS पोर्टल (pgportal.gov.in) या UMANG ऐप के जरिए भी ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने का ऑप्शन है. शिकायत करते समय टोल प्लाजा का नाम, तारीख, समय और घटना का जिक्र जरूर करें.