बीजेपी की यूथ ब्रिगेड से राष्ट्रीय अध्यक्ष तक, बहुत दिलचस्प है नितिन नबीन का राजनीतिक सफर - from the bjp youth wing to national president nitin nabin political journey is very interesting

बीजेपी की यूथ ब्रिगेड से राष्ट्रीय अध्यक्ष तक, बहुत दिलचस्प है नितिन नबीन का राजनीतिक सफर - from the bjp youth wing to national president nitin nabin political journey is very interesting
नई दिल्ली:

भाजपा की युवा इकाई में शामिल होने के बाद 26 साल की उम्र में विधायक और 45 साल की उम्र में भाजपा अध्यक्ष बनने तक का नितिन नबीन का राजनीतिक सफर किसी कहानी की तरह रहा है। सोमवार को निर्विरोध चुना जाना तय होने के बाद नितिन नबीन पार्टी के सबसे युवा अध्यक्ष होंगे। उनकी पदोन्नति भाजपा में एक पीढ़ीगत बदलाव का प्रतीक है क्योंकि पार्टी राष्ट्रीय राजनीति पर अपनी पकड़ और मजबूत करना चाहती है। यह पहली बार है कि बिहार से कोई नेता पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बना है।

आम तौर पर चर्चा से दूर रहने वाले नबीन बिहार से पांच बार विधायक रह चुके हैं और राज्य के पीडब्ल्यूडी मंत्री भी रहे हैं। कायस्थ समुदाय से आने वाले नबीन को 14 दिसंबर को भाजपा का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। नबीन को उनके पिता और पार्टी के दिग्गज नेता नबीन किशोर सिन्हा के निधन के कारण खाली हुई पटना पश्चिम विधानसभा सीट से महज 26 साल की उम्र में चुनाव मैदान में उतारा गया था। तब से लेकर लगभग दो दशकों में नबीन (45) बदले नाम वाले बांकीपुर से लगातार जीत के बाद पांच बार विधायक रह चुके हैं। नबीन को राजनीति में कदम रखने के लिए अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़नी पड़ी। शुरुआती दौर में उन्हें राजनीति के लिहाज से बाहरी व्यक्ति के रूप में देखा जाता था। सरल स्वभाव वाले नबीन ने कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किए जाने के साथ ही तेजी से काम शुरू कर दिया था, जिन्हें इस साल तमिलनाडु, केरल और असम सहित कई विधानसभा चुनावों में पार्टी का नेतृत्व करना होगा। भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में उनके नाम की घोषणा से काफी पहले एक कार्यक्रम में नबीन ने कहा था कि वह पार्टी के उन कार्यकर्ताओं के सामने नतमस्तक होते हैं जिनकी कड़ी मेहनत से कई नितिन नबीन पैदा होते हैं। रांची में जन्में नबीन का विवाह दीपमाला श्रीवास्तव से हुआ है और उनके एक बेटा और एक बेटी है। नबीन चुनावों में भारी अंतर से जीत हासिल करने के लिए जाने जाते हैं, जिसकी शुरुआत 2006 में हुए पहले उपचुनाव से हुई थी, जिसमें उन्होंने लगभग 60,000 वोटों से जीत दर्ज की थी। नबीन ने हालिया चुनाव में 51,000 से अधिक वोटों से जीत हासिल की। पार्टी के एक नेता ने कहा कि नबीन युवा हैं और उन्हें शासन तथा जनता एवं संगठन के लिए काम करने का व्यापक अनुभव है। वह बिहार सरकार में कई बार मंत्री रह चुके हैं और भारतीय जनता युवा मोर्चा के लिए भी व्यापक रूप से काम कर चुके हैं। उन्हें छत्तीसगढ़ और सिक्किम के प्रभारी के रूप में काम करने का अनुभव है। छत्तीसगढ़ में भी पार्टी के पुनरुद्धार में उनकी भूमिका की भाजपा हलकों में काफी सराहना की गई।

अटल बिहारी वाजपेयी बने थे पहले अध्यक्ष

भाजपा के 1980 में गठन के बाद अटल बिहारी वाजपेयी पहले पार्टी अध्यक्ष बने थे और 1986 में लाल कृष्ण आडवाणी उनके उत्तराधिकारी बने थे। आडवाणी ने तीन कार्यकाल तक भाजपा अध्यक्ष के रूप में कार्य किया जबकि इस पद पर रहने वाले अन्य लोगों में मुरली मनोहर जोशी, कुशाभाऊ ठाकरे, बंगारू लक्ष्मण, जना कृष्णमूर्ति, वेंकैया नायडू, राजनाथ सिंह (दो बार), नितिन गडकरी और अमित शाह शामिल हैं। नड्डा 2020 से इस पद पर थे।

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