Goddess, With Your Knowledge This Whole World Becomes Enlightened... - Haridwar News

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हरिद्वार। परिक्रमा साहित्यिक मंच ने स्थापना दिवस के अवसर पर सेक्टर-5 बी, भेल स्थित जूनियर इंजीनियर एंड ऑफिसर कार्यालय में काव्य गोष्ठी का आयोजन किया। युवा कवि एवं कवयित्रियों ने मां वीणापाणि को अपने पुष्प अर्पित किए। ऋतुराज बसंत के स्वागत में मधुर स्वर छेड़े गए और देशभक्ति व शृंगार रस के भाव जगाकर खूब तालियां बटोरी गईं। और पढ़ें loader Trending Videos यह वीडियो/विज्ञापन हटाएं
कवि सुरेन्द्र कुमार ने “तू ही राह दिखा दे मैय्या, कैसे करूं मैं तेरा वंदन” तथा सचिव शशि रंजन ‘समदर्शी’ ने “शारदे की साधना हो, ज्ञान की आराधना हो, कविता में सत्य की पुकार होनी चाहिए” प्रस्तुत की। चेतना पथ के संपादक व गीतकार अरुण कुमार पाठक ने मां वीणापाणि से “तुम्हारे ज्ञान से देवी, ये कुल दुनिया प्रकाशित हो” की कामना की। बिजनौर से आए कवि कर्मवीर सिंह ने “वाणी को नमन, वीणा को नमन, कविता को नमन, सविता को नमन” के साथ मां को नमन किया। विज्ञापन विज्ञापन
वरिष्ठ गीतकार एवं ‘पारिजात’ के अध्यक्ष सुभाष मलिक ने “धूप आंगन की बहुत शर्मा रही है, मस्त हो मधुमास कोयल गा रही है” सुनाया। डॉ. सुशील कुमार त्यागी ‘अमित’ ने “दसों दिशाएं स्वागत करतीं, सुखमय सब संसार है” का पाठ किया। राजकुमारी ‘राजेश्वरी’, कुंवर पाल सिंह ‘धवल’, कल्पना कुशवाहा, मदन सिंह यादव, प्रेम शंकर शर्मा ‘प्रेमी’ और संजीव शर्मा ‘अंश’ आदि ने भी काव्य पाठ किया।

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