ऑपरेशन सिंदूर के बावजूद चीनी कंपनियां क्यों बुला रही सरकार?:ओवैसी का भाजपा पर हमला, पूछा- कहां गया राष्ट्रवाद - Govt Inviting Chinese Companies To Invest In India Even After Op Sindoor: Owaisi
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रवाद पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ऑपरेशन सिंदूर के बावजूद चीन की कंपनियों को भारत में निवेश के लिए आमंत्रित कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओऱ से कई बार अपमान किया गया, लेकिन सरकार ने कोई जवाब नहीं दिया।
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ओवैसी के आरोपों पर भाजपा की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। हैदराबाद सांसद ओवैसी जालना नगर निगम चुनाव के लिए एआईएमआईएम के उम्मीदवारों की रैली को संबोधित कर रहे थे। उनकी पार्टी ने इस चुनाव में 65 वार्ड में से 17 में उम्मीदवार उतार हैं।
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'चीन को निवेश का न्योता क्यों?'
उन्होंने आरोप लगाया कि चीन ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान को हथियारों की आपूर्ति की थी। पहलगाम आतंकवादी हमले के जवाब में ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया किया गया था। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान का करीब अस्सी फीसदी सैन्य हथियार चीन से आते हैं। इसके बावजूद भारत सरकार चीन की कंपनियों को देश में निवेश के लिए आमंत्रित कर रही है।
'ट्रंप के बयान पर सरकार क्यों चुप है?'
ओवैसी ने यह भी कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप बार-बार भारत का मजाक उड़ा रहे हैं, लेकिन भाजपा नेतृत्व चुप है। उन्होंने पूछा, इसका राष्ट्रवाद कहां चला गया? एआईएमआईएम नेता ने केंद्र सरकार के उस फैसले की भी आलोचना की, जिसमें बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को निर्वासन के बाद भारत में आश्रय दिया गया। उन्होंने पूछा कि भारतीय मुसलमानों को अक्सर बांग्लादेशी कहा जाता है, जबकि हसीना को भारत में शरण दी गई है।
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ओवैसी ने कांग्रेस पर क्यों किया हमला?
एआईएमआईएम नेता ने कहा कि कई मुसलमान युवा वर्षों से बिना मुकदमे के जेल में पड़े हैं। उन्होंने कहा कि जमानत न देने से भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 का उल्लंघन होता है, जो जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार देता है। ओवैसी ने कांग्रेस पर भी आरोप लगाए कि जेएनयू के पूर्व छात्र उमर खालिद और शरजील इमाम को लंबे समय तक जेल में रखने में वह जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम में कांग्रेस की ओर से किए गए संशोधन के कारण ही लंबी अवधि तक हिरासत सक्षम हुई है।
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