Heart Attack:संभल कर रहें, पारा एक डिग्री गिरे तो दो फीसदी बढ़ता है हार्ट अटैक का खतरा - Risk Of Heart Attack Increases With Increasing Cold

Heart Attack:संभल कर रहें, पारा एक डिग्री गिरे तो दो फीसदी बढ़ता है हार्ट अटैक का खतरा - Risk Of Heart Attack Increases With Increasing Cold

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कंपकंपा देने वाली जबरदस्त सर्दी और वायु प्रदूषण हृदय रोगियों के लिए बड़ी समस्या बन चुका है। एएमयू के जेएन मेडिकल कॉलेज के कार्डियोलॉजी विभाग के प्रसिद्ध हृदयरोग विशेषज्ञ प्रो. एमयू रब्बानी ने कहा है कि इस मौसम में पारा एक डिग्री गिरने से हार्ट अटैक का खतरा दो फीसदी तक बढ़ जाता है। 

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उन्होंने बताया कि सर्दी में हार्ट अटैक का जोखिम सामान्य दिनों के मुकाबले 20 से 50 प्रतिशत तक बढ़ जाता है। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में गर्मी के मुकाबले सर्दियों में 20 से 30 प्रतिशत अधिक हृदय रोगी पहुंच रहे हैं। ठंड और वायु प्रदूषण मिलकर रक्त वाहिकाओं पर दोगुना दबाव डाल रहे हैं, क्योंकि सर्दी के संपर्क में आते ही शरीर की रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाती हैं।  विज्ञापन विज्ञापन

इसके कारण रक्तचाप में वृद्धि हो जाती है और हृदय को रक्त पंप करने के लिए अधिक बल लगाना पड़ता है, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। रक्त गाढ़ा होने लगता है, जिससे नसों में थक्के बनने की संभावना बढ़ जाती है। ठंड के तनाव से हृदय की गति भी तेज हो जाती है, जो कमजोर दिल के लिए खतरनाक है। इसलिए बुजुर्गों और डायबिटीज रोगियों को सतर्क रहने की जरूरत है।

हृदय रोग बढ़ा रहे सर्दी और वायु प्रदूषण 

प्रो.रब्बानी ने वैश्विक अध्ययनों का हवाला देते हुए बताया कि हृदय रोग, वायु प्रदूषण और मौसम का सीधा संबंध है। यूरोपीय अध्ययनों में भी यह देखा गया है। पीएम 2.5 जैसे सूक्ष्म कण फेफड़ों के जरिये सीधे खून में मिलकर सूजन पैदा करते हैं। पीएम 2.5 की मात्रा बढ़ने से हार्ट अटैक का खतरा 12 से 38 फीसदी तक बढ़ जाता है। अत्यधिक वायु प्रदूषण के संपर्क में आने के मात्र 24 घंटे के भीतर हृदय की धड़कन अनियंत्रित हो सकती है।

बचाव के लिए सलाह

गर्म कपड़े-ठंडी हवाओं के संपर्क में न आएं, शरीर को ढक कर रखें। मॉनिटरिंग-ब्लड प्रेशर और हृदय की जांच नियमित अंतराल पर करवाएं।  दवाएं-हृदय रोग की दवाओं के सेवन में बिल्कुल भी लापरवाही न बरतें। मास्क-बाहर निकलते समय इसका उपयोग करें ताकि प्रदूषण से बच सकें। उपचार-छाती में भारीपन, दर्द या फ्लू जैसे लक्षण हों, तो चेकअप कराएं।

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