High Court Acquits Accused In Nephew's Murder Case, Quashes Life Sentence - Chandigarh-haryana News - Chandigarh-haryana News:भतीजे की हत्या के मामले में हाईकोर्ट ने आरोपी को किया बरी, उम्रकैद की सजा रद्द
-परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की कड़ी अधूरी, आरोपी को मिला संदेह का लाभ
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-दिसंबर 2014 में गोली लगने के कारण हो गई थी युवक की मौत
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। भतीजे की हत्या के मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने रोहतक निवासी सुरजमल को बड़ी राहत देते हुए उम्रकैद की सजा को रद्द करते हुए बरी कर दिया। अदालत ने स्पष्ट कहा कि अभियोजन का पूरा मामला केवल परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर आधारित था और परिस्थितियों की कड़ी पूरी नहीं बनती।
रोहतक के मयना गांव में 2 दिसंबर 2014 की सुबह नवीन अपने कमरे में गोली लगने से मृत पाया गया था। शुरुआत में मृतक के भाई परमजीत ने अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी और पुरानी रंजिश का हवाला दिया था। बाद में उसी दिन मृतक की मां सरोज बाला ने सूरजमल पर संदेह जताया और एक मकान व दो दुकानों को लेकर संपत्ति विवाद का आरोप लगाया। अभियोजन पक्ष ने सरोज बाला के इस कथन पर भरोसा किया कि उन्होंने आधी रात के आसपास आरोपित को घर से निकलते देखा था हालांकि हाईकोर्ट ने पाया कि कथित संपत्ति विवाद को साबित करने के लिए रिकाॅर्ड में कोई ठोस साक्ष्य नहीं हैं।
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जस्टिस लिजा गिल और जस्टिस मीनाक्षी आई मेहता की खंडपीठ ने 2015 में ट्रायल कोर्ट द्वारा सुनाई गई सजा को रद्द करते हुए सूरजमल को संदेह का लाभ दिया। कोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष अपना मामला संदेह से परे साबित करने में असफल रहा है। अदालत ने यह भी कहा कि सरोज बाला के कोर्ट में दिए गए बयान में पुलिस को दिए शुरुआती बयान की तुलना में महत्वपूर्ण सुधार पाए गए। इसके साथ ही अदालत ने यह भी नोट किया कि मृतक नवीन के खिलाफ छह से सात आपराधिक मामले दर्ज थे जो अन्य परिस्थितियों के साथ देखने पर महत्वपूर्ण हो जाता है। हाईकोर्ट ने कहा कि प्रस्तुत परिस्थितियां ऐसी पूर्ण शृंखला नहीं बतातीं जो केवल आरोपी की दोषसिद्धि की ओर इशारा करें।