High Court :पुनरीक्षण न्यायालय का आदेश निरस्त, सात दिन में कारणयुक्त निर्णय देने का निर्देश - High Court: Revisional Court's Order Quashed, Directed To Give Reasoned Decision Within Seven Days

High Court :पुनरीक्षण न्यायालय का आदेश निरस्त, सात दिन में कारणयुक्त निर्णय देने का निर्देश - High Court: Revisional Court's Order Quashed, Directed To Give Reasoned Decision Within Seven Days

विस्तार Follow Us

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यांत्रिक तरीके से पारित आदेश को निरस्त करते हुए पुनरीक्षण न्यायालय को सात दिन के भीतर कारणयुक्त और विवेकपूर्ण निर्णय देने का निर्देश दिया है। साथ ही न्यायालय ने आदेश के अनुपालन की रिपोर्ट भी तलब की है। मामले की अगली सुनवाई 28 जनवरी को होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति विनोद दिवाकर की एकल पीठ ने गिरीश दास की याचिका पर दिया।

और पढ़ें loader Trending Videos यह वीडियो/विज्ञापन हटाएं

सिद्धार्थनगर के डीएम ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद शांति बनाए रखने के लिए सकारण आदेश पारित किया था। इस आदेश के खिलाफ पुनरीक्षण याचिका दाखिल की गई। पुनरीक्षण न्यायालय ने डीएम के आदेश को निरस्त करते हुए मामले को दोबारा आदेश पारित करने के लिए वापस भेज दिया, जिसे हाईकोर्ट में चुनौती दी गई।  याची की ओर से अधिवक्ता ने दलील दी कि डीएम ने सभी पक्षों को सुनकर विधि के अनुसार आदेश पारित किया था। पुनरीक्षण न्यायालय ने आदेश में डीएम के तथ्यात्मक निष्कर्षों का उल्लेख तो किया, लेकिन स्वयं कोई निर्णय नहीं दिया और बिना कारण बताए मामला वापस भेज दिया, जो कानूनन गलत है। विज्ञापन विज्ञापन

हाईकोर्ट ने कहा कि जब पुनरीक्षण न्यायालय स्वयं तथ्यों पर स्पष्ट निष्कर्ष दर्ज कर चुका हो, तब उसे आदेश की वैधानिकता और औचित्य पर निर्णय देना चाहिए। कोर्ट ने पुनरीक्षण न्यायालय के आदेश को निरस्त करते हुए निर्देश दिया कि वह सभी आवश्यक अभिलेखों का अवलोकन कर सात दिन में कानून के अनुसार कारणयुक्त आदेश पारित करे और उसकी अनुपालन रिपोर्ट अगली तिथि से पूर्व प्रस्तुत करे। 

View Original Source