Himachal:स्वास्थ्य विभाग के भवनों में लगेंगे रूफटॉप सोलर सिस्टम, मुख्यमंत्री सुक्खू ने दिए निर्देश - Cm Sukhvinder Sukhu Directed To Install Rooftop Solar Systems In The Buildings Of The Health Department.

Himachal:स्वास्थ्य विभाग के भवनों में लगेंगे रूफटॉप सोलर सिस्टम, मुख्यमंत्री सुक्खू ने दिए निर्देश - Cm Sukhvinder Sukhu Directed To Install Rooftop Solar Systems In The Buildings Of The Health Department.

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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने स्वास्थ्य विभाग के तहत विभिन्न स्वास्थ्य संस्थान भवनों में रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इन सभी भवनों में चरणबद्ध तरीके से रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने से हरित ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा और धन की बचत भी होगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने राज्य को हरित ऊर्जा राज्य के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा है। इस उद्देश्य की प्राप्ति के लिए कारगर कदम उठाए जा रहे हैं।  उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की प्रतिवर्ष ऊर्जा खपत लगभग 13 हजार मिलियन यूनिट है। राज्य को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रदेश सरकार ने लक्ष्य निर्धारित किया है कि इस ऊर्जा खपत का 90 प्रतिशत से अधिक नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों के दोहन से पूरा किया जाए। राज्य सरकार की ओर से दो वर्षों के भीतर प्रदेश में 500 मेगावाट क्षमता की सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वर्तमान में प्रदेश में 32 मेगावाट की पेखूबेला सौर ऊर्जा परियोजना, पांच मेगावाट की भंजाल सौर ऊर्जा परियोजना और 10 मेगावाट की अघलौर सौर ऊर्जा परियोजना विद्युत उत्पादन कर रही हैं। राज्य सरकार सौर ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन, कंप्रेस्ड बायोगैस और अन्य क्षेत्रों में वैकल्पिक ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित करने की दिशा में विशेष रूप से प्रयास कर रही है। 

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राज्य सरकार की ओर से हिमाचल को हरित ऊर्जा राज्य बनाने के लक्ष्य को हासिल करने के दृष्टिगत ग्राम पंचायतों को केंद्रीय भूमिका में रखा गया है। ग्रीन पंचायत कार्यक्रम आरंभ किया गया है, जिसके तहत सभी पंचायतों में 500 किलोवाट की ग्राउंड माउंटेड सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित की जाएंगी।  योजना के पहले चरण में 24 ग्राम पंचायतों में 500 किलोवाट क्षमता के सौर संयंत्र स्थापित करने को स्वीकृति मिल चुकी है और 16 पंचायतों में इसका कार्य आरंभ हो चुका है। कार्यक्रम के अंतर्गत कुल 150 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य है। इस कार्यक्रम के तहत परियोजनाओं की ओर से उत्पादित बिजली से अर्जित 20 प्रतिशत राजस्व राज्य सरकार की ओर से संबंधित ग्राम पंचायत के अनाथ बच्चों एवं विधवाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए उपयोग किया जाएगा। 

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ऊना जिला स्थित पेखूबेला सौर ऊर्जा परियोजना का वाणिज्यिक संचालन 15 अप्रैल, 2024 से शुरू हो गया है और अब तक 79.03 मिलियन यूनिट का शुद्ध विद्युत उत्पादन और 22.91 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया गया है।  ऊना स्थित भंजाल सौर ऊर्जा परियोजना का वाणिज्यिक संचालन 30 नवंबर 2024 से शुरू हो गया है। इस परियोजना के माध्यम से अब तक 8.57 मिलियन यूनिट का शुद्ध विद्युत उत्पादन और 3.10 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया गया है। ऊना जिला में स्थित अघलौर सौर ऊर्जा परियोजना में विद्युत उत्पादन 21 मई 2025 से आरंभ हो गया है। इस परियोजना के माध्यम से अब तक 5.89 मिलियन यूनिट का शुद्ध विद्युत उत्पादन किया गया है।

31 मेगावाट की तीन सौर ऊर्जा परियोजनाएं निष्पादन चरण में हैं, 41 मेगावाट की चार सौर ऊर्जा परियोजनाएं निविदा चरण में हैं। कांगड़ा जिला के डमटाल क्षेत्र में बंजर भूमि पर 200 मेगावाट क्षमता का सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किया जाएगा। पहले आओ पहले पाओ के आधार पर 250 किलोवाट से पांच मेगावाट तक की सौर ऊर्जा योजनाएं आवंटित की जा रही हैं। इन परियोजनाओं द्वारा उत्पादित बिजली को हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड द्वारा खरीदा जाएगा।  इसके तहत अब तक 547 निवेशकों को 595.97 मेगावाट क्षमता की आवंटित ग्राउंड माउंटेड सौर ऊर्जा परियोजनाओं में से 403.09 मेगावाट क्षमता के विद्युत खरीद समझौतों पर हस्ताक्षर किए जा चुके हैं।  हिमऊर्जा द्वारा 728.4 मेगावाट क्षमता की सौर ऊर्जा परियोजनाएं हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड को आवंटित की जा चुकी हैं, जिनमें से 150.13 मेगावाट क्षमता की 120 माउंटेड सौर ऊर्जा परियोजनाएं आरम्भ की जा चुकी हैं। 

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