Himachal:मंत्री विक्रमादित्य सिंह का एक और बड़ा बयान आया सामने, जानिए क्या कहा - Himachal: Another Big Statement From Minister Vikramaditya Singh Came To Light, Know What He Said

Himachal:मंत्री विक्रमादित्य सिंह का एक और बड़ा बयान आया सामने, जानिए क्या कहा - Himachal: Another Big Statement From Minister Vikramaditya Singh Came To Light, Know What He Said

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बाहरी राज्यों के आईएएस और आईपीएस अफसरों पर विवादित बयान के बाद मामला थमता नहीं दिख रहा। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने गुरुवार सुबह फेसबुक पोस्ट की। इसमें उन्होंने लिखा, हमारे लिए हिमाचल के हित सर्वश्रेष्ठ थे, है और सदैव रहेंगे। कोई भी समझाैता प्रदेश के हितों के साथ होने नहीं देंगे।' इसके बाद उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वह सबका सम्मान करते हैं। हम संघीय गणराज्य में रहते हैं जिसमें केंद्र व राज्य सरकार का अपना-अपना दायित्व है। जो आईपीएस-आईएएस अधिकारी सेवाएं देने हिमाचल आते हैं, हम उनका सम्मान करते हैं। हमें सेवाओं को ऊंचे दर्जे पर रखना है। जनता की सेवा सर्वोच्च प्राथमिकता है। यदि उसमें कहीं न कहीं समझौता होते हुए दिख रहा है तो निश्चित रूप से एक जनप्रतिनिधि होने के नाते उसे उठाना उनका दायित्व है। इसलिए प्रदेश की जनता ने हमें चुना है।

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सबकी अपनी-अपनी जिम्मेवारी लेकिन ओवरलैपिंग खतरनाक: विक्रमादित्य सिंह
विक्रमादित्य ने आगे कहा, 'हम साफ शब्दों में यह बात कहना चाहते हैं कि हम किसी से संघर्ष नहीं चाहते, सबकी अपनी-अपनी जिम्मेवारी तय है लेकिन जब इसमें ओवरलैपिंग होने लगती है तो वह एक खतरे की बात हो जाती है। उसी संदर्भ में मैंने अपनी बात कही है और अपनी बात पर अडिग हूं। जहां तक हिमाचल के लोगों के हितों की बात है, मैं अपनी आवाज उठाता रहूंगा। चाहे कुर्सी पर हूं या नहीं हूं।  हम सबका आदर करते हैं। लेकिन कोई भी अधिकारी अपने आप को शासक बनने की कोशिश न करें, अगर करेगा तो हम उसे याद दिलाते रहेंगे। यह हमारा दायित्व है और इससे हम पीछे नहीं हटेंगे।'  विक्रमादित्य ने मामले पर मंत्री अनिरुद्ध सिंह, जगत नेगी के बयान पर कहा,  'मैं उम्र, रुतवे व कद में सभी से छोटा हूं, मेरे लिए सभी सम्मानीय हैं। मैं किसी से विवाद नहीं चाहता हूं। सभी से अच्छी चीज व गुण सीखना चाहते हैं लेकिन वे सिद्धांतों व संस्कारों के साथ वह समझाैता नहीं करेंगे, क्योंकि उसी से व्यक्ति की पहचान होती है। प्रदेश के लिए जो सोच है और सिद्धांतों से जिंदगी भर कोई समझाैता नहीं करेंगे।
 

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प्रदेश के लोगों का समर्थन, प्यार और आशीर्वाद सबसे बड़ी सुरक्षा: मंत्री
आईपीएस अधिकारी एसोसिएशन के बयान पर विक्रमादित्य सिंह ने कहा, 'उनके पास पहले से ही सुरक्षा में कोई आईपीएस अधिकारी नहीं है। हिमाचल के लोग इतने कमजोर नहीं है कि उन्हें किसी सुरक्षा की आवश्यकता होगी। मैं बिना पुलिस की सुरक्षा के रह सकता हूं, मेरे पास प्रदेश के लोगों का समर्थन, प्यार, आशीर्वाद है, वह सबसे बड़ी सुरक्षा है। जो(आईपीएस अधिकारी) सुरक्षा वापस करनी है, वे कर सकते हैं।' कहा कि जिस मंच पर उप मुख्यमंत्री ने इस मुद्दे को उठाया, उससे तो यह छोटा ही मंच था। उन्होंने कहा कि वह इस मामले को ज्यादा तूल नहीं देना चाहते, फिर भी यदि मुख्यमंत्री इस संबंध में पूछेंगे तो उनकी स्थिति स्पष्ट है। जहां पर भी उन्हें बात करनी होगी, की जाएगी। प्रदेश के हित उनके लिए सर्वोपरि थे, है और सदैव रहेंगे। इसे लेकर जहां भी बात करनी होगी, सरकार या हाईकमान में, करेंगे। उनकी सबसे बड़ी जवाबदेही हिमाचल प्रदेश की 75 लाख जनता के प्रति है। जहां पर लगेगा कि हिमाचल के लोगों के हितों से समझाैता हो रहा है तो विक्रमादित्य सिंह उस आवाज को निरंतर उठाता रहेगा।

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