Himachal:पाइप खरीद गड़बड़झाले मामले में विभाग ने कंपनी का भुगतान रोका, जांच भी बैठाई - Hp Jal Shakti Department Stopped Payment To The Company In Connection With The Pipe Purchase Scam And Also Ini
विस्तार Follow Us
पाइप खरीद गड़बड़ी मामले में जल शक्ति विभाग ने आपूर्तिकर्ता कंपनी की 22 करोड़ की पेमेंट रोक दी है और जांच बैठा दी है। जल शक्ति विभाग के बड़सर और आनी उपमंडल के लिए पाइपें खरीदने का मामला गरमा गया है। सोमवार को इस मामले में जल शक्ति विभाग और खाद्य आपूर्ति निगम अपनी-अपनी सफाई देते रहे। वहीं उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने विभाग के अधिकारियों के साथ राज्य सचिवालय में बैठक की और इस मामले पर चर्चा की। जल शक्ति विभाग के बड़सर और आनी मंडल के लिए वर्ष 2024-25 में एल-वन फर्म मैसर्ज एपीएल अपोलो ट्यूब्स सिकंदराबाद को खाद्य आपूर्ति निगम के माध्यम से मार्च 2025 में 4770 मीट्रिक टन जीआई पाइप खरीद के आदेश दिए गए थे, जिनकी लागत 36.77 करोड़ रुपये थी।
और पढ़ें
Trending Videos
यह वीडियो/विज्ञापन हटाएं
कुल 4770 मीट्रिक टन जीआई पाइप में से कंपनी ने बड़सर की 12.550 मीट्रिक टन जीआई पाइप (9.76 लाख) और आनी की 13.150 मीट्रिक टन जीआई पाइप (10.19 लाख) सिकंदराबाद से ट्रक नंबर एचआर 39 एफ 7899 से भिजवाई थी, लेकिन रास्ते में फर्म ने गाड़ी से यह पाइप अलग-अलग दो गाडियों में ट्रांसशिपमेंट कर बड़सर और आनी भेजी। विभागीय नियमों के अनुसार यदि कोई फर्म सप्लाई के दौरान ट्रांसशिपमेंट करती है तो जल शक्ति विभाग और खाद्य आपूर्ति निगम के प्रतिनिधियों के सामने वीडियोग्राफी करना अनिवार्य है। जल शक्ति विभाग अब इस मामले को अंतिम निर्णय के लिए राज्यस्तरीय स्क्रीनिंग कमेटी के समक्ष रखेगा।
विज्ञापन विज्ञापन
वर्ष 2024-25 के दौरान की गई जीआई पाइप खरीद प्रक्रिया नियमानुसार हुई है। संबंधित फर्म की ओर से पाइप ट्रांसपोर्टेशन में नियमों की संभावित अनदेखी के मद्देनजर खाद्य आपूर्ति निगम ने मामले की जांच की है, इसकी रिपोर्ट जल्द ही विभाग को मिल जाएगी। फिलहाल, कंपनी का अंतिम भुगतान रोक दिया गया है। -अंजू शर्मा, प्रमुख अभियंता, जलशक्ति विभाग