Himachal News:कीरतपुर-मनाली फोरलेन पर 1200 करोड़ से सुरक्षित होगा सफर, नदी किनारे लगेगी सुरक्षा दीवार - Traffic Will Be Safe From Rs 1200 Crore On Kiratpur-manali Fourlane, Security Wall Will Be Erected Along River

Himachal News:कीरतपुर-मनाली फोरलेन पर 1200 करोड़ से सुरक्षित होगा सफर, नदी किनारे लगेगी सुरक्षा दीवार - Traffic Will Be Safe From Rs 1200 Crore On Kiratpur-manali Fourlane, Security Wall Will Be Erected Along River

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कीरतपुर-मनाली फोरलेन पर यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के करीब 1200 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके तहत ब्यास नदी के किनारे सुरक्षा दीवारें लगाने के साथ पहाड़ियों की मजबूती के लिए व्यापक सुरक्षा कार्य किए जाएंगे। इससे मानसून और बरसात के मौसम में होने वाले भूस्खलन, सड़क कटाव और यातायात बाधाओं की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकेगा। वर्ष 2023, 2024 और 2025 में हुए नुकसान से फोरलेन को अब सुरक्षित करने का कार्य पर फोकस किया जा रहा है।

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सबसे अधिक कार्य कुल्लू जिले में प्रस्तावित हैं, जहां करीब 700 करोड़ रुपये की लागत से नदी किनारे सुरक्षा कार्य किए जाएंगे। यहां ब्यास नदी के साथ लगते हिस्सों में पुख्ता तकनीक से सुरक्षा दीवारें बनाई जाएंगी। यह सुरक्षा दीवारें साढ़े तीन से चार मीटर तक नदी के अंदर गहराई में स्थापित की जाएंगी, ताकि तेज बहाव के दौरान भी सड़क और ढांचों को नुकसान न पहुंचे। कुल्लू से मनाली के बीच करीब पांच से छह किलोमीटर लंबे हिस्से में नदी किनारे सुरक्षा कार्य प्रस्तावित हैं। यह क्षेत्र भूस्खलन और कटाव की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील माना जाता है।

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बिलासपुर जिले में लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से सुरक्षा दीवार और पहाड़ी सुरक्षा कार्य किए जाएंगे। इनमें मुख्य रूप से पहाड़ी पर राॅक बोल्टिंग, नेट लगाना शामिल है, ताकि भूस्खलन के खतरे को कम किया जा सके। जबकि मंडी जिले के हिस्से में करीब 400 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। यहां मार्कंडेय मंदिर थलौट के पास नदी किनारे, झलोगी टनल के बाहर आए मलबे समेत अन्य कार्य किए जाएंगे। बिलासपुर जिले में गड़ा मोड़ से बलोह तक पांच लोकेशन पर सुरक्षा कार्यों की शुरुआत हो चुकी है। पंडोह से मनाली तक के हिस्से के लिए टेंडर प्रक्रिया जारी है।

गौरतलब है कि 2025 की बरसात में कीरतपुर से मनाली तक फोरलेन पर करीब 40 जगहों पर भारी नुकसान पहुंचा था। कुल्लू से मनाली तक कई जगहों पर फोरलेन का नामोनिशान तक मिट गया था, लेकिन अस्थायी तौर पर इसे बहाल कर लिया गया है। अब सुरक्षा कार्यों पर फोकस किया जा रहा है। संवाद

टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही शेष हिस्सों में भी तेजी से काम शुरू कर दिया जाएगा। टेंडर प्रक्रिया मुख्यालय से पूरी की जा रही है। अगले बरसात से पहले मुख्य कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्य तौर पर नदी के अंदर गहराई में होने वाले कार्य को जल स्तर बढ़ने से पहले पूरा किया जाना है। - वरुण चारी, परियोजना निदेशक, एनएचएआई पीआईयू मंडी इकाई

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