Hp Major Bus Accidents:हरिपुरधार में निजी बस खाई में गिरने से 14 लोगों की गई जान, जानें कब-कब हुए बड़े हादसे - 14 People Died When A Private Bus Fell Into A Ditch In Haripurdhar. Find Out When Major Accidents Occurred In

Hp Major Bus Accidents:हरिपुरधार में निजी बस खाई में गिरने से 14 लोगों की गई जान, जानें कब-कब हुए बड़े हादसे - 14 People Died When A Private Bus Fell Into A Ditch In Haripurdhar. Find Out When Major Accidents Occurred In

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हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के हरिपुरधार के पास शुक्रवार दोपहर एक ओवरलोड निजी बस सड़क से 100 मीटर नीचे गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में चालक समेत 14 लोगों की मौत हो गई, जबकि 52 घायल हुए हैं। शिमला से कुपवी जा रही 37 सीटर बस एचपी-64-6667 में 66 यात्री सवार थे। बताया जा रहा है कि सड़क पर पाला जमने से बस स्किड हो गई। हादसे में जीत कोच बस के परखच्चे उड़ गए। छत व टायर अलग हो गए। मृतकों में सभी सिरमौर और शिमला जिले के हैं। सरकार ने हादसे के कारणों की जांच के आदेश दिए हैं। साल 2008 में खरीदी इस निजी बस की अगले महीने फिटनेस खत्म होनी थी। इसका परमिट 2028 तक का था। पुलिस के अनुसार शुक्रवार दोपहर को जैसे ही धमाके के साथ बस गिरी, उसकी छत टूट गई और उलटा गिर गई। मौके पर पहुंचे स्थानीय लोगों ने बस की बॉडी को हाथों से ऊपर उठाया और घायल बाहर निकाले। प्रदेश में इससे पहले भी कई बड़े बस हादसे हुए हैं, जो लोगों को गहरे जख्म दे गए। 

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हिमाचल में बड़े बस हादसे

9 अगस्त 2012 : चंबा में निजी बस 300 फीट गहरी खाई में गिरी। 42 सीटर बस में 100 से अधिक यात्री थे 51 की मौत व लगभग 46 जख्मी 9 अप्रैल 2018 : नूरपुर कांगड़ा में निजी स्कूल बस 300 फीट गहरी खाई में गिरी। 26 बच्चों एवं दो शिक्षकों समेत 28 की मौत हो गई 20 जून 2019 : कुल्लू में निजी बस खाई में गिरी। 44 लोगों की मौत और 34 घायल 10 जुलाई 2025 : मंडी के सरकाघाट में एक सरकारी बस गहरी खाई में गिरी। 7 लोगों की मौत और 20 जख्मी। 17 जून 2025: मंडी में निजी बस अनियंत्रित होकर खाई में गिरी। एक की मौत, 16 घायल। 7 अक्टूबर 2025 : बिलासपुर में भूस्खलन के कारण बस मलबे में दबी। 18 लोगों की मौत। विज्ञापन विज्ञापन

इन कारणों से हुए हादसे

बस हादसों का कारण मुख्य रूप से खराब सड़कें और तीखे मोड़ ओवरलोडिंग, बसों की छतों पर यात्रियों का बैठना ड्राइवर का बस पर से नियंत्रण खो देना या स्पीड अधिक होना भारी बारिश से भूस्खलन या सड़क का धंसना
 

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