ऋतिक रोशन को यंग ऐज में हुई थी ऐसी बीमारी, डॉक्टरों ने दे दी थी बड़ी चेतावनी, अलमारी में हो जाते थे बंद - hrithik roshan was once hesitant to even speak two words suffered from a serious illness as a child doctors advised him
ऋतिक रोशन बॉलीवुड के 'ग्रीक गॉड' न केवल अपने हैंडसम लुक के लिए जाने जाते हैं बल्कि अपने बेहतरीन डांस, एक्टिंग और दमदार फिजिक की वजह से भी लाखों फैंस के दिलों पर सालों से छाए हैं। हालांकि, सच ये है कि फिल्मी बैकग्राउंड के बावजूद इस चमक-दमक के पीछे उन्होंने काफी लंबा संघर्ष भी किया है। ऋतिक न केवल हकलाने वाली समस्या से जूझ चुके हैं बल्कि वो बचपन में एक ऐसी गंभीर बीमारी का शिकार हुए कि उन्हें डॉक्टरों से हिदायत भी दी गई थी।
ये तो हम सभी जानते हैं कि ऋतिक बचपन में हकलाने की समस्या से जूझ रहे थे। छोटे-छोटे शब्द बोलना भी उनके लिए इतना मुश्किल था कि वे अक्सर अपने आपको अकेले में बाथरूम या अलमारी में बंद कर लेते थे। लेकिन उन्होंने इससे लड़ने के लिए काफी मेहनत की और लगन से अपनी मुश्किलों को मात दे दी। View this post on Instagram
ऋतिक रोशन के दादा और चाचा का फिल्मों से कनेक्शन
ऋतिक रोशन का जन्म 10 जनवरी 1974 को मुंबई में हुआ था। वे एक फिल्मी परिवार से आते हैं। उनके पिता राकेश रोशन बॉलीवुड के मशहूर डायरेक्टर और निर्माता हैं, जबकि उनकी मां पिंकी रोशन होममेकर हैं। उनके दादा रोशनलाल नागरथ संगीतकार थे और उनके चाचा राजेश रोशन भी संगीत की दुनिया में बड़ा नाम रह चुके हैं। अब ऐसे परिवार में पैदा होना ही अपने आपमें किसी अवॉर्ड से कम नहीं था लेकिन ऋतिक के लिए सब इतना आसान नहीं रहा। उन्होंने बचपन में वो तकलीफें झेली जो बच्चों में अक्सर हीन भावना ले आती है।
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ऋतिक हकलाने की बीमारी पर काबू पाने में सफल
ऋतिक को बचपन से ही हकलाने की समस्या थी। स्कूल के दिनों में उन्हें बोलने में मुश्किल होती थी। कई बार उनका मजाक भी बनाया जाता था। लेकिन ऋतिक ने हार नहीं मानी। उन्होंने अपनी इस कमजोरी को दूर करने के लिए रोजाना अखबार पढ़ने की आदत डाली। हिंदी, अंग्रेजी और उर्दू अखबार पढ़कर उन्होंने धीरे-धीरे बोलने की क्षमता बढ़ाई। इससे उनका आत्मविश्वास भी बढ़ा और वह हकलाने की बीमारी पर काबू पाने में सफल हुए।
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डॉक्टरों ने इस बीमारी के बाद ऋतिक को दी थी हिदायत
बताते चलें कि स्टैमरिंग के साथ ही उन्हें 21 साल की उम्र में स्कोलियोसिस जैसी गंभीर बीमारी भी झेलनी पड़ी। ये ऐसी दिक्कत थी कि लगा जैसे एक्टर बनने का सारा सपना कहां मिट्टी में न मिल जाए लेकिन ऋतिक ने एक बार फिर खुद को खड़ा करने के लिए लड़ाई शुरू की। यहां बता दें कि Scoliosis की समस्या का मतब है रीढ़ की हड्डी का एक तरफ से दूसरी तरफ मुड़ना या फिर उसका टेढ़ा होना जो अक्सर बचपन या टीनेज में होता है। इससे पीठ दर्द और गंभीर मामलों में सांस लेने में दिक्कतें भी आ सकती हैं। यही वजह थी कि डॉक्टरों ने उन्हें साफ चेताया था कि अगर वो एक्टिंग को अपना प्रोफेशन चुनते हैं जीवनभर के लिए उन्हें डिसेबिलिटी का शिकार होना पड़ सकता है। लेकिन ऋतिक ने इसके लिए अपने ऊपर खूब मेहनत की और अपनी इस बीमारी को हराया भी। उन्होंने इस बीमारी (स्कोलियोसिस) पर सारे रिसर्च को पढ़ना शुरू किया और इसके लिए जरूरी फिजियोथेरेपी भी की। ऋतिक उस समय काफी स्किनी थे और डॉक्टरों ने तब कहा था कि स्पाइनल कॉर्ड में दिक्कत की वजह से वह कभी फिजीक नहीं बना सकते।
10 साल की उम्र में 'भगवान दादा' में नजर आए थे ऋतिक
वैसे उनके पिता राकेश रोशन चाहते थे कि वे अपनी पढ़ाई पर ध्यान दें और आगे की पढ़ाई के लिए विदेश जाएं। उन्हें अमेरिका की एक प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी से स्कॉलरशिप का ऑफर भी मिला था। ऋतिक के मन में बचपन से ही एक्टिंग और सिनेमा को लेकर गहरा लगाव था और इसी वजह से उन्होंने इस राह पर कदम नहीं बढ़ाया। ऋतिक ने 10 साल की उम्र में ही चाइल्ड एक्टर के तौर पर काम करना शुरू कर दिया। वे रजनीकांत की फिल्म 'भगवान दादा' में नजर आए। उस समय वे छोटे थे, लेकिन बड़े सितारों के साथ काम करने का अनुभव उन्हें सीखने का मौका देता रहा।
डेब्यू 2000 में फिल्म 'कहो ना प्यार है' से हुआ
बॉलीवुड में ऋतिक का असली डेब्यू 2000 में फिल्म 'कहो ना प्यार है' से हुआ। इस फिल्म ने उन्हें रातों रात स्टार बना दिया। इस सफलता के बाद ऋतिक के पास लगातार फिल्मों के ऑफर्स आने लगे। हालांकि पहली फिल्म की ब्लॉकबस्टर सफलता को बनाए रखना उनके लिए आसान नहीं था। ऋतिक की कई फिल्में बॉक्स ऑफिस पर वैसा करिश्मा नहीं कर सकीं, लेकिन उनका क्रेज कभी कम नहीं हुआ।
फिटनेस को पैशन तक पहुंचा दिया
युवा चॉकलेटी चेहरे, दमदार बॉडी, डांस और स्टाइल ने उन्हें यूथ आइकन बना दिया था। सलमान खान के बाद ऋतिक रोशन ने 2000 के दशक में युवाओं में फिटनेस को पैशन तक पहुंचा दिया था। उन्होंने रोमांटिक, एक्शन और ड्रामा, हर तरह के किरदार निभाए। उनकी मेहनत और लगन ने उन्हें दर्शकों के बीच अलग पहचान दिलाई।![]()
करियर और पर्सनल लाइफ में उतार-चढ़ाव
ऋतिक को कई अवॉर्ड भी मिले। उन्होंने बेस्ट डेब्यू, बेस्ट एक्टर, और बेस्ट डांसर जैसे कई अवॉर्ड्स जीते। उनकी 'धूम 2', 'कृष', 'जिंदगी ना मिलेगी दोबारा', और 'सुपर 30' जैसी फिल्मों ने सफलता दिलाई। भले ही ऋतिक के करियर और पर्सनल लाइफ में उतार-चढ़ाव आए, लेकिन उनकी मेहनत और लगन ने उन्हें सिर्फ फैंस ही नहीं, बल्कि इंडस्ट्री में भी सम्मान दिलाया है। आज वे एक मंझे हुए कलाकार के तौर पर हिंदी सिनेमा में स्थापित हो चुके हैं।