India-eu Fta:भारत-ईयू एफटीए के केंद्र में रहेंगे किसान और एमएसएमई, जानिए क्या बोले उद्योग मंत्री गोयल - Piyush Goyal Said On Advancing The India-eu Fta With Farmers And Msmes At The Centre

India-eu Fta:भारत-ईयू एफटीए के केंद्र में रहेंगे किसान और एमएसएमई, जानिए क्या बोले उद्योग मंत्री गोयल - Piyush Goyal Said On Advancing The India-eu Fta With Farmers And Msmes At The Centre

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केंद्रीय वाणिज्य व उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने ब्रसेल्स की दो दिवसीय यात्रा के साथ भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते की बातचीत को नई गति दी है। 8 और 9 जनवरी को हुई इस यात्रा के दौरान उन्होंने यूरोपीय आयोग के व्यापार व आर्थिक सुरक्षा आयुक्त मारोस सेफकोविक के साथ उच्चस्तरीय वार्ता की, जिसमें लंबित मुद्दों को सुलझाने और समझौते को तेजी से आगे बढ़ाने पर मार्गदर्शन दिया गया।

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भारत-ईयू एफटीए वार्ता के केंद्र में रहा

वार्ता के केंद्र में प्रस्तावित भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौता रहा। दोनों पक्षों ने किसानों और सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्यमों (MSMEs) के हितों की रक्षा पर जोर देते हुए भारतीय उद्योगों को वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं से जोड़ने की आवश्यकता को रेखांकित किया। मंत्री गोयल ने कहा कि भारत और ईयू एक नियम-आधारित व्यापार ढांचे और आधुनिक आर्थिक साझेदारी के लिए प्रतिबद्ध हैं, जो संतुलित और परस्पर लाभकारी हो।


वाणिज्य मंत्रालय के बयान के अनुसार, दोनों नेताओं ने बाजार पहुंच, वस्तुओं के नियम, सेवाओं सहित विभिन्न वार्ता क्षेत्रों में हुई प्रगति की समीक्षा की। मंत्रीस्तरीय चर्चा से यह संकेत मिला कि शेष मुद्दों को रचनात्मक संवाद के माध्यम से सुलझाने के लिए दोनों ओर मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति मौजूद है।

मंत्रीस्तरीय बैठक से पहले 6-7 जनवरी को वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल और यूरोपीय आयोग की महानिदेशक (ट्रेड) सबाइन वेयंड के बीच उच्चस्तरीय विचार-विमर्श हुआ। इसमें विभिन्न वार्ता ट्रैकों पर हुई प्रगति का जायजा लिया गया और मतभेदों को कम करने पर सहमति बनी।

ब्रसेल्स से पहले मंत्री गोयल ने लिकटेंस्टीन का दौरा किया, जहां उन्होंने प्रमुख कंपनियों के साथ बिजनेस राउंडटेबल की अध्यक्षता की। चर्चा का फोकस भारत-ईएफटीए व्यापार और आर्थिक साझेदारी (टीईपीए) के क्रियान्वयन पर रहा। यह यात्रा इसलिए भी अहम रही क्योंकि यह किसी भारतीय कैबिनेट मंत्री की लिकटेंस्टीन की पहली आधिकारिक यात्रा थी।

गोयल ने कहा कि टीईपीए केवल व्यापार उदारीकरण तक सीमित नहीं

मंत्री ने कहा कि यह टीईपीए केवल व्यापार उदारीकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि निवेश, प्रौद्योगिकी सहयोग, कौशल विकास और मजबूत मूल्य शृंखलाओं को भी बढ़ावा देता है। उन्होंने ईएफटीए देशों द्वारा किए गए 100 अरब डॉलर के निवेश प्रतिबद्धता के संदर्भ में भारतीय अवसरों को रेखांकित किया।

इस दौरान मंत्री गोयल ने हिल्टी समूह के मुख्यालय का दौरा किया और इसके सीईओ जहांगीर डूंगाजी से मुलाकात की। बातचीत में भारत में स्थानीयकरण, मूल्य संवर्धन और वैश्विक निर्यात बढ़ाने पर चर्चा हुई। साथ ही सुरक्षित और स्मार्ट बुनियादी ढांचे के लिए तकनीकी सहयोग पर भी सहमति बनी।

मंत्री गोयल ने लिकटेंस्टीन की प्रधानमंत्री ब्रिगिट हास से भी मुलाकात की। दोनों नेताओं ने भारत-ईएफटीए (टीईपीए) के तहत निवेश, कौशल विकास, व्यावसायिक प्रशिक्षण और उद्योग-शिक्षा सहयोग को मजबूत करने पर विचार किया। बातचीत में भारत की युवा कार्यशक्ति और लिकटेंस्टीन की उन्नत औद्योगिक क्षमताओं को जोड़ने पर जोर दिया गया।

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