पोलैंड को दी 'दो-टूक' नसीहत, भारत ने रूस और आतंकवाद के मुद्दे पर दिखाया कड़ा रुख - india flags targeting over russia ukraine war urges poland not to support pakistan
रूस के साथ व्यापारिक रिश्तों और पाकिस्तान की तरफ से होने वाले आतंकवाद को लेकर भारत ने पोलैंड के सामने अपनी चिंताएं बहुत ही कड़े शब्दों में रखी हैं। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पोलैंड को साफ कर दिया है कि नई दिल्ली को निशाना बनाने की अनुचित और भेदभावपूर्ण कोशिशें बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। साथ ही, उन्होंने पोलैंड को चेतावनी दी कि वे सीमा पार आतंकवाद के मामले में पाकिस्तान को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कोई भी मदद न दें। यह बातचीत नई दिल्ली में पोलैंड के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री राडोस्लाव सिकोर्स्की के साथ हुई, जहां दोनों नेताओं ने भारत-पोलैंड रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा भी की।
बेवजह भारत को निशाना न बनाएं
बैठक के दौरान रूस-यूक्रेन जंग और भू-राजनीति पर गंभीर चर्चा हुई। जयशंकर ने स्पष्ट किया कि उन्होंने न्यूयॉर्क और पेरिस में भी अपनी बात रखी थी और अब दिल्ली में इसे दोहरा रहे हैं कि भारत को चुनिंदा तरीके से निशाना बनाना अनुचित और गलत है। यह बयान उन कोशिशों के जवाब में आया है, जिनके तहत रूस के साथ व्यापार करने पर भारत पर टैरिफ और अन्य दबाव बनाए जा रहे हैं। भारत ने साफ कर दिया है कि वह अपनी स्वतंत्र विदेश नीति पर कोई दबाव बर्दाश्त नहीं करेगा और वह हमेशा से बातचीत व कूटनीति के जरिए युद्ध खत्म करने का पक्षधर रहा है।
आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस दिखाएं
बातचीत का दूसरा सबसे अहम मुद्दा आतंकवाद रहा। जयशंकर ने पोलैंड के मंत्री को याद दिलाया कि वे इस क्षेत्र की चुनौतियों से अनजान नहीं हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि पोलैंड को आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस दिखानी चाहिए और हमारे पड़ोस में आतंकी बुनियादी ढांचे को बढ़ावा नहीं देना चाहिए। यह बयान सीधे तौर पर पाकिस्तान के संदर्भ में देखा जा रहा है और इसे अक्टूबर 2025 में इस्लामाबाद यात्रा के दौरान कश्मीर पर पोलैंड द्वारा दी गई टिप्पणी के जवाब के रूप में भी माना जा रहा है।
पोलैंड ने भारत की चिंता से जताई सहमति
पोलैंड के विदेश मंत्री सिकोर्स्की ने भारत की चिंताओं से सहमति जताई। उन्होंने माना कि टैरिफ के जरिए किसी देश को निशाना बनाना गलत है और इससे वैश्विक व्यापार में दिक्कतें आ सकती हैं। आतंकवाद पर उन्होंने कहा कि पोलैंड खुद भी आगजनी और राज्य प्रायोजित हमलों का शिकार रहा है, इसलिए वे इस खतरे से निपटने की जरूरत को समझते हैं। यह बैठक ऐसे समय में हुई जब भारत और पोलैंड के रिश्ते मजबूत हो रहे हैं और द्विपक्षीय व्यापार 7 अरब डॉलर तक पहुंच गया है, लेकिन भारत ने इस मौके का इस्तेमाल अपनी कूटनीतिक सीमाएं तय करने के लिए किया।