Indore Division Ig Reached Dhar, Visited Bhojshala And Gave Instructions. - Dhar News
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इंदौर संभाग के पुलिस महानिरीक्षक (IG) अनुराग मंगलवार को ऐतिहासिक भोजशाला पहुंचे। इस दौरान उन्होंने जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ मिलकर भोजशाला परिसर का भ्रमण किया और आगामी पर्वों को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। आईजी अनुराग ने बताया कि 23 जनवरी को पड़ रही बसंत पंचमी और शुक्रवार के मद्देनज़र सभी नागरिक आपसी भाईचारे और शांतिपूर्ण माहौल में पर्व मनाएं। उन्होंने कहा कि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और किसी भी तरह से कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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दौरा करते पुलिसकर्मी
- फोटो : अमर उजाला
आईजी अनुराग ने बताया कि सुरक्षा की दृष्टि से जिले में लगभग 8 हजार पुलिस बल तैनात किए जाएंगे। इसमें सीआरपीएफ, रैपिड एक्शन फोर्स सहित विभिन्न कंपनियों की तैनाती शामिल होगी। दो-पहिया, चार-पहिया वाहनों और पैदल पुलिस द्वारा लगातार पेट्रोलिंग की जाएगी। शहरभर में सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी जाएगी और संवेदनशील क्षेत्रों के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी कड़ी नजर रखी जाएगी। आईजी ने स्पष्ट किया कि शहर की शांति भंग करने की कोशिश करने वाले किसी भी तत्व को बख्शा नहीं जाएगा।
इस दौरान धार पुलिस अधीक्षक (डीआईजी) मयंक अवस्थी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय डावर एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पारुल बेलापुरकर, नगर पुलिस अधीक्षक (IPS) सुजावल जग्गा, कोतवाली थाना प्रभारी दीपक सिंह चौहान, नौगांव थाना प्रभारी हीरू सिंह रावत सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
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आईजी अनुराग ने ऐतिहासिक भोजशाला का किया निरीक्षण
- फोटो : अमर उजाला
भोजशाला विवाद का इतिहास
भोजशाला का विवाद बहुत पुराना है। यहां दोनों ही समुदाय हिंदू और मुस्लिम अपना अधिकार जताते हैं। हिंदू इसे मां सरस्वती का मंदिर मानते हैं, जबकि मुस्लिम इसे कमाल मौलाना मस्जिद के रूप में देखते हैं। गत वर्ष हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की ओर से याचिका दायर की गई थी, जिसमें मांग की गई थी कि भोजशाला का टाइटल निर्धारित किया जाए। उच्च न्यायालय के आदेश पर आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया द्वारा 98 दिनों तक सर्वे किया गया और रिपोर्ट हाई कोर्ट में सबमिट की गई। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश पर रोक लगा रखी है, इसलिए अब निर्णय का इंतजार किया जा रहा है।
भोजशाला पुरातत्व विभाग के अधीन है। 2003 के आदेश के बाद मंगलवार के दिन हिंदू समुदाय को सूर्योदय से सूर्यास्त तक पूजा करने की अनुमति है, जबकि शुक्रवार के दिन मुस्लिम समाज को जुम्मे की नमाज अदा करने की अनुमति है। बसंत पंचमी पर हिंदू समुदाय को पूजा पाठ करने की विशेष अनुमति दी जाती है।
विवाद तब गहरा जाता है जब बसंत पंचमी शुक्रवार को पड़ती है। प्रशासन को पूजा और नमाज दोनों का समन्वय करना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। पहले भी कई बार ऐसा होने पर स्थिति तनावपूर्ण रही है। इसी कारण 2026 में 23 जनवरी को पड़ रही बसंत पंचमी शुक्रवार के दिन होने के कारण स्थिति फिर से संवेदनशील और तनावपूर्ण होने की संभावना जताई जा रही है।