Indore News:शहर में कुत्तों का खौफ, एक साल में 48 हजार लोगों को शिकार बनाया - Indore News Stray Dog Bite Cases In Indore Reach 48000 In One Year At Lal Hospital
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इंदौर में आवारा कुत्तों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है और स्थिति यह है कि हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट द्वारा समय-समय पर जारी किए गए दिशा निर्देश भी बेअसर साबित हो रहे हैं। रविवार को चार से अधिक क्षेत्रों में पागल कुत्ते के काटने से कई लोग गंभीर घायल हो गए। इस घटना ने एक बार फिर से इंदौर में बढ़ रही कुत्तों की संख्या, प्रशासन द्वारा की जा रही नसबंदी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वर्ष 2025 के आधिकारिक आंकड़े बताते हैं कि शहर में आवारा जानवरों के काटने की घटनाओं में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है।
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लाल अस्पताल से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार पिछले बारह महीनों के दौरान इंदौर में आवारा कुत्तों ने कुल 48 हजार 972 लोगों को अपना शिकार बनाया। इन घायलों में बड़ी संख्या में ऐसे पीड़ित भी शामिल थे जिन्हें एंटी रैबीज इंजेक्शन के साथ-साथ गहरे जख्मों के कारण टांके भी लगवाने पड़े। यह संख्या केवल हुकुमचंद पॉली क्लिनिक की है, जबकि यदि जिले के अन्य सरकारी और निजी अस्पतालों के आंकड़े मिलाए जाएं तो यह संख्या 55 हजार के पार पहुंचने की संभावना है।
बंदर, सांप, चूहों और अन्य जानवरों ने भी किए हमले
हुकुमचंद पॉली क्लिनिक के प्रभारी डॉक्टर आशुतोष शर्मा के मुताबिक वर्ष 2025 में कुत्तों के अलावा अन्य जानवरों का भी आतंक रहा। आंकड़ों के अनुसार पिछले साल बिल्लियों ने 2758, चूहों ने 1362, बंदरों ने 573 और सांपों ने 12 लोगों को काटकर घायल किया। इसके अतिरिक्त अन्य छोटे जीव-जंतुओं के हमले में 154 लोग जख्मी हुए। राहत की बात यह रही कि त्वरित उपचार मिलने से सभी पीड़ितों को किसी भी बड़ी अनहोनी से बचा लिया गया।
घायलों में महिलाएं, बच्चे भी शामिल
विस्तृत आंकड़ों पर नजर डालें तो कुत्तों के हमले का शिकार होने वालों में 31 हजार 269 पुरुष, 8 हजार 976 महिलाएं और 8 हजार 727 नाबालिग बच्चे शामिल हैं। चूहों ने भी शहरवासियों को काफी परेशान किया है, जिनमें 845 पुरुष, 391 महिलाएं और 126 बच्चे शिकार बने। बंदरों के हमले में 320 पुरुष, 162 महिलाएं और 91 बच्चे घायल हुए। सांप के काटने के मामलों में 10 पुरुष, 1 महिला और 1 नाबालिग बच्चा शामिल है। अन्य कीड़ों और जानवरों ने भी 106 पुरुषों, 27 महिलाओं और 21 बच्चों को अपना शिकार बनाया।
सालभर रहा कुत्तों का आतंक
वर्ष 2025 की शुरुआत से ही कुत्तों का हमला जारी रहा। जनवरी में 4535, फरवरी में 4024, मार्च में 4106, अप्रैल में 3881 और मई में 3880 लोग कुत्तों का शिकार बने। जून माह में यह संख्या 3382 रही, जबकि जुलाई में बढ़कर 4461 हो गई। अगस्त में 3630, सितंबर में 3997 और अक्टूबर में 3942 मामले सामने आए। नवंबर में मामूली गिरावट के साथ 2994 केस दर्ज हुए, लेकिन साल के अंतिम माह दिसंबर में यह आंकड़ा सबसे अधिक 4971 तक पहुंच गया।
निजी अस्पतालों के मरीज जोड़ेंगो तो आंकड़ा और भी बढ़ जाएगा
डॉक्टर आशुतोष शर्मा ने स्पष्ट किया कि यह डेटा केवल उन मरीजों का है जो उपचार और इंजेक्शन के लिए लाल अस्पताल पहुंचे। निजी क्लीनिकों और अन्य अस्पतालों में जाने वाले मरीजों की संख्या इसमें शामिल नहीं है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि जमीनी स्तर पर स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।
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