फर्जी नियुक्तियों पर रोक लगाने की पहल:डॉक्यूमेंट्स और पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य, तीन महीने के अंदर होगी जांच - Initiative To Stop Fake Appointments: Document And Police Verification Mandatory.

फर्जी नियुक्तियों पर रोक लगाने की पहल:डॉक्यूमेंट्स और पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य, तीन महीने के अंदर होगी जांच - Initiative To Stop Fake Appointments: Document And Police Verification Mandatory.

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मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के अंतर्गत कुछ कोर्स कोऑर्डिनेटरों द्वारा फर्जी अभिलेखों के आधार पर नियुक्ति प्राप्त किए जाने के मामले सामने आने के बाद समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने सख्त रुख अपनाया है। भविष्य में ऐसी किसी भी अनियमितता को रोकने के उद्देश्य से समाज कल्याण विभाग में आउटसोर्सिंग से जुड़े मामलों में स्पष्ट शासनादेश जारी करने के निर्देश दिए हैं। इसके माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि आउटसोर्सिंग के जरिए की जाने वाली सभी नियुक्तियां पूरी तरह निर्धारित नियमों, मानकों और प्रक्रिया के अनुरूप हों।

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डॉक्यूमेंट्स और पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य
शासनादेश में यह साफ किया जाएगा कि आउटसोर्सिंग के माध्यम से नियुक्त सभी कार्मिकों के शैक्षिक और अन्य जरूरी डॉक्यूमेंट्स की पूरी जांच अनिवार्य होगी। इसके साथ ही सभी कर्मचारियों का पुलिस वेरिफिकेशन भी कराया जाएगा। विज्ञापन विज्ञापन

3 महीने के अंदर होगी मौजूदा कर्मियों की जांच
राज्यमंत्री ने वर्तमान में विभाग में कार्यरत आउटसोर्सिंग कर्मियों के डॉक्यूमेंट्स की भी अगले 3 महीने के अंदर जांच पूरी करने के निर्देश दिए हैं, जिससे किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना न रहे। राज्यमंत्री असीम अरुण ने कहा कि समाज कल्याण विभाग में किसी भी तरह की गड़बड़ी स्वीकार नहीं की जाएगी। आउटसोर्सिंग के माध्यम से की जाने वाली सभी नियुक्तियां पूरी तरह पारदर्शी और नियमों के अनुसार होंगी। जहां भी अनियमितता मिलेगी, वहां सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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