Iran Protests Trump News Update,ईरान के अस्पताल में लाशों का ढेर, प्रदर्शनकारियों से क्रूरता, ट्रंप प्रशासन कर रहा हमले पर विचार, खामनेई सरकार पर संकट - us donald trump preliminary plans for attack on iran amid protest bodies piled up in tehran hospitals - America News

Iran Protests Trump News Update,ईरान के अस्पताल में लाशों का ढेर, प्रदर्शनकारियों से क्रूरता, ट्रंप प्रशासन कर रहा हमले पर विचार, खामनेई सरकार पर संकट - us donald trump preliminary plans for attack on iran amid protest bodies piled up in tehran hospitals - America News
तेहरान/वॉशिंगटन:

ईरान की सरकार ने प्रदर्शनकारियों को बेरहमी से कुचलना शुरू कर दिया है। रिपोर्ट्स में अभी तक 78 लोगों की मौत की जानकारी सामने आ रही है। जबकि चश्मदीदों का कहना है कि मृतकों की संख्या काफी ज्यादा है। सीएनएन ने एक चश्मदीद के हवाले से बताया है कि राजधानी तेहरान के अस्पताल में 'लाशों का ढेर' देखा गया है। सीएनएन ने 60 साल की एक महिला और 70 साल के एक चश्मदीद के हवाले से बताया है कि गुरुवार और शुक्रवार को उन्होंने ईरान की राजधानी में हर उम्र के प्रदर्शनकारियों को देखा है। इसके अलावा उन्होंने बताया है कि शुक्रवार रात को मिलिट्री राइफलें लहराते हुए सुरक्षा बलों ने "कई लोगों" को मार डाला है।

ईरान में 28 दिसंबर से ये विरोध प्रदर्शन शुरू हुए हैं, जो अब 100 से ज्यादा शहरों में फैल चुका है। चूंकी देश में खतरनाक स्तर पर प्रदर्शन हो रहे हैं, हजारों लोग सड़कों पर हैं, इसलिए प्रदर्शनकारियों की आवाज को दबाना सरकार के लिए मुश्किल साबित हो रहा है। वहीं, द न्यूयॉर्क पोस्ट ने वॉल स्ट्रीट जर्नल के हवाले से बताया है कि ट्रंप प्रशासन ईरान पर हमले के लिए शुरूआती योजना पर काम कर रहा है। इसमें ईरान में कई जगहों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले करने का ऑप्शन भी शामिल है। ट्रंप प्रशासन इस बात पर भी विचार कर रहा है कि ईरान में किन किन जगहों पर हमला किया जाए।
Death toll in violence surrounding protests challenging Iran's theocracy reaches 116, activists say.
ईरान पर हमला कर सकता है अमेरिका
रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान के कई मिलिट्री ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले का अभियान, एक ऑप्शन है जिस पर विचार किया जा रहा है। हांलांकि वाशिंगटन अभी तक किसी एक्शन प्लान पर सहमत नहीं हुआ है। अंदरूनी सूत्रों ने बताया कि संभावित हमले के लिए फिलहाल कोई मिलिट्री उपकरण या जवान नहीं भेजे गए हैं। रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि "बातचीत से ऐसा नहीं लगता कि अमेरिका हमला करेगा, सूत्रों ने बताया कि यह प्लानिंग रूटीन है।" लेकिन अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने शनिवार को कहा कि अमेरिका ईरान के लोगों का समर्थन करता है। दूसरी तरफ, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को यह धमकी दोहराई थी कि अगर ईरानी सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को मारा तो वह ईरान पर हमला करेंगे। इसके अलावा ट्रंप ने ताजा बयान में कहा है कि वो ईरान में खामेनेई सरकार को हटाने के लिए हो रहे प्रदर्शन में मदद करने के लिए तैयार हैं।डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में इशारा किया कि "अगर तेहरान प्रदर्शनकारियों को मारना जारी रखता है, तो अमेरिका जवाबी कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है।" उन्होंने शनिवार को लिखा कि "ईरान आजादी की तरफ देख रहा है और शायद इतना बड़ा प्रदर्शन पहले कभी नहीं देखा गया होगा।" उन्होंने आगे कहा कि "अमेरिका मदद के लिए तैयार है!!!" ईरान पर अमेरिका ने इससे पहले पिछले साल जून में हमला किया था और उस दौरान ईरान के तीन अंडरग्राउंड परमाणु स्थलों पर 6 बंकर बस्टर बम गिराए गये थे। अब ईरान ने मानना शुरू किया है कि अमेरिका के हमले में उसके परमाणु स्थल बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं।
Protests in Iran
शुक्रवार रात को सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने टेलीविजन पर एक भाषण देकर देश को संबोधित किया था। उसके बाद से ही प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसा शुरू हो गई है। सीएनएन को एक प्रदर्शनकारी ने बताया है कि "दुख की बात है कि हमें यह सच्चाई माननी पड़ सकती है कि यह सरकार, बाहरी ताकत के बिना हार मानकर सत्ता नहीं छोड़ेगी।" ईरान के गृह मंत्री एस्कंदर मोमेनी ने "कुछ कमियों" को माना है, लेकिन शनिवार को सरकारी टेलीविजन पर उन्होंने कहा कि ईरानियों के लिए "बेहतर आर्थिक भविष्य" आने वाला है। अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी (HRANA) ने शनिवार को अनुमान लगाया है कि पिछले 14 दिनों के प्रदर्शन में कम से कम 78 प्रदर्शनकारी मारे गए हैं।

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