Jalore: Sog Files Case Against Accused Who Became Pti With Fake Degree - Jalore News
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जालोर जिले में शारीरिक शिक्षा अध्यापक (पीटीआई) भर्ती से जुड़ा एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने फर्जी डिग्री और डमी अभ्यर्थी के जरिए परीक्षा पास कर सरकारी नौकरी हासिल करने के मामले में आरोपी रिड़मल राम देवासी निवासी अरणाय के खिलाफ धोखाधड़ी, राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम सहित करीब दस धाराओं में मामला दर्ज किया है। खास बात यह है कि इस प्रकरण में पहली बार फर्जी डिग्री जारी करने वाली यूनिवर्सिटी को भी आरोपी बनाया गया है।
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विस्तृत आवेदन पत्र के हस्ताक्षरों में स्पष्ट अंतर
एसओजी की जांच में सामने आया कि राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड, जयपुर द्वारा आयोजित शारीरिक शिक्षा अध्यापक सीधी भर्ती परीक्षा-2022 में रिड़मल राम ने स्वयं परीक्षा नहीं दी। उसने 25 सितंबर 2022 को जयपुर के ब्रह्मपुरी स्थित राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल परीक्षा केंद्र पर दोनों पारियों में एक डमी अभ्यर्थी को परीक्षा में बैठाया था। जांच के दौरान आवेदन पत्र, प्रवेश पत्र, उपस्थिति पत्रक, ओएमआर शीट और चयन के बाद भरे गए विस्तृत आवेदन पत्र के हस्ताक्षरों में स्पष्ट अंतर पाया गया।
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एमपी से निकला ये कनेक्शन
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आवेदन के समय रिड़मल राम ने मध्य प्रदेश के सागर स्थित स्वामी विवेकानंद विश्वविद्यालय से बीपीएड डिग्री का परिणाम लंबित होना बताया था, जबकि दस्तावेज सत्यापन के दौरान उसने भोपाल स्थित श्री सत्य साईं यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मेडिकल साइंसेज की बीपीएड डिग्री प्रस्तुत की। डिग्री और हस्ताक्षरों में गड़बड़ी पाए जाने पर एसओजी ने उसे आरोपी (रिस्पॉन्सिबल पर्सन) मानते हुए मामला दर्ज किया।
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चयन के बाद रिड़मल राम ने बाड़मेर जिले का चयन किया और 30 सितंबर 2023 को धनाऊ ब्लॉक के लिचिया बेरा स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में पीटीआई पद पर कार्यभार ग्रहण किया। कर्मचारी चयन बोर्ड की शिकायत पर चल रही जांच के आधार पर शिक्षा विभाग ने 16 जनवरी 2025 को उसे सेवा से बर्खास्त कर दिया था।
अब एसओजी ने फर्जीवाड़े की पुष्टि होने के करीब एक वर्ष बाद प्रकरण दर्ज कर मामले की जांच एएसपी, एसओजी को सौंपी है। एसओजी इस पूरे नेटवर्क में शामिल अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।