इतिहास से छेड़छाड़ का आरोप:जम्मू कभी डोगरों का राज्य नहीं रहा, मंत्री जावेद राणा के बयान से सियासी भूचाल - Jammu Was Never A Dogras' Kingdom, Minorities Cannot Rule Over The Majority.

इतिहास से छेड़छाड़ का आरोप:जम्मू कभी डोगरों का राज्य नहीं रहा, मंत्री जावेद राणा के बयान से सियासी भूचाल - Jammu Was Never A Dogras' Kingdom, Minorities Cannot Rule Over The Majority.

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अलग जम्मू राज्य की मांग को लेकर राजनीतिक बहस के बीच उमर सरकार के कैबिनेट मंत्री जावेद अहमद राणा के एक बयान ने सर्द मौसम में सियासी पारा चढ़ा दिया है। उन्होंने कहा कि जम्मू कभी डोगरों का राज्य नहीं रहा और अल्पसंख्यक बहुसंख्यकों पर शासन नहीं कर सकते। यह केवल राजनीतिक तर्क नहीं बल्कि कानून और प्रकृति का भी नियम है।

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राणा ने जोर देते हुए कहा कि यदि अलग जम्मू राज्य बनाए जाने की बात होती भी है तो उसमें न तो कश्मीर शामिल होगा और न ही पीर पंजाल और चिनाब क्षेत्र। उन्होंने उन दावों को सिरे से खारिज किया जिनमें कहा जा रहा है कि जम्मू डोगरों का राज्य रहा है और उसी आधार पर अलग राज्य की सीमाएं तय की जानी चाहिए। राणा ने कहा कि जम्मू कभी भी पूरी तरह डोगरों का राज्य नहीं रहा और इतिहास को तोड़-मरोड़ कर पेश किया जा रहा है। विज्ञापन विज्ञापन

मंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि कुछ लोग कनक मंडी (जम्मू शहर की प्रमुख मंडी) से पूरे राज्य को चलाने का सपना देख रहे हैं। ये जमीनी हकीकत से कोसों दूर है। भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि अलग जम्मू राज्य जैसी मांगें न तो व्यावहारिक हैं और न ही इनका कोई ठोस राजनीतिक आधार है। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि अलग जम्मू राज्य की मांग के नाम पर समाज को बांटने की कोशिश की जा रही है।

बता दें कि बीते कुछ दिनों से जम्मू में हिंदूवादी संगठनों समेत कई सामाजिक संगठनों की ओर से अलग जम्मू राज्य की मांग को लेकर गतिविधियां तेज हुई हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मंत्री राणा के इस बयान के बाद राज्य के मुद्दे पर सियासी हलचल और तेज हो सकती है।

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