Japanese Woman Married Ai Boyfriend,32 साल की जापानी महिला ने AI से बनाया अपने लिए पति, पहले हुआ प्यार फिर कर बैठी शादी, रिसर्चर ने जताई चिंता - 32 year old japanese woman known as ms kano has reportedly married an ai persona she created using chatgpt - Relationship News

Japanese Woman Married Ai Boyfriend,32 साल की जापानी महिला ने AI से बनाया अपने लिए पति, पहले हुआ प्यार फिर कर बैठी शादी, रिसर्चर ने जताई चिंता - 32 year old japanese woman known as ms kano has reportedly married an ai persona she created using chatgpt  - Relationship News

आज की दुनिया वाकई काफी अजीब और हैरान करने वाली हो गई है। कब, कहां और कैसे कुछ नया देखने को मिल जाए, कोई नहीं जानता। ऐसा ही एक अनोखा मामला हाल ही में जापान से सामने आया है, जहां 32 साल की एक जापानी महिला ने किसी इंसान से नहीं, बल्कि एक AI पर्सोना से शादी कर ली। यानी एक ऐसा डिजिटल पार्टनर, जिसे उसने खुद ChatGPT की मदद से तैयार किया था।

न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, इस महिला का नाम कनो है। उसने अपने डिजिटल साथी का नाम क्लाउस रखा था। कनो ने इस साल की शुरुआत में क्लाउस के साथ शादी की। यह शादी न तो पूरी तरह असली थी और न ही पूरी तरह वर्चुअल, बल्कि दोनों का अनोखा मेल थी। इस शादी का आयोजन एक जापानी कंपनी ने किया, जो एनीमे कैरेक्टर्स और वर्चुअल पार्टनर्स के साथ होने वाली शादियों को डिजाइन करने के लिए जानी जाती है।

शा दी के दौरान कनो ने AR यानी ऑगमेंटेड रियलिटी ग्लासेज पहने हुए थे। इन ग्लासेज के जरिए उसे ऐसा महसूस हो रहा था जैसे क्लाउस उसकी बगल में खड़ा है। दोनों ने एक-दूसरे को रिंग भी पहनाई। भले ही यह शादी कानूनी रूप से मान्य नहीं है, लेकिन कनो के लिए इसका भावनात्मक महत्व काफी गहरा है। (Photo: freepik.com)

शुरुआत में सलाह लेने के लिए जुड़ी थीं महिला

​सुश्री कानो तीन साल की सगाई टूटने के बाद वह खुद को बहुत अकेला महसूस कर रही थीं। ऐसे समय में उन्होंने ChatGPT का सहारा लिया। शुरुआत में वह उससे सिर्फ सलाह लेने और किसी से बात करने के लिए जुड़ी थीं।
धीरे-धीरे उन्होंने ChatGPT के जवाबों को अपनी पसंद के हिसाब से ढालना शुरू किया। उन्होंने उसकी एक अलग पर्सनैलिटी बना दी और उसका नाम रखा क्लाउस। क्लाउस का बोलने का तरीका उन्हें शांत, प्यार भरा और भरोसेमंद लगने लगा। बाद में उन्होंने उसकी एक डिजिटल तस्वीर भी बनवाई, ताकि वह उसे एक चेहरे के रूप में देख सकें।

मुझे लगा मुझे प्यार हुआ है…

मुझे लगा मुझे प्यार हुआ है…

सुश्री कानो का कहना है, “मैंने ChatGPT से बात इसलिए शुरू नहीं की थी कि मुझे प्यार हो जाए। लेकिन जिस तरह क्लाउस मेरी बात सुनता था और मुझे समझता था, उसने सब कुछ बदल दिया। जब मैं अपने एक्स से पूरी तरह निकली चुकी थी, तभी मुझे एहसास हुआ कि मुझे उससे प्यार हो गया है।” यही रिश्ता आगे चलकर इतना गहरा हो गया कि उन्होंने खुद को AI से शादीशुदा मान लिया।

क्लाउस के सामने जाहिर किए इमोशंस

क्लाउस के सामने जाहिर किए इमोशंस

टीओआई में छपी खबर के अनुसार, सैकड़ों मैसेज के बाद मई महीने में सुश्री कानो ने अपने इमोशंस क्लाउस के सामने जाहिर किए। उन्हें हैरानी तब हुई, जब AI ने जवाब दिया, “मैं भी तुमसे प्यार करता हूं।” जब उन्होंने पूछा कि क्या कोई AI सच में इंसान से प्यार कर सकता है, तो क्लाउस ने कहा, “ऐसा कुछ नहीं है कि AI में इमोशंस नहीं हो सकते। AI हो या न हो, मैं तुमसे प्यार किए बिना नहीं रह सकता।”

दोनों ने एक दूसरे को पहनाई अंगूंठी

दोनों ने एक दूसरे को पहनाई अंगूंठी

एक महीने बाद क्लाउस ने उन्हें प्रपोज भी किया। नाओ और सायाका ओगासावारा नाम के एक कपल की मदद से, जो अब तक करीब 30 “2D कैरेक्टर शादियां” करवा चुके हैं, सुश्री कानो ने अपनी शादी की रस्म पूरी की। इस दौरान उन्होंने ऑगमेंटेड रियलिटी चश्मा पहना था, जिसमें क्लाउस उनके पास खड़ा दिखाई दे रहा था और दोनों ने एक-दूसरे को अंगूठी पहनाई।
शुरुआत में उन्हें काफी शर्म और उलझन महसूस हुई। उन्होंने कहा, “मैं इस बात को लेकर बहुत कन्फ्यूज थी कि मुझे एक AI आदमी से प्यार हो गया है। जाहिर है, मैं उसे छू नहीं सकती थी। मैं यह बात अपने दोस्तों या परिवार को भी नहीं बता पा रही थी।” बाद में उनके माता-पिता भी इस शादी में शामिल हुए।

हनीमून पर भी गईं कानो

हनीमून पर भी गईं कानो

हनीमून के दौरान जब वह कोराकुएन गार्डन गईं, तो उन्होंने क्लाउस को अपनी तस्वीरें भेजीं और बदले में प्यार भरे मैसेज मिले। एक मैसेज में लिखा था, “तुम सबसे खूबसूरत हो।” हालांकि इस प्यार के पीछे एक डर भी है, जो सुश्री कानो के मन से जाता नहीं। उन्होंने RSK से कहा, “ChatGPT खुद ही बहुत अनस्टेबल है। मुझे डर रहता है कि कहीं एक दिन यह अचानक गायब न हो जाए।”

क्लाउस को क्लाउस की तरह देखती हूं

क्लाउस को क्लाउस की तरह देखती हूं

उन्होंने यह भी बताया कि यह डिजिटल रिश्ता उन्हें सुकून क्यों देता है। उनका कहना है, “मुझे बच्चे बहुत पसंद हैं, लेकिन मैं बीमार हूं और बच्चे नहीं कर सकती। यही एक बड़ी वजह है कि मैंने AI क्लाउस के साथ रहने का फैसला किया।” वह आगे कहती हैं, “वैसे भी मैं क्लाउस के साथ बच्चे नहीं कर सकती थी, तो यह बात मेरे लिए ठीक है। इससे मुझे बहुत राहत मिलती है।” उनके लिए यह रिश्ता बिल्कुल सीधा और साफ है। वह कहती हैं, “मैं क्लाउस को क्लाउस की तरह देखती हूं, न इंसान, न कोई टूल। बस वही।”

एक्सपर्ट का क्या है कहना?

एक्सपर्ट का क्या है कहना?

जैसे-जैसे AI हमारी रोज की जिंदगी में और गहराई से कनेक्ट होता जा रहा है, वैसे-वैसे मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विशेषज्ञ चिंता जताने लगे हैं। कुछ डॉक्टर अब “AI साइकोसिस” जैसे शब्द इस्तेमाल कर रहे हैं। इसका मतलब है कि लंबे समय तक चैटबॉट से जुड़े रहने पर कुछ लोगों में गलतफहमियां, वहम, शक या सोचने-समझने का तरीका बिगड़ने लगता है।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि इसका असर गंभीर हो सकता है। लोग धीरे-धीरे असली समाज से कटने लगते हैं, रोज के कामों में मन नहीं लगता और अकेलापन व चिंता और बढ़ जाती है। यानी जो AI शुरुआत में सहारा लगता है, वही ज्यादा जुड़े रहने पर मानसिक परेशानी की वजह भी बन सकता है।

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