Job With Business:नौकरी के साथ साइड बिजनेस करना चाहते हैं? उतार-चढ़ाव के लिए खुद को ऐसे करें तैयार - Planning A Side Business With A Job? Be Ready To Face Risks And Ups And Downs
विस्तार Follow Us
Business Risks: आज कई लोग अपनी नियमित नौकरी के साथ अतिरिक्त काम भी कर रहे हैं, कोई इसे शौक के लिए करता है, तो कोई अतिरिक्त कमाई और भविष्य की आर्थिक सुरक्षा के लिए। कई बार यही पार्ट टाइम काम आगे चलकर फुल-टाइम बिजनेस बन जाता है। लेकिन एक साथ दो जिम्मेदारियां निभाना आसान नहीं होता। इसी वजह से आज के युवा ज्यादा आजादी, समय का लचीलापन और अपने काम पर बेहतर नियंत्रण पाने के लिए नौकरी छोड़कर फ्रीलांसिंग या बिजनेस करने की सोचते हैं। हालांकि नौकरी छोड़ना एक बड़ा और जोखिम भरा फैसला है। अगर यह बिना सोच-समझे लिया जाए, तो आगे चलकर प्रछतावा हो सकता है। इसलिए यह कदम उठाने से पहले खुद से कुछ जरूरी सवाल पूछना बहुत जरूरी है।
और पढ़ें
Trending Videos
यह वीडियो/विज्ञापन हटाएं
अतिरिक्त आय के लाभ समझें
सबसे पहले खुद से पूछें कि क्या आपकी पार्ट-टाइम कमाई स्थिर है और धीरे-धीरे बढ़ रही है। अभी पार्ट-टाइम की कमाई आपके वेतन के बराबर होना जरूरी नहीं है। लेकिन इसमें भविष्य में बढ़ने की स्पष्ट संभावना दिखनी चाहिए। अंगर, काम बढ़ने पर भी आप उसे अच्छे से संभाल पा रहे हैं और कुशलता से काम कर रहे हैं, तो आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ा जा सकता है। खासकर तब, जब ऑटोमेशन टूल्स आपकी उत्पादकता बढ़ाकर कम समय में ज्यादा काम करने में मदद कर रहे हों।
विज्ञापन विज्ञापन
खुद को परखें
इसके बाद खुद से यह सवाल करें कि क्या आपके खास कौशल से ऐसा मूल्य पैदा हो रहा है, जिसकी अहमियत आपके मौजूदा वेतन से कई गुना ज्यादा है। अगर कंपनी या सहकर्मी आपके काम से लगातार बेहतरीन और स्पष्ट नतीजे पा रहे हैं, तो यह साफ है कि आपकी विशेषज्ञता आपकी वर्तमान भूमिका से कहीं अधिक है।
पूंजी की जांच करें
नौकरी छोड़ने से पहले सिर्फ पैसों की बचत नहीं, बल्कि सही तरह की पूंजी होना भी जरूरी है। इसमें साख पूंजी शामिल है, यानी आपके काम और उसके नतीजों पर लोगों का भरोसा। साथ ही संबंध पूंजी, यानी ऐसा नेटवर्क या सहयोगी जो जरूरत पड़ने पर आपका साथ दे सके। इसके अलावा बौद्धिक पूंजी भी अहम है-जैसे ऐसे प्रोडक्ट्स, आइडिया या सिस्टम जो आपकी मौजूदगी के बिना भी लगातार कमाई कर सकें।
भावनाओं पर नियंत्रणा हो
अपना काम शुरू करते समय खुद पर शक होना. अकेलापन महसूस करना या चिंता में रहना बिल्कुल सामान्य है। ये भावनाएं आपको असमंजस में डाल सकती है। इसलिए इस बदलाव के दौर में अपनी भावनाओं को संभालने के तरीके अपनाएं, अनुभवी मेंटर्स से मार्गदर्शन लें और ऐसे समूह से जुड़ें, जो आपको मानसिक रूप से मजबूत और प्रेरित बनाए रखे।
लक्ष्य को लेकर जुनूनी है?
आखिरी सवाल यह है कि क्या आप सिर्फ पैसों के पीछे हैं या अपने लक्ष्य को लेकर सच में जुनूनी हैं। जब आपका फोकस कमाई से ज्यादा किसी समस्या को हल करने पर होता है, तो आप लगातार सीखते और नया करते रहते हैं। लक्ष्य जितना स्पष्ट होगा, उत्तनी ही आसानी से आप भटकाने वाली चीजों से दूर रह पाएंगे।