Kanpur:डीसीपी क्राइम बोल रहा हूं... अश्लील वीडियो देखते हो कहकर ठगने वाले तीन गिरफ्तार - Kanpur: Three Fraudsters Arrested

Kanpur:डीसीपी क्राइम बोल रहा हूं... अश्लील वीडियो देखते हो कहकर ठगने वाले तीन गिरफ्तार - Kanpur: Three Fraudsters Arrested

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मोबाइल पर अश्लील वीडियो देखने का आरोप लगाकर धमकाने वाले तीन साइबर ठगों को सचेंडी पुलिस और साइबर क्राइम टीम ने गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी खुद को डीसीपी क्राइम या क्राइम ब्रांच का इंस्पेक्टर बताकर लोगों से वसूली कर रहे थे। आरोपियों के कब्जे से कई मोबाइल फोन, विभिन्न बैंकों के एटीएम कार्ड, 17 सिम कार्ड और कूटरचित आधार कार्ड बरामद हुए हैं। और पढ़ें loader Trending Videos यह वीडियो/विज्ञापन हटाएं

पुलिस कार्यालय के सभागार में रविवार को हुई प्रेस वार्ता में डीसीपी वेस्ट एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों में कानपुर देहात के गजनेर थाना क्षेत्र के बलरामपुर का अरविंद सिंह, सचेंडी का अनुराग सिंह और विकास सिंह शामिल हैं। अरविंद व अनुराग स्नातक पास हैं जबकि विकास पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहा है। सभी को सचेंडी के भौमेश्वर इलाके से पकड़ा गया है। इनके खिलाफ पहले भी साइबर ठगी के मामले दर्ज हैं। आरोपियों को रविवार को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है। विज्ञापन विज्ञापन

डीसीपी ने बताया कि आरोपियों ने कई लोगों को 7523801201 व अन्य मोबाइल नंबरों से फोन किया था। खुद को क्राइम ब्रांच का अधिकारी या इंस्पेक्टर बताकर मोबाइल पर अश्लील वीडियो देखने पर गिरफ्तारी करने की धमकी देते। गिरफ्तारी और जेल जाने के डर से लोग उनके झांसे में आ जाते। आरोपी यूपीआई, क्यूआर कोड और बैंक खातों के जरिये रुपये वसूल कर लेते। आरोपियों ने पीड़ितों से उनकी हैसियत के हिसाब से हजारों लाखों रुपये ठगे हैं। पुलिस ने इनकी गिरफ्तारी के बाद ठगी से जुड़े विभिन्न बैंक खातों में करीब आठ लाख रुपये की रकम होल्ड कराई है। इन आरोपियों के खिलाफ बीते दिनों गौतमबुद्धनगर की पलक श्रीवास्तव, लखनऊ के रमेश कश्यप, देहरादून के कुलदीप कमल, यूपी से जाहिद हुसैन, दिल्ली से महक शाहदर, महाराष्ट्र से नेहा निंबो, वाराणसी से शिवानी गौड़, राजस्थान से मुस्कान सेन और गाजियाबाद से पवन चौहान ने साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी।

खेतों में या पानी की टंकियों पर चढ़कर करते हैं कॉल
पुलिस के अनुसार शातिर गांव में खेतों में पेड़ों पर बैठकर या पानी की टंकियों पर चढ़कर ठगी के लिए कॉल करते हैं। इसके पीछे इनकी मंशा यह होती है कि अगर कोई संदिग्ध या पुलिसकर्मी इनके पास आएगा तो यह फोन तोड़कर फेंक दें। उनके पकड़े जाने पर सबूत मिलने की गुंजाइश नहीं रहेगी।

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