Kapil Sibal:'चुनाव आते ही ईडी को याद आते हैं दस्तावेज', कपिल सिब्बल बोले- विपक्ष को डराने का औजार बनी एजेंसी - Kapil Sibal Said Ed Remembers The Documents Only When Elections Are Around The Corner News In Hindi

Kapil Sibal:'चुनाव आते ही ईडी को याद आते हैं दस्तावेज', कपिल सिब्बल बोले- विपक्ष को डराने का औजार बनी एजेंसी - Kapil Sibal Said Ed Remembers The Documents Only When Elections Are Around The Corner News In Hindi

विस्तार Follow Us

पश्चिम बंगाल में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) कार्रवाई को लेकर राज्य से लेकर देशभर की राजनीति में गर्माहट तेज है। इसी बीच इस कार्रवाई को लेकर राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि चुनाव आते ही जांच एजेंसियों को अचानक दस्तावेजों की याद आ जाती है और इसका मकसद सिर्फ विपक्षी नेताओं को परेशान करना होता है। पत्रकारों से बातचीत के दौरान सिब्बल ने पश्चिम बंगाल में ईडी की कार्रवाई का मामला उठाया।

और पढ़ें loader Trending Videos यह वीडियो/विज्ञापन हटाएं

उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में जहां भाजपा चुनाव नहीं जीत सकती, वहां ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को परेशान करने के लिए ईडी का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि कोई भी जांच एजेंसी किसी दफ्तर में जाकर सभी फाइलें कैसे ले जा सकती है। अगर कोयला घोटाले की जांच करनी है तो उससे जुड़ी फाइलें लें, लेकिन हर फाइल ले जाना किस अधिकार में है? किसी भी जांच एजेंसी को ऐसा करने का हक नहीं है। विज्ञापन विज्ञापन

ये भी पढ़ें:- Greenland: 'हम अमेरिकी नहीं बनेंगे', ग्रीनलैंड के पांच सियासी दलों की ट्रंप को दो टूक; डेनमार्क को भी सुनाया

विपक्षी नेताओं को डराने के लिए हो रहा ईडी का इस्तेमाल- सिब्बल
कपिल सिब्बल ने ईडी को एक सर्वव्यापी एजेंसी की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य कानून लागू करना नहीं, बल्कि विपक्षी नेताओं को डराना और परेशान करना है। उन्होंने केंद्र और राज्य के बीच बढ़ते टकराव का जिक्र करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में राज्य और केंद्र के बीच जानबूझकर विवाद पैदा किया जा रहा है।


चुनाव के समय ही ऐसी कार्रवाई क्यों होती है- सिब्बल
सिब्बल ने आगे कहा कि चुनाव के समय ही ऐसी कार्रवाइयां क्यों तेज हो जाती हैं। कोयला घोटाला कोई नया मामला नहीं है, यह कई वर्षों से चल रहा है। फिर अब ही अचानक कार्रवाई क्यों? राज्यसभा सांसद ने यूपीए सरकार के कार्यकाल (2004 से 2014) को याद करते हुए कहा कि उस समय इस तरह की खबरें अखबारों में नहीं आती थीं। उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार ने ईडी को इतनी खुली छूट नहीं दी थी। उस दौर में किसी भी राजनीतिक पार्टी या नेता के खिलाफ झूठी जानकारी के आधार पर कार्रवाई नहीं की गई।

ये भी पढ़ें:- ईरान में क्यों भड़का देशव्यापी प्रदर्शन?: महंगाई से शुरू आंदोलन, कैसे विद्रोह में तब्दील; जानिए अभी तक क्या हुआ

ईडी पर लगाए गंभीर आरोप
सिब्बल ने आरोप लगाते हुए कहा कि आज ईडी एक ऐसी एजेंसी बन गई है जो देश में कहीं भी, कभी भी पहुंच जाती है। उन्होंने कहा कि जब भी कहीं कोई एफआईआर दर्ज होती है, ईडी वहां पहुंच जाती है और खासतौर पर चुनाव के समय उसकी सक्रियता बढ़ जाती है। इससे देश की संघीय व्यवस्था (फेडरल स्ट्रक्चर) को नुकसान पहुंच रहा है।

अन्य वीडियो
विज्ञापन विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking headlines from India News and more reports in Hindi.

View Original Source