Linguistic Equality Will Be Strengthened By Giving Global Status To Hindi Language: Dr. Harishankar Mishra - Lucknow News
लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय के पूर्व आचार्य डॉ. हरिशंकर मिश्र ने कहा कि यदि हिंदी को संयुक्त राष्ट्रसंघ में अधिकृत भाषा का दर्जा मिलता है तो करोड़ों हिंदी भाषियों को वैश्विक मंच पर सीधा प्रतिनिधित्व मिलेगा। भाषायी समानता और लोकतांत्रिक सहभागिता को बल मिलेगा। मौका था न्यू हैदराबाद स्थित उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान के सभागार में शुक्रवार को ‘संयुक्त राष्ट्र संघ में हिंदी भाषा की अधिकृत मान्यता की सम्भावनाएं’ विषय पर संस्कृत संगोष्ठी का। वक्ता डॉ. रीता तिवारी बताया कि संयुक्त राष्ट्र संघ में हिंदी भाषा को अधिकारिक भाषा का दर्जा प्राप्त होना चाहिए। वक्ता डॉ. विनोद कुमार मिश्र ने कहा कि हिंदी विश्व की तीसरी सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है। विडंबना है कि संयुक्त राष्ट्रसंघ की छह आधिकारिक भाषाओं अंग्रेजी, फ्रेंच, स्पेनिश, रूसी, अरबी और चीनी में हिंदी सम्मिलित नहीं है। वक्ता डॉ. पंकज प्रसून कहा कि हिंदी को विश्वभाषा बनाने से पहले राष्ट्रभाषा बनाने का आंदोलन करना होगा।

न्यू हैदराबाद स्थित उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान के सभागार में शुक्रवार को ‘संयुक्त राष्ट्र संघ

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न्यू हैदराबाद स्थित उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान के सभागार में शुक्रवार को ‘संयुक्त राष्ट्र संघ

न्यू हैदराबाद स्थित उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान के सभागार में शुक्रवार को ‘संयुक्त राष्ट्र संघ

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