Lunch With Rekha Gupta:कूड़े के पहाड़ों से लेकर सिविक सेंस तक, युवाओं के सवालों पर Cm ने रखा सरकार का रोडमैप - Chief Minister Rekha Gupta Said That The Youth Are The Real Backbone Of A Developed Delhi
विस्तार Follow Us
राष्ट्रीय युवा दिवस की पूर्व संध्या पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि विकसित दिल्ली की असली रीढ़ युवा हैं। कहा कि संवाद, सहयोग तथा संकल्प के बिना राजधानी के विकास का सपना पूरा नहीं हो सकता। रविवार को दिल्ली के युवाओं के साथ आयोजित विशेष संवाद कार्यक्रम लंच विद रेखा गुप्ता में मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि युवा केवल समस्याएं गिनाने तक सीमित न रहकर समाधान का हिस्सा बनें तो न सिर्फ दिल्ली बल्कि पूरे देश की सूरत बदली जा सकती है।
और पढ़ें
Trending Videos
यह वीडियो/विज्ञापन हटाएं
संवाद में मुख्यमंत्री ने युवाओं के विचार, सवाल और सुझाव सुने और अपने 11 माह के कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत करते हुए ‘विकसित दिल्ली’ का रोडमैप साझा किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी विवेकानंद जी की जयंती युवाओं की ऊर्जा, सोच और राष्ट्र निर्माण की भावना का प्रतीक है। इसी भावना के साथ सरकार युवाओं से संवाद कर रही है ताकि नीतियां जमीन से जुड़ी हों।
विज्ञापन
विज्ञापन
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली के विकास में युवाओं की सक्रिय भागीदारी बेहद जरूरी है। इसी उद्देश्य से बीते 11 वर्षों की नीतियों, वर्तमान सरकार के 11 महीनों के काम और आगामी 11 वर्षों के विजन पर खुली चर्चा की गई। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे सरकार के कार्यों पर बेझिझक सवाल करें, कमियों की ओर ध्यान दिलाएं और यह भी बताएं कि वे आने वाले वर्षों में दिल्ली को किस रूप में देखना चाहते हैं।
युवा प्रतिनिधि प्रफुल्ल गर्ग ने गाजीपुर, भलस्वा और ओखला के कूड़े के पहाड़ों का मुद्दा उठाया। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में प्रतिदिन 10-11 हजार मीट्रिक टन कूड़ा निकलता है। पिछली सरकारों के दौरान बायो-माइनिंग की क्षमता सीमित थी, लेकिन मौजूदा सरकार ने ड्रोन सर्वे, मशीनरी विस्तार और टाइम-बाउंड डेडलाइंस के जरिए इसे तीन गुना बढ़ाकर 30-35 हजार मीट्रिक टन प्रतिदिन कर दिया है। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि 2026 के अंत तक दो बड़े कूड़े के पहाड़ पूरी तरह खत्म कर दिए जाएंगे।
30 युवाओं ने संवाद कार्यक्रम में लिया भाग
करीब 30 युवाओं ने संवाद में भाग लिया, जिनमें सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर और सामाजिक कार्यकर्ता भी शामिल थे। युवाओं ने जेन-जेड की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए ऐसे संवाद और बढ़ाने की मांग की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना है कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाया जाए और दिल्ली सरकार उसी विजन के अनुरूप काम कर रही है। पशु कल्याण से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार किसी भी तरह की क्रूर नीति में विश्वास नहीं करती। सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के तहत स्ट्रीट डॉग्स के लिए स्टेरलाइजेशन, वैक्सीनेशन और पशु चिकित्सालयों के पुनर्जीवन पर काम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री के लिए दिन रात का फर्क खत्म
मुख्यमंत्री ने अपनी दिनचर्या साझा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री बनने के बाद दिन-रात का फर्क खत्म हो जाता है। सुबह 5:30 बजे से देर रात तक वे प्रशासनिक, नीतिगत और जनसंपर्क के कार्यों में व्यस्त रहती हैं। मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि दिल्ली की हर समस्या का समाधान जन-भागीदारी में ही छिपा है। सरकार और जनता जब एक साथ काम करेंगे तभी स्वच्छ, सुरक्षित और विकसित दिल्ली का सपना साकार होगा।