Magh Mela 2026: कौन हैं ‘रुद्राक्ष वाले मौनी बाबा’? जो शरीर पर 43 किलो के रुद्राक्ष धारण कर तैयार करेंगे अद्भुत शिवलिंग
धर्म-कर्म Magh Mela 2026: कौन हैं ‘रुद्राक्ष वाले मौनी बाबा’? जो शरीर पर 43 किलो के रुद्राक्ष धारण कर तैयार करेंगे अद्भुत शिवलिंग
Magh Mela 2026 में ‘रुद्राक्ष वाले बाबा’ शिवयोगी अभय चैतन्य मौनी महाराज 5.5 करोड़ रुद्राक्षों से 11 फीट ऊंचा भव्य शिवलिंग बनाएंगे. जानें उनके महा-संकल्प और अनुष्ठान की पूरी जानकारी.
Written byAkansha Thakur
Magh Mela 2026 में ‘रुद्राक्ष वाले बाबा’ शिवयोगी अभय चैतन्य मौनी महाराज 5.5 करोड़ रुद्राक्षों से 11 फीट ऊंचा भव्य शिवलिंग बनाएंगे. जानें उनके महा-संकल्प और अनुष्ठान की पूरी जानकारी.
Akansha Thakur 10 Jan 2026 13:20 IST
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Rudraksha Wale Baba
Magh Mela 2026: प्रयागराज की पावन त्रिवेणी पर माघ मेला 2026 का शुभारंभ हो चुका है. संगम की रेती पर श्रद्धालुओं और साधु-संतों का जमावड़ा देखने को मिल रहा है. इस बार माघ मेले में सबसे अधिक चर्चा में ‘रुद्राक्ष वाले बाबा’ शिवयोगी अभय चैतन्य ब्रह्मचारी मौनी महाराज हैं. चलिए आपको बताते हैं आखिर कौन हैं ये बाबा.
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5.5 करोड़ रुद्राक्षों से तैयार किया भव्य शिवलिंग
मौनी महाराज इस बार माघ मेले में 11 फीट ऊंचा शिवलिंग बनाकर नया कीर्तिमान स्थापित करेंगे. इसके लिए 5 करोड़ 51 लाख रुद्राक्ष का उपयोग होगा. उनका मुख्य उद्देश्य राष्ट्र रक्षा, आतंकवाद का नाश, हिंदू राष्ट्र का निर्माण और काशी-मथुरा में भव्य मंदिर निर्माण है. साथ ही वे गंगा को अविरल और भ्रूण हत्या को रोकने के लिए प्रार्थना करेंगे.
11 हजार काले त्रिशूल होंगे स्थापित
मौनी महाराज ने बताया कि इस अनुष्ठान में 11 हजार काले त्रिशूल स्थापित किए जाएंगे. 12 करोड़ 51 लाख महामंत्रों का जाप होगा. सवा 11 लाख दीपों का प्रज्ज्वलन होगा. 101 कुंतल हवन सामग्री से हवन किया जाएगा. इस अनुष्ठान के माध्यम से वे प्रकृति, पर्यावरण, राष्ट्र और मानव जीवन की सुरक्षा का संदेश देंगे.
कौन हैं मौनी महाराज?
मौनी महाराज श्री परमहंस सेवा आश्रम, अमेठी के पीठाधीश्वर हैं. वे 1984 से माघ और कुंभ मेले में अनुष्ठान कर रहे हैं. अब तक उन्होंने 57 बार भू-समाधि और 1643 बार चक्रवर्ती दंडवत परिक्रमा की है. नेपाल में 41 दिन की भू-समाधि लेने पर उन्हें नेपाल के नरेश ने चांदी का चंद्रमा भेंट किया था. वे अपने शरीर पर लगभग 42-43 किलोग्राम रुद्राक्ष पहनते हैं.
श्रद्धालुओं के लिए बने आकर्षण का केंद्र
मौनी महाराज अपनी विशिष्ट वेशभूषा और साधना के कारण माघ मेले में श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित करते हैं. जब वे शिविर से बाहर निकलते हैं, भक्त उन्हें घेर लेते हैं. लोग उनके साथ फोटो और सेल्फी लेते हैं, जबकि वे आशीर्वाद प्रदान करते हैं.
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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. न्यूज नेशन इसकी पुष्टि नहीं करता है.
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