Mandir:गूगल पर अचानक ट्रेंड करने लगा ये मंदिर, 20 साल में पहली बार हुआ ऐसा, जानें क्या है वजह - Somnath Mandir Google Trending 20 Years Record Pm Modi Visit Somnath Swabhiman Parv
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इंटरनेट की दुनिया में हर दिन करोड़ों शब्दों को लोग सर्च करते हैं। इंटरनेट का एल्गोरिदम इस तरह डिजाइन किया जाता है कि सबसे ज्यादा बार सर्च होने वाली चीजों की खबरें आपको न्यूज फीड में दिखने लगती हैं। इसी तरह आज अचानक भारत का एक मंदिर लोगों के न्यूज फीड में दिखने लगा। हैरानी की बात तो ये है कि 20 साल में पहली बार इस मंदिर को आज सबसे ज्यादा बार इंटरनेट पर सर्च किया जा रहा है।
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क्या कहता है गूगल का डेटा?
अगर गूगल पर इस मंदिर की सर्च हिस्ट्री देखें, तो 2004 के बाद आज की तारीख में ये मंदिर सबसे ज्यादा ट्रेंड में है। 2026 में इस मंदिर के इंटरनेट सर्च में 100 फीसदी का इजाफा हुआ है। बता दें कि गूगल पर मंदिर की सबसे शुरुआती सर्च हिस्ट्री साल 2004 की है।
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कौन है ये मंदिर और क्यों कर रहा ट्रेंड?
बता दें कि यह मंदिर कोई और नहीं बल्कि गुजरात का प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर है। पीएम मोदी ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के अवसर पर 10 जनवरी को दर्शन के लिए मंदिर पहुंचे थे। जहां उन्होंने दर्शन करते हुए शिवलिंग पर जल चढ़ाया, फूल अर्पित किए और पंचामृत से अभिषेक किया। बता दें कि सोमनाथ मंदिर पर साल 1026 में हुए विदेशी आक्रमण को आज 1000 साल पूरे हो गए हैं। इस पर्व के वजह से ही लोग सोमनाथ मंदिर और उसपर हुए आक्रमण के बारे में जानना चाह रहे हैं यह कुछ दिनों से इंटरनेट पर ट्रेंड कर रहा है।

सोमनाथ मंदिर पर आक्रमण के हुए 1000 साल
- फोटो : Adobe Stock
पीएम मोदी ने मंदिर से करीब 3 किमी दूर सद्भावना ग्राउंड में रैली को संबोधित करते हुए लोगों को बांटने वाली ताकतों से सावधान रहने का संदेश दिया। सोमनाथ मंदिर पर 1000 साल पहले हुए हमले को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि उस वक्त आतताई सोच रहे थे कि वे जीत गए हैं, लेकिन आज भी सोमनाथ मंदिर में फहरा रही ध्वजा बता रही है कि हिंदुस्तान की शक्ति क्या है। दुर्भाग्य से आज भी हमारे देश में वे ताकतें मौजूद हैं, जिन्होंने सोमनाथ के पुनर्निर्माण का विरोध किया था।
मंदिर में नहीं हुआ है लोहे का इस्तेमाल
बता दें कि आक्रमणकारियों के विध्वंस के बाद सोमनाथ मंदिर के पुनर्निमाण के 75 साल भी पूरे हो रहे हैं। सोमनाथ मंदिर का आधुनिक पुनर्निर्माण भारत की स्वतंत्रता के बाद गंभीरता से शुरू हुआ, जिसकी शुरुआत सरदार वल्लभभाई पटेलने ने नवंबर 1947 में की थी। मुख्य निर्माण कार्य अक्टूबर 1950 में सोमनाथ ट्रस्ट द्वारा शुरू किया गया था। पुनर्निर्माण के बाद मंदिर का आधिकारिक उद्घाटन पूर्व राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद द्वारा मई 1951 में किया गया था।
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सोमनाथ मंदिर की कुछ खासियतों की बात करें, तो इसे बनाने में कहीं भी लोहे का इस्तेमाल नहीं हुआ है। मंदिर को पूरा बलुआ पत्थर से बनाया गया है। ये मंदिर 155 फीट ऊंचा है और इसमें दो मंजिलें हैं। मंदिर के शिखर पर 11 मीटर लंबा ध्वज लहराता है। अंदर 10 टन वजनी कलश रखा गया है, वहीं सोने से जड़े हुए 1666 कलश भी रखे गए हैं।