Mediclaim या Health Insurance? प्राइवेट एम्प्लॉयी को किसमें ज्यादा फायदा, समझ लें अपने काम की बात

Mediclaim या Health Insurance? प्राइवेट एम्प्लॉयी को किसमें ज्यादा फायदा, समझ लें अपने काम की बात

Hindi Gallery Hindi Mediclaim Vs Health Insurance Advantage Disadvantage Premium Coverage Comparision 8265590 Mediclaim या Health Insurance? प्राइवेट एम्प्लॉयी को किसमें ज्यादा फायदा, समझ लें अपने काम की बात

एक एम्प्लॉयी को हेल्थ इंश्योरेंस और मेडिक्लेम ये दो शब्द काफी कंफ्यूज करते हैं. ज्यादातर लोग इसे एक ही समझ बैठते हैं, जबकि मेडिक्लेम और हेल्थ इंश्योरेंस दोनों अलग हैं.आइए समझते हैं मेडिक्लेम और हेल्थ इंश्योरेंस में क्या है फर्क? मेडिक्लेम के दायरे में क्या-क्या नहीं आता? दोनों में कौन सी स्कीम एक एम्प्लॉयी के लिए फायदेमंद रहेगी:-

Published date india.com Last updated on - January 12, 2026 8:05 PM IST

email india.com By Anjali Karmakar email india.com

Facebook india.comtwitter india.comtelegram india.comFollow Us india.com

Follow Us Mediclaim vs Health Insurance 1/7

क्या आपको भी कंफ्यूज करता है मेडिक्लेम और हेल्थ इंश्योरेंस टर्म?

Facebook india.comtwitter india.com

महंगाई के इस दौर में हेल्थ पॉलिसी या इंश्योरेंस लेना ऑप्शन नहीं, बल्कि जिंदगी की जरूरत बन चुका है. ऐसी पॉलिसी से मेडिकल इमरजेंसी के दौरान आपको और आपके परिवार को पैसों की दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ता है. ज्यादातर प्राइवेट कंपनियां अपने एम्प्लॉयी को हेल्थकेयर फेसिलिटी देती हैं. कुछ कंपनियों में मेडिक्लेम होता है, तो कई कंपनियां हेल्थ इंश्योरेंस भी कराती हैं.

People are also watching

Mediclaim vs Health Insurance2

/7

मेडिक्लेम और हेल्थ इंश्योरेंस में क्या है फर्क?

Facebook india.comtwitter india.com

मेडिक्लेम में किसी खास बीमारी का इलाज एक लिमिट तक ही होता है, जबकि हेल्थ इंश्योरेंस में डायग्नोसिस, डॉक्टर की फीस और पोस्ट ट्रिटमेंट तक शामिल होता है. मेडिक्लेम में एंबुलेंस खर्च रिइमबर्समेंट नहीं किया जा सकता. हेल्थ इंश्योरेंस में एक लिमिट तक ये रिइमबर्स किया जाता है. मेडिक्लेम में मरीज का कम से कम 24 घंटे के लिए हॉस्पिटलाइज्ड होना जरूरी है. अगर हॉस्पिटल में एडमिट नहीं हो रहे, तो तो मेडिक्लेम इंश्योरेंस लागू नहीं होता. हेल्थ इंश्योरेंस में एडमिट होना जरूरी नहीं है.

Mediclaim vs Health Insurance3

/7

किसमें मिलेगा ज्यादा कवरेज?

Facebook india.comtwitter india.com

मेडिक्लेम में हेल्थ इंश्योरेंस के मुकाबले कवरेज कम होता है. आमतौर पर यह 5 लाख से अधिक का कवरेज नहीं दिया जाता. हेल्थ इंश्योरेंस में कंप्रिहेंसिव पॉलिसी को शामिल किया जाता है. इसका कवरेज आप अपनी जरूरत के हिसाब से बढ़ा सकते हैं.अगर आपका किसी कंपनी में 5 लाख रुपये का मेडिक्लेम है, तो आप एक साल के अंदर कई क्लेम कर सकते हैं. लेकिन ये अमाउंट खत्म हो गया, तो मेडिक्लेम का बेनिफिट नहीं मिलेगा. हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी में साल में एक क्लेम ही किया जा सकता है. इसे हर साल रिन्यू करना पड़ता है.

Mediclaim vs Health Insurance4

/7

किस बीमारी में नहीं मिलता मेडिक्लेम?

Facebook india.comtwitter india.com

मेडिक्लेम में कई चीजें शामिल नहीं होती हैं. किसी भी तरह की प्लास्टिक सर्जरी, डेंटल, इम्प्लांट, आससीटी या कॉस्मेटिक करेक्शन कवर नहीं होता.जन्मजात बीमारी या जेनेटिकल डिसऑर्डर से पीड़ित होने पर मेडिक्लेम नहीं मिलता है. इनफर्टिलिटी, IVF में भी मेडिक्लेम कवर नहीं मिलता.अगर आप HPV, HIV, सिफलिस, हर्पिज या सेक्सुअली ट्रांसमिटेड बीमारी भी मेडिक्लेम में कवर नहीं होती. इसी तरह पॉलिसी शुरू होने के 30 दिनों के अंदर किसी बीमारी के लक्षण दिखते हैं, तो ये भी मेडिक्लेम में कवर नहीं किया जाता.

Mediclaim vs Health Insurance5

/7

मेडिक्लेम या हेल्थ इंश्योरेंस कौन ज्यादा फायदेमंद?

Facebook india.comtwitter india.com

एम्प्लॉयी के लिए मेडिक्लेम की तुलना में हेल्थ इंश्योरेंस ज़्यादा फायदेमंद है. हेल्थ इंश्योरेंस में हॉस्पिटलाइजेशन के अलावा प्री और पोस्ट हॉस्पिटलाइजेशन खर्च, डॉक्टर की फीस, दवाइयां और अन्य मेडिकल खर्च भी कवर होते हैं. जबकि मेडिक्लेम में हॉस्पिटलाइजेशन का खर्च ही कवर किया जाता है.

Mediclaim vs Health Insurance6

/7

हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम कब रिजेक्ट हो सकता है?

Facebook india.comtwitter india.com

हेल्थ इंश्योरेंस लेते समय कई बातों का ख्याल रखना जरूरी है. कई बार लोग अनजाने में गलतियां कर देते हैं, जिससे हेल्थ इंश्योरेंस होने के बाद भी उनका क्लेम रिजेक्ट हो जाता है. हेल्थ इंश्योरेंस लेते समय उससे जुड़ी डिटेल्स को बारीकी से पढ़ना चाहिए, ताकि क्लेम का प्रोसेस आसान हो. अगर आप वेटिंग पीरिएड पूरा होने से पहले क्लेम फाइल करते हैं, तो जाहिर तौर पर ये रिजेक्ट हो जाएगा. अगर आप इंश्योरेंस लिमिट से ज्यादा क्लेम करेंगे, तो कंपनी इसे रिजेक्ट कर देगी. अगर आपने अपनी हेल्थ या बीमारी के बारे में कोई भी जानकारी छिपाई, तो क्लेम रिजेक्ट हो सकता है. इंश्योरेंस लेते समय आधी-अधूरी जानकारी देने और डॉक्यूमेंट प्रोवाइड नहीं कराने पर भी क्लेम रिजेक्ट हो जाता है. अगर एक समय बाद आप क्लेम फाइल करेंगे, तो ये रिजेक्ट हो जाएगा. अगर आप प्रीमियम टाइम से नहीं भरते या अपनी पॉलिसी रिन्यू नहीं कराते, तो भी क्लेम रिजेक्ट हो जाएगा.

Mediclaim vs Health Insurance7

/7

हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम रिजेक्ट न हो, उसके लिए क्या करना चाहिए?

Facebook india.comtwitter india.com

अपनी हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी के नियम और शर्तों को ध्यान से पढ़ें. हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदते समय अपने स्वास्थ्य से जुड़ी सही जानकारी दें. किसी भी तरह की मेडिकल हिस्ट्री न छिपाएं. अगर आप स्मोकर हैं या ड्रिंक करते हैं तो यह जानकारी छिपाएं नहीं. वरना जरूरत पड़ने पर आपका क्लेम रिजेक्ट हो जाएगा. किसी भी अस्पताल में भर्ती होने पर तुरंत अपने हेल्थ इंश्योरेंस प्रोवाइडर को सूचना दें. सभी जरूरी डॉक्यूमेंट जैसे डॉक्टर की रिपोर्ट, बिल, डिस्चार्ज समरी, टेस्ट रिपोर्ट सुरक्षित रखें. नेटवर्क अस्पताल में कैशलेस क्लेम चुनें, वरना रीइम्बर्समेंट के लिए सभी दस्तावेज जमा करें. अस्पताल में भर्ती की सूचना तुरंत कंपनी या TPA को दें. अपनी हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी को समय पर रिन्यू कराते रहें.

View Original Source