Mother Nanda's Palanquin Was Placed In Siddhapeeth Kurud. - Chamoli News
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नंदानगर। मां नंदा देवी की डोली छह माह प्रवास के बाद मंगलवार को सिद्धपीठ कुरुड़ में विराजमान हो गई।
मां नंदा राजराजेश्वरी की हर साल लोकजात आयोजित की जाती है। इसके तहत मां नंदा की डोली अपने ननिहाल देवराड़ा में विराजमान होती है। छह माह वहां प्रवास के बाद देवी की डोली सिद्धपीठ कुरुड़ पहुंचती है और यहां डोली फिर छह माह तक विराजमान रहती है। इस साल देवी की डोली ने 25 दिसंबर को अपने ननिहाल देवराड़ा मंदिर से प्रस्थान किया। डोली पड़ावों के भ्रमण के बाद अब उत्तरायण पर अपने मंदिर में पहुंचती है। बीते सोमवार को देवी की डोली वापसी के दौरान अंतिम पड़ाव सैती पहुंची। बुधवार को पूजा-अर्चना के बाद देवी की डोली सिद्धदेश्वर महादेव मंदिर नंदानगर होते हुए सिद्धपीठ कुरुड़ मंदिर पहुंची और यहां डोली विराजमान हो गई। इस दौरान हल्द्वानी से आए मां नंदा के भक्त सुरेश प्रेमी व उनकी टीम ने भंडारे का आयोजन किया। इस अवसर पर गौड़ पुजारी मेशचंद्र, मनोहर प्रसाद, किशोर प्रसाद, विजय प्रसाद, पारेश्वर गौड़, दिनेश गौड़ आदि मौजूद रहे। संवादी