Narendra Modi,भजन क्लबिंग का जिक्र, युवाओं को खास संदेश, PM मोदी के 'मन की बात' की 5 बड़ी बातें - bhajan clubbing and special message for the youth key takeaways from pm modis mann ki baat - India News
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज भजन क्लबिंग के साथ-साथ युवाओं को खास संदेश दिया। मन की बात के 130वें एपिसोड में पीएम मोदी ने कहा कि देश की युवा पीढ़ी अब भजनों को भी एंजॉय कर रही है। युवाओं ने इसे अपनी शैली में ढाल लिया है। इतना ही नहीं प्रधानमंत्री ने आज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लेकर अंतरिक्ष विज्ञान तक कई मुद्दों पर बातचीत की। आइए जानते हैं उनके कार्यक्रम की 5 बड़ी बातें।
भजन क्लबिंग
हमारे देश में भजन और कीर्तन सदियों से हमारी संस्कृति की आत्मा रहे हैं। हमने मदिरों में भजन सुने हैं, कथा सुनते वक्त सुने हैं। हर दौर में भक्ति को अपने समय के हिसाब से जीया है। आज की पीढ़ी भी कुछ नया कमाल कर रही है। आज के युवाओं ने भक्ति को अपनी जीवन शैली में ढाल दिया है। इसी सोच से एक नया सांस्कृतिक चलन सामने आया है। देश के अलग-अलग शहरों में युवा इकट्ठा होते हैं। मंच सजा होता है, रोशनी होती है, संगीत होता है। पूरा तामझाम होता है। माहौल किसी कॉन्सर्ट से कम नहीं होता। लेकिन वहां जो गाया जा रहा होता है, वह पूरी लगन के साथ भजन की गूंज होती है। इस चलन को आज भजन क्लबिंग कहा जा रहा है। यह जेनजी के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। देखकर अच्छा लगता है कि इन आयोजनों में भजन की गरिमा और सुचिता का ध्यान रखा जाता है।स्टार्ट-अप
AI, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा, सेमीकंडक्टर, मोबिलिटी, ग्रीन हाइड्रोजन, बायोटेक्नोलॉजी आप नाम लीजिए और कोई न कोई भारतीय स्टार्ट-अप उस सेक्टर में काम करते हुए दिख जाएगा। मैं अपने उन सभी युवा-साथियों को सलाम करता हूं जो किसी-न-किसी स्टार्ट-अप से जुड़े हैं या फिर अपना स्टार्ट-अप शुरू करना चाहते हैं।
इकोसिस्टम
दस साल पहले, जनवरी 2016 में, हमने एक महत्वाकांक्षी यात्रा शुरू की थी। तब हमें इस बात का एहसास था कि भले ही ये एक छोटा क्यों ना हो लेकिन ये युवा-पीढ़ी के लिए, देश के भविष्य के लिए, काफी अहम है। आज भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्ट-अप इकोसिस्टम बन गया है। ये स्टार्ट-अप लीक से हटकर हैं, वे ऐसे सेक्टर्स में काम कर रहे हैं जिनके बारे में 10 साल पहले सोचना भी मुश्किल था।
पहली बार के मतदाता
आज मतदाता दिवस है और मतदाता ही लोकतंत्र की आत्मा होता है। जैसे हम जन्मदिन पर शुभकामनाएं देते हैं और उसे सेलिब्रेट करते हैं, ठीक वैसे ही जब भी कोई युवा पहली बार मतदाता बने तो पूरा मोहल्ला, गांव या फिर शहर एकजुट होकर उसका अभिनंदन करे और मिठाइयां बांटी जाएं, इससे लोगों में मतदान के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।
प्रदूषण
तमसा नदी को लोगों ने नया जीवन दिया है, तमसा केवल एक नदी नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत की सजीव धारा है। अयोध्या से निकलकर गंगा में समाहित होने वाली यह नदी कभी इस क्षेत्र के लोगों के जन-जीवन की धुरी हुआ करती थी लेकिन प्रदूषण की वजह से इसकी अविरल धारा में रुकावट आने लगी थी। यहां के लोगों ने इसे एक नया जीवन देने का अभियान शुरु किया। नदी की सफाई की गई, उसके किनारों पर पेड़ लगाए गए।