स्कूलों में अखबार मंगाना अनिवार्य:देश-दुनिया को जानने के लिए जरूरी है, समसामयिक समझ बढ़ेगी - Newspaper Subscription Compulsory In Schools

स्कूलों में अखबार मंगाना अनिवार्य:देश-दुनिया को जानने के लिए जरूरी है, समसामयिक समझ बढ़ेगी - Newspaper Subscription Compulsory In Schools

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परिषदीय विद्यालयों में अखबार मंगाना अनिवार्य किए जाने के फैसले का अलीगढ़ शिक्षकों ने स्वागत किया है। इसे बच्चों को पुस्तकों के साथ-साथ वास्तविक दुनिया से जोड़ने वाला कदम बताया। 

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शिक्षकों ने कहा कि विद्यालय में बच्चे अखबार पढ़ेंगे, तो बेहतर समाज बनेगा। इसके साथ ही बच्चे देश-दुनिया का अच्छे से जान पाएंगे। अखबार से बच्चों में पठन-पाठन की रुचि, सामान्य ज्ञान, भाषाई क्षमता और समसामयिक समझ विकसित होगी। विज्ञापन विज्ञापन

अखबार बच्चों को रोजमर्रा की घटनाओं से जोड़ता है। इससे उनमें पढ़ने की आदत विकसित होगी और जागरूक नागरिक बनेंगे।-गुलजार अहमद, सहायक अध्यापक, उच्च प्राथमिक विद्यालय रोरावर
पाठ्यपुस्तकों के साथ अखबार जुड़ने से भाषा और अभिव्यक्ति कौशल मजबूत होगा। बच्चों का शब्द भंडार भी बढ़ेगा।-मुकेश कुमार सिंह, प्रधानाध्यापक, कंपोजिट विद्यालय लेखराजपुर
विज्ञान, पर्यावरण और तकनीक से जुड़ी खबरें बच्चों में जिज्ञासा पैदा करेंगी और सीखने की लालसा बढ़ेगी।-डॉ. राजेश सिंह चौहान, प्रधानाध्यापक, पीएमश्री कंपोजिट विद्यालय अलीनगर
अखबार बच्चों में तर्कशक्ति और विश्लेषण क्षमता बढ़ाता है। उन्हें सही-गलत में फर्क करना सिखाता है।-डॉ. प्रशांत शर्मा, प्रभारी प्रधानाध्यापक, पूर्व माध्यमिक विद्यालय, दीनापुर
अखबार बच्चों को सोचने, समझने और प्रश्न करने की आदत डालता है, जिससे वे जिम्मेदार नागरिक बनते हैं।-वीरेंद्र सिंह, प्रधानाध्यापक, पीएमश्री विद्यालय एलमपुर
यह फैसला सराहनीय है। अखबार के माध्यम से बच्चे समाज, देश और दुनिया की वास्तविक तस्वीर देख पाएंगे।-डॉ. राकेश कुमार सिंह, बीएसए अलीगढ़

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