मनरेगा बचाओ संग्राम:काशी में कांग्रेसियों का हल्ला बोल...प्रदर्शन, Nsui के राष्ट्रीय अध्यक्ष सहित 30 गिरफ्तार - Save Mnrega Campaign Congress Workers Protest In Varanasi Criticize Government
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मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत पुलिस से धक्का-मुक्की, शांति व्यवस्था बिगाड़ने और सड़क जाम करने का आरोप लगाकर लंका थाने की पुलिस ने रविवार की देर रात एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी सहित 30 कार्यकर्ताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की और उन्हें गिरफ्तार कर लिया। एनएसयूआई और कांग्रेस के नेता बीएचयू के सिंहद्वार से प्रधानमंत्री के संसदीय कार्यालय का घेराव करने जा रहे थे। पुलिस से धक्का-मुक्की के दौरान एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष सड़क पर गिर पड़े और उन्हें घसीटकर पुलिस वैन में बैठाया गया। इसमें कुछ कार्यकर्ताओं को चोटें आई हैं। एक कार्यकर्ता का अंगूठा फट गया है।
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कांग्रेस व एनएसयूआई के कार्यकर्ता रविवार की दोपहर संसदीय कार्यालय को घेरने जा रहे थे। कार्यकर्ता बीएचयू परिसर से निकलकर सिंहद्वार पर एकत्रित हुए और तीन किलोमीटर दूर प्रधानमंत्री के संसदीय कार्यालय को घेरने के लिए जाने लगे। इस बीच पुलिसकर्मियों ने सुरक्षा घेरा बनाया और किसी को बाहर न जाने के लिए कहा लेकिन संगठन के कार्यकर्ता मानने को तैयार नहीं हो सके। इस कारण पुलिस और एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं के बीच धक्कामुक्की शुरू हो गई। पुलिस ने राष्ट्रीय अध्यक्ष को रोकने का प्रयास किया तो वे जमीन पर गिर पड़े। इसके बाद पुलिस कर्मियों ने उनके हाथ-पैर पकड़ा और 100 मीटर दूर खड़ी पुलिस वैन में ले जाकर बैठा दिया। इससे नाराज कार्यकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
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पुलिस आयुक्त भी सड़क पर उतरे- कहा- कोई जबरदस्ती करे तो कड़ी कार्रवाई करें
हालात को देखते हुए पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल सड़क पर उतरे और पुलिसकर्मियों को आदेश दिया कि अगर कोई जबरदस्ती करे तो उसके खिलाफ बल प्रयोग करें। उधर, प्रधानमंत्री के संसदीय कार्यालय के बाहर तीन थानों की पुलिस तैनात रही।आरएएफ को भी तैनाती दी गई।
पुलिस बोली- आरोपियों ने जबरन बैरियर गिराया, हाथापाई की
लंका थाने के प्रभारी राजकुमार शर्मा ने बताया कि आरोपी बड़ी संख्या में एकत्र हुए थे। उन्होंने सड़क पर लगे बैरियर को जबरन गिराते हुए प्रधानमंत्री के संसदीय कार्यालय की तरफ जाने का प्रयास किया। रोकने पर पुलिसकर्मियों से हाथापाई की। गिरफ्तार आरोपियों में वाराणसी, प्रयागराज, गाजीपुर, बलिया, जौनपुर, आजमगढ़ सहित बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र और दिल्ली के निवासी शामिल हैं।
इनकी हुई गिरफ्तारी
एनएसयूआई के अध्यक्ष वरुण चौधरी, अमित द्विवेदी, अभिषेक शुक्ला, आफताब, राजीव नयन, मिहिर उपाध्याय, रोशन पांडेय, राजेश, ऋषभ पांडेय, प्रियांशु सोनकर, राहुल पवारा, आदित्य सिंह, आलोक रंजन, आयुष मिश्रा, शिवम पांडेय, नीरज राय, गौरव पुरोहित, निलय, करण चौरसिया, लकी पांडेय, पुष्पराज यादव, तुषार कुमार, शशांक शेखर सिंह, गाजी, सुमन आनंद, संदीप पाल, शांतनु सिंह, अखिलेश यादव और कुमार आदित्य चौधरी।
30 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस का सुरक्षा घेरा तोड़ा और धक्का-मुक्की भी की। प्रदर्शन की वजह से सड़क जाम हो गई। शांति व्यवस्था बिगड़ गई इसलिए प्राथमिकी दर्ज करके आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। मामले में पुलिस ने संयम का परिचय दिया है।
- गौरव कुमार, एसीपी भेलूपुर
प्रदेश अध्यक्ष ने उपवास रखकर जताया विरोध
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय सुबह 10 बजे ही 50 कार्यकर्ताओं के साथ निकले। पुलिस ने रोकने का प्रयास किया तो टाउनहाॅल में बापू की प्रतिमा के समक्ष ही उपवास रखकर विरोध जताया। इससे पहले जिले के कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के आवास छावनी में तब्दील कर दिए गए। प्रदेश अध्यक्ष के साथ ही जिलाध्यक्ष राजेश्वर सिंह पटेल, महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे, महानगर युवा कांग्रेस अध्यक्ष चंचल शर्मा, नेता पार्षद दल गुलशन अंसारी, वरिष्ठ नेता सतनाम सिंह समेत कई नेताओं को हाउस अरेस्ट करने का प्रयास किया गया।
मनरेगा को कमजोर करना रोजगार, सम्मान और गांव के अधिकार पर सीधा हमला : अजय राय
वाराणसी। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि मनरेगा केवल एक सरकारी योजना नहीं बल्कि यह संविधान से मिले काम के अधिकार की गारंटी है। सरकार जानबूझकर मनरेगा को कमजोर कर रही है ताकि गांवों में रोजगार खत्म हो, पलायन बढ़े और गरीब मजदूर अपने अधिकारों से वंचित हो जाएं। इसे कमजोर करना रोजगार, सम्मान और गांवों के अधिकारों पर सीधा हमला है।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस का शांतिपूर्ण उपवास और गांधीवादी तरीका भी सरकार को असहज कर रहा है इसलिए नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस के जरिये डराने और घरों में बंद करने का प्रयास किया गया। यह सीधे-सीधे लोकतंत्र और संविधान पर हमला है। कांग्रेस पार्टी इस दमन से डरने वाली नहीं है। इस दौरान प्रजानाथ शर्मा,दुर्गा प्रसाद गुप्ता,संजीव सिंह,फसाहत हुसैन बाबू,विनोद सिंह,गिरीश पांडेय,राजीव गौतम,देवेन्द्र सिंह,मयंक चौबे सहित अन्य उपस्थित रहे।