Peace and Harmony Message Jyoti Kalash Rath Yatra Reaches Jainamod हरिद्वार से जैनामोड़ पहुंची ज्योति कलश यात्रा रथ, कई गांवों में किया भ्रमण, Bokaro Hindi News

Peace and Harmony Message  Jyoti Kalash Rath Yatra Reaches Jainamod हरिद्वार से जैनामोड़ पहुंची ज्योति कलश यात्रा रथ, कई गांवों में किया भ्रमण, Bokaro Hindi News

जैनामोड़, प्रतिनिधि। हरिद्वार के शांतिकुंज से 11 दिसंबर को शुरू हुई ज्योति कलश रथ यात्रा जैनामोड़ स्थित प्रजापति धर्मशाला पहुंची। जहां श्रद्धालुओं ने भव्य स्वागत किया। यह यात्रा विश्व शांति और सद्भावना का संदेश लेकर चल रही है। यात्रा के प्रमुख प्रतिनिधि हरिद्वार से रामानुज प्रभाकर, अशोक बाबा और संतर सिंह ने बताया कि इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य मनुष्य को देवता और धरती को स्वर्ग बनाना है। बता दें कि 1926 में हरिद्वार में जलाई गई अखंड ज्योति के 100 वर्ष पूरे होने पर होने वाले भव्य आयोजन का निमंत्रण देने के लिए यह यात्रा निकाली जा रही है। पुरे भारत वर्ष में 150 रथ हरिद्वार से अखंड ज्योति के साथ निकला है।

यात्रा का एक प्रमुख लक्ष्य सनातन संस्कृति के प्रति लोगों को जागरूक करना भी है, जिससे भारत पुनः विश्व गुरु बन सके। यात्रा के माध्यम से युद्ध की बजाय शांति का संदेश दिया जा रहा है, जो न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया के लिए प्रेरणादायक है। यह पहल देश और दुनिया में अमन-चैन और सद्भावना स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। वही ज्योति कलश रथ यात्रा को लेकर प्रजापति धर्मशाला में गायत्री परिवार का एक दिवसीय पूजा व हवन कार्यक्रम संपन्न हुआ। ज्योति कलश रथ यात्रा बारु, बाराडीह, बांधडीह, जैनामोड़, बालीडीह, कुर्मीडीह, तुपकाडीह, जिलिंगटांड, अराजू, कमलापुर, गांगजोरी आदि गांवो में भ्रमण किया। यात्रा में जिला समन्वयक मुकेश मिश्रा, केशव प्रजापति, कुलदीप प्रजापति, सहित अन्य श्रद्धालू शामिल थे।

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।

आरएसएसविज्ञापन र॓टहमार॓ साथ काम करेंहमारे बारे मेंसंपर्क करेंगोपनीयतासाइट जानकारी

Advertise with usAbout usCareers Privacy Contact usSitemapCode Of Ethics

Partner sites: Hindustan TimesMintHT TechShineHT TeluguHT BanglaHT TamilHT MarathiHT AutoHealthshotsHT SmartcastFAB Play

View Original Source