Prayagraj :पेंशन, ग्रेच्युटी भुगतान में 42 करोड़ के घोटाले की आशंका, सरकार करे जांच - Rs 42 Crore Scam Is Suspected In Pension And Gratuity Payments

Prayagraj :पेंशन, ग्रेच्युटी भुगतान में 42 करोड़ के घोटाले की आशंका, सरकार करे जांच - Rs 42 Crore Scam Is Suspected In Pension And Gratuity Payments

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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार को सभी जिलों में पेंशन एरियर, ग्रेच्युटी और सेवानिवृत्ति लाभों के भुगतान में हो रही गड़बड़ियों की जांच का आदेश दिया है। इस संबंध में एक जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान करीब 42 करोड़ रुपये के घोटाले की आशंका जताई है। कहा कि फर्जी जीवन प्रमाण पत्र के जरिये पेंशन निकली जा रही है। इसे नजरंदाज नहीं किया जा सकता।

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यह आदेश न्यायमूर्ति अरुण कुमार सिंह देशवाल की अदालत ने चित्रकूट जिले से जुड़े एक मामले में 84 वर्षीय महिला जगुआ उर्फ जोगवा को अंतरिम जमानत मंजूर करते हुए दिया है। याची पर आरोप है कि उसके खाते में फर्जी तरीके से 28.06 लाख रुपये पेंशन एरियर के रूप में ट्रांसफर कराए गए और उसने वह रकम निकाल ली। विज्ञापन विज्ञापन

याची की ओर से दलील दी गई कि वह एक अनपढ़ और वृद्ध महिला है, जिसने पेंशन एरियर के लिए कोई आवेदन नहीं किया था। अधिवक्ता ने बताया कि ट्रेजरी कर्मचारियों और बिचौलियों की मिलीभगत से उसके खाते में रकम भेजी गई। गांव के ही एक व्यक्ति के कहने पर उसने पैसे निकालकर उसे दे दिए। राज्य सरकार ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि याची ने स्वयं रकम निकाली है, इसलिए उसे अनभिज्ञ नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने उम्र और महिला होने के आधार पर याची को अंतरिम जमानत प्रदान की। सरकार को यह स्पष्ट करने के लिए समय दिया कि क्या याची ने एरियर भुगतान के लिए कोई आवेदन किया था।

57 पेंशनरों के खाते में भुगतान

कोर्ट ने उपरोक्त मामले में हुई एफआईआर का संज्ञान लेते हुए कहा कि रिकॉर्ड से प्रथम दृष्टया यह सामने आया है कि कुल 42,04,22,093 रुपये की पब्लिक मनी का घोटाला हुआ है। यह राशि 57 पेंशनरों के खातों में पेंशन एरियर के नाम पर भेजी गई। ऐसे मामले अन्य जिलों में भी हो सकते हैं।

फर्जी जीवन प्रमाण पत्र के जरिए निकाली जा रही पेंशन

हाईकोर्ट ने विशेष रूप से उन मामलों की जांच के निर्देश दिए हैं, जहां पेंशनर की मृत्यु हो चुकी है। बावजूद इसके फर्जी जीवन प्रमाण पत्र के आधार पर अपात्र लोग पेंशन और अन्य सेवानिवृत्ति लाभ उठा रहे हैं।

मुख्य सचिव को भेजा गया आदेश

हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि इस पूरे मामले की जांच सभी जिलों में कराई जाए और इस आदेश की एक प्रति प्रदेश के मुख्य सचिव को भी भेजी जाए, ताकि पेंशन और सेवानिवृत्ति लाभ से जुड़े भुगतान में हो रहे संभावित घोटालों पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

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