Q3 Results:तीसरी तिमाही में Hdfc बैंक का मुनाफा बढ़ा, जानिए यूको, Icici और Idbi बैंकों के नतीजों में क्या - Q3 Results For Icici Bank, Idbi Bank, And Uco Bank Business News In Hindi
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वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही (Q3) के लिए बैंकिंग क्षेत्र के वित्तीय नतीजे मिले-जुले रहे। भारत के सबसे बड़े निजी ऋणदाता एचडीएफसी बैंक ने शनिवार को दिसंबर तिमाही में अपने स्टैंडअलोन शुद्ध लाभ में 11% की वृद्धि दर्ज की। बैंक का शुद्ध लाभ पिछले वर्ष की इसी अवधि के 16,735 करोड़ रुपये के मुकाबले 18,654 करोड़ रुपये रहा। यह बाजार के 18,473 करोड़ रुपये के अनुमान से अधिक था। हालांकि, कर पश्चात लाभ (पीएटी) वित्त वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही के 18,641 करोड़ रुपये के मुकाबले स्थिर रहा।
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शनिवार को देश के प्रमुख निजी ऋणदाता ICICI बैंक, सरकारी क्षेत्र के UCO बैंक और IDBI बैंक ने भी अपने नतीजों की घोषणा की। जहां प्रोविजनिंग (प्रावधान) बढ़ने के कारण ICICI बैंक के समेकित मुनाफे में गिरावट देखने को मिली, वहीं संपत्ति की गुणवत्ता में सुधार और प्रोविजनिंग कम होने से UCO बैंक के मुनाफे में उछाल आया है।
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ICICI बैंक
प्रोविजनिंग का मुनाफे पर असर
निजी क्षेत्र के दूसरे सबसे बड़े ऋणदाता ICICI बैंक का दिसंबर तिमाही का समेकित शुद्ध लाभ (Consolidated Net Profit) 2.68 प्रतिशत घटकर 12,537.98 करोड़ रुपये रह गया। पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह आंकड़ा 12,883.37 करोड़ रुपये था। बैंक के मुनाफे में यह दबाव मुख्य रूप से प्रोविजनिंग दोगुना होकर 2,556 करोड़ रुपये पहुंचने के कारण आया है। इसमें नए श्रम कानूनों के लिए 145 करोड़ रुपये और कृषि ऋणों के संबंध में रिजर्व बैंक के निर्देशानुसार 1,283 करोड़ रुपये का प्रावधान शामिल है।
हालांकि, बैंक का कोर बिजनेस मजबूत बना हुआ है। शुद्ध ब्याज आय (NII) 7.7 प्रतिशत बढ़कर 21,932 करोड़ रुपये हो गई है, जिसमें 11.5 प्रतिशत की ऋण वृद्धि (Loan Growth) का योगदान रहा। बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) भी 0.05 प्रतिशत बढ़कर 4.30 प्रतिशत हो गया है।
IDBI बैंक
आय में गिरावट, लेकिन एसेट क्वालिटी सुधरी
विनिवेश की कतार में खड़े IDBI बैंक का शुद्ध मुनाफा दिसंबर तिमाही में लगभग स्थिर रहा। बैंक ने 1,935 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया, जो पिछले साल की समान अवधि में 1,908 करोड़ रुपये था। चिंताजनक पहलू यह है कि बैंक की कुल आय 8,565 करोड़ रुपये से घटकर 8,282 करोड़ रुपये रह गई है, वहीं ब्याज आय में भी गिरावट दर्ज की गई है।
सकारात्मक पक्ष यह है कि बैंक की एसेट क्वालिटी में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। बैंक का सकल एनपीए (Gross NPA) घटकर 2.57 प्रतिशत पर आ गया है, जो एक साल पहले 3.57 प्रतिशत था। हालांकि, बैंक का रिटर्न ऑन एसेट्स (ROA) मामूली रूप से घटकर 1.83 प्रतिशत रह गया है। गौरतलब है कि सरकार बैंक में अपनी 45 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी बेचने की प्रक्रिया में है, जबकि LIC बैंक में रणनीतिक हिस्सेदारी बनाए रखने की इच्छुक है।
UCO बैंक
मुनाफे और आय में शानदार बढ़ोतरी
कोलकाता मुख्यालय वाले सार्वजनिक क्षेत्र के UCO बैंक के लिए यह तिमाही शानदार रही। बैंक का शुद्ध लाभ 15.76 प्रतिशत बढ़कर 739.51 करोड़ रुपये हो गया। बैंक की कुल आय बढ़कर 7,521.16 करोड़ रुपये हो गई, जिसमें ब्याज आय का योगदान 6,651.84 करोड़ रुपये रहा।
UCO बैंक की बैलेंस शीट की सेहत में भी सुधार हुआ है। बैंक की प्रोविजनिंग घटकर 525.12 करोड़ रुपये रह गई है। इसके साथ ही, सकल एनपीए (Gross NPA) 2.91 प्रतिशत से सुधरकर 2.41 प्रतिशत और शुद्ध एनपीए (Net NPA) 0.63 प्रतिशत से गिरकर 0.36 प्रतिशत पर आ गया है। बैंक का पूंजी पर्याप्तता अनुपात (Capital Adequacy Ratio) भी सुधरकर 17.43 प्रतिशत हो गया है।
तीसरी तिमाही के नतीजों से साफ है कि बैंकिंग सेक्टर में एसेट क्वालिटी (NPA) में सुधार का ट्रेंड जारी है, जो बैंकों की लंबी अवधि की स्थिरता के लिए सकारात्मक संकेत है। हालांकि, विनियामक मानदंडों (Regulatory Norms) के कारण बढ़ी हुई प्रोविजनिंग ने कुछ बड़े बैंकों के मुनाफे पर थोड़े ही समय के लिए सही पड़ दबाव डाला है।
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