Rajasthan:महेंद्रजीत सिंह मालवीय को लेकर सियासी पेंच, भाजपा–कांग्रेस के बीच फंसा डूंगरपुर–बांसवाड़ा का गणित - Rajasthan Dungarpur Banswara Caught Between Bjp Congress Political Deadlock Mahendrajeet Singh Malviya
विस्तार Follow Us
डूंगरपुर–बांसवाड़ा लोकसभा सीट से जुड़े सियासी घटनाक्रम ने राजस्थान की राजनीति में नया मोड़ ला दिया है। भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच महेंद्रजीत सिंह मालवीय को लेकर ऐसा पेंच फंस गया है, जिससे दोनों ही दल असहज नजर आ रहे हैं। भाजपा जहां मालवीय को छोड़ने के मूड में नहीं दिख रही है, वहीं कांग्रेस ने अब तक उनकी वापसी को लेकर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है। इस बीच खुद महेंद्रजीत सिंह मालवीय का दावा है कि वे कांग्रेसी थे और कांग्रेस में वापस लौट चुके हैं।
और पढ़ें
Trending Videos
यह वीडियो/विज्ञापन हटाएं
मालवीय का पुराना वीडियो वायरल
राजनीतिक असमंजस के बीच महेंद्रजीत सिंह मालवीय का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में वे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा को विधायक पद से इस्तीफा देकर लोकसभा चुनाव लड़ने की नसीहत देते नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह वीडियो उस समय का है, जब मालवीय भाजपा के चुनाव चिह्न पर लोकसभा चुनाव लड़ चुके थे। वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या डोटासरा मालवीय की कांग्रेस में वापसी की राह आसान बनाएंगे या फिर इस मामले में कोई नया पेंच फंस सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
“मामला हमारे घर का है, कुछ नहीं होगा”: भाजपा
भाजपा की ओर से इस पूरे मामले पर लगातार एक ही रुख सामने आ रहा है। पार्टी नेताओं का कहना है कि “मामला हमारे घर का है, बातचीत चल रही है, कुछ नहीं होगा।” वहीं कांग्रेस की ओर से प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा का बयान इस मुद्दे पर काफी स्पष्ट माना जा रहा है। डोटासरा ने कहा, “किसने लिया है, किसको लिया है—जब ले लेंगे तब पूछना।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि महेंद्रजीत सिंह मालवीय ने कांग्रेस में वापसी के लिए आवेदन दिया है, जिसे अनुशासन समिति को भेज दिया गया है।
कांग्रेस आलाकमान करेगा अंतिम फैसला
डोटासरा के अनुसार 15 तारीख को कांग्रेस की अनुशासन समिति की बैठक होगी। समिति अपनी रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) को सौंपेगी, जिसके बाद इसे कांग्रेस आलाकमान के पास भेजा जाएगा। अंतिम फैसला कांग्रेस आलाकमान द्वारा ही लिया जाएगा और वही सभी को मान्य होगा। इस बयान से स्पष्ट है कि कांग्रेस इस मामले में किसी तरह की जल्दबाजी नहीं करना चाहती और पूरी प्रक्रिया के तहत ही निर्णय लिया जाएगा।
ये भी पढ़ें: कांग्रेस ने SIR में लगाया साजिश का आरोप, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
मालवीय की घर वापसी पर टिकी निगाहें
उधर, वायरल वीडियो भी इस पूरे घटनाक्रम में अहम भूमिका निभा रहा है। जिस वीडियो में मालवीय ने कभी डोटासरा को लोकसभा चुनाव लड़ने की सलाह दी थी, वही अब उनकी सियासी राह को और अधिक पेचीदा बनाता नजर आ रहा है। कांग्रेस में मामला अनुशासन समिति तक पहुंच चुका है। ऐसे में यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या भाजपा भी इस प्रकरण को अपने स्तर पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के दायरे में लाएगी। फिलहाल महेंद्रजीत सिंह मालवीय को लेकर सियासी असमंजस बरकरार है और सभी की निगाहें 15 तारीख तथा कांग्रेस आलाकमान के फैसले पर टिकी हुई हैं।