Ratha Saptami 2026: रथ सप्तमी के मौके पर सूर्यदेव की कृपा पाने के लिए करें ये खास उपाय, नौकरी में होगी तरक्की

Ratha Saptami 2026: रथ सप्तमी के मौके पर सूर्यदेव की कृपा पाने के लिए करें ये खास उपाय, नौकरी में होगी तरक्की

धर्म-कर्म Ratha Saptami 2026: रथ सप्तमी के मौके पर सूर्यदेव की कृपा पाने के लिए करें ये खास उपाय, नौकरी में होगी तरक्की

Ratha Saptami 2026: माघ मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि बेहद खास मानी जाती है. शास्त्रों के मुताबिक इस सप्तमी को भगवान सूर्यनारायण का जन्मोत्सव पर्व मनाया जाता है. इस दिन विधि पूर्वक सूर्यदेव को अर्घ्य देने से जीवन में सुख-शांति आती है.

Written byAkansha Thakur

Ratha Saptami 2026: माघ मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि बेहद खास मानी जाती है. शास्त्रों के मुताबिक इस सप्तमी को भगवान सूर्यनारायण का जन्मोत्सव पर्व मनाया जाता है. इस दिन विधि पूर्वक सूर्यदेव को अर्घ्य देने से जीवन में सुख-शांति आती है.

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Akansha Thakur 25 Jan 2026 15:59 IST

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Ratha Saptami 2026

Ratha Saptami 2026: हिंदू शास्त्रों में सूर्यदेव को जीवन और ऊर्जा का स्रोत माना गया है. रथ सप्तमी का पर्व उनके जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है. यह दिन माघ माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को आता है. मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा से पूजा करने पर घर में सुख और शांति बनी रहती है. करियर और व्यापार में भी आगे बढ़ने के रास्ते खुलते हैं. ज्योतिष के अनुसार सूर्य आत्मा के कारक होते हैं. जिनकी कुंडली में सूर्य मजबूत होता है, उनके जीवन में आत्मविश्वास और स्थिरता बनी रहती है. इसी कारण रथ सप्तमी को खास फलदायी माना गया है. 

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कब मनाई जाएगी रथ सप्तमी 2026? 

माघ शुक्ल सप्तमी तिथि की शुरुआत 24 जनवरी की रात 12 बजकर 31 मिनट से होगी. तिथि का समापन 25 जनवरी की रात 11 बजकर 10 मिनट पर होगा. इस बार पर्व आज यानी 25 जनवरी को मनाना शुभ माना गया है.

स्नान और पूजा का मुहूर्त

आज यानी 25 जनवरी को सुबह 5 बजकर 26 मिनट से 7 बजकर 13 मिनट तक का समय पूजा के लिए उत्तम है. इस दौरान सूर्यदेव को अर्घ्य देने से विशेष फल मिलने की मान्यता है.

रथ सप्तमी पर करें ये आसान उपाय

सूर्योदय से पहले स्नान करें.

व्रत का संकल्प लें और साफ मन से पूजा करें.

तांबे के लोटे में जल लें. उसमें रोली, लाल फूल, गुड़ और तिल मिलाएं.

सूर्योदय के समय सूर्यदेव को अर्घ्य दें.

मंत्र जाप करते रहें.

व्रत रखने वाले नमक का सेवन न करें.

गेहूं, गुड़, लाल वस्त्र, तांबा और लाल मसूर का दान करें.

“ऊं ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः” मंत्र की तीन माला जपें. 

सूर्यदेव की कृपा से क्या लाभ मिलता है? 

मान्यता है कि इन उपायों से धन-धान्य बढ़ता है. करियर में उन्नति होती है. स्वास्थ्य में सुधार आता है. जीवन की कई बाधाएं दूर होती हैं.

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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी ज्योतष शास्त्र के नियमों पर आधारित है. न्यूज नेशन इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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