पोस्ट ऑफिस की RD या बैंक की FD? 10 लाख रुपया लगाया तो कौन देगा ज्यादा रिटर्न, किसमें बचा पाएंगे टैक्स

पोस्ट ऑफिस की RD या बैंक की FD? 10 लाख रुपया लगाया तो कौन देगा ज्यादा रिटर्न, किसमें बचा पाएंगे टैक्स

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पोस्ट ऑफिस रिकरिंग डिपॉजिट (RD) की मदद से आप आसानी से बड़ा फंड तैयार कर सकते हैं. अगर आप इसमें हर महीने एक निश्चित रकम डालते रहें. 5 साल तक निवेश जारी रखें, तो मैच्योरिटी पर आपके हाथ में बड़ी रकम होगी.

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Published: January 12, 2026 6:46 PM IST email india.com By Anjali Karmakar email india.com Facebook india.com twitter india.com telegram india.com Follow Us india.com Follow Us पोस्ट ऑफिस की RD या बैंक की FD? 10 लाख रुपया लगाया तो कौन देगा ज्यादा रिटर्न, किसमें बचा पाएंगे टैक्स FD में निवेश करने से पहले उसके टेन्योर को लेकर सोच-विचार करना जरूरी है. ऐसा इसलिए क्योंकि अगर निवेशक मेच्योरिटी से पहले विड्रॉल करते हैं.

पैसा हर किसी की जरूरत है और अपने भविष्य के खर्चों को लेकर चिंता हर किसी को होती है. ऐसे में समझदार लोग नौकरी करते हुए पैसे बचाते हैं. फिर इन पैसों को किसी अच्छी सेविंग स्कीम में लगाते हैं. बात जब सेफ और गारंटीड इनकम की आती है, तो हमारे दिमाग में सबसे पहला ख्याल बैंक की फिक्स्ड डिपॉजिट (Fixed Deposit) का ही आता है. इस मामले में हम पोस्ट ऑफिस की सेविंग स्कीम्स को खंगालना भूल जाते हैं. जबकि, पोस्ट ऑफिस की रिकरिंग डिपॉजिट (Recurring Deposit) से आप बैंक की FD की तरह भी अपने भविष्य के लिए बड़ा फंड बना सकते हैं.

आइए जानते हैं अगर आपने 10 लाख रुपये का इंवेस्टमेंट किया,तो बैंक की FD और पोस्ट ऑफिस की RD में कौन आपको ज्यादा रिटर्न देगा? किस स्कीम में पैसा लगाकर आप ज्यादा कमाई के साथ-साथ ज्यादा टैक्स भी बचा सकते हैं:-

बैंक और पोस्ट ऑफिस की FD स्कीम?
फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) एक ऐसा इंवेस्टमेंट ऑप्शन है, जिसमें आप अपना पैसा बैंक में एक तय समय के लिए जमा करते हैं. यह समय 7 दिन से लेकर 10 साल तक हो सकता है. इसके बदले बैंक आपको एक तय ब्याज दर पर रिटर्न देता है. इसमें मार्केट के उतार-चढ़ाव का कोई असर नहीं पड़ता.आप किसी भी बैंक या पोस्ट ऑफिस में FD अकाउंट खोल सकते हैं.अगर अवधि के हिसाब से देखें, तो 1 साल की अवधि के लिए SBI फिक्स्ड डिपॉजिट पर 6.8% का ब्याज ऑफर कर रहा है.

पोस्ट ऑफिस रिकरिंग डिपॉजिट?
पोस्ट ऑफिस रिकरिंग डिपॉजिट (RD) की मदद से आप आसानी से बड़ा फंड तैयार कर सकते हैं. अगर आप इसमें हर महीने एक निश्चित रकम डालते रहें. 5 साल तक निवेश जारी रखें, तो मैच्योरिटी पर आपके हाथ में बड़ी रकम होगी. इस स्कीम में निवेश की शुरुआत मात्र 100 से की जा सकती है.पोस्ट ऑफिस की RD स्कीम में इंवेस्ट करने की मिनिमम लिमिट 100 रुपये है. मैक्सिमम लिमिट तय नहीं है. अभी RD पर 6.70% सालाना ब्याज दिया जा रहा है. इंटरेस्ट रेट हर तिमाही आधार पर कंपाउंड होती है. यानी आपको ब्याज पर भी ब्याज मिलता है.

टाइम डिपॉजिट से कितनी अलग है रिकरिंग डिपॉजिट?
पोस्ट ऑफिस के टाइम डिपॉजिट (TD)को फिक्स्ड डिपॉजिट भी कहा जाता है. कुछ मायनों में रिकरिंग डिपॉजिट (RD), टाइम डिपॉजिट से काफी अलग है.TD में आप एक निश्चित समय के लिए एकमुश्त रकम जमा करते हैं, जबकि RD में आपको हर महीने एक छोटी, निश्चित राशि जमा करनी होती है. ये लॉन्ग टर्म के लिए बचत करने का एक प्रभावी तरीका है.आप 1, 2, 3 और 5 साल के टेन्योर के लिए TD अकाउंट खोल सकते हैं. वहीं, RD की अवधि आम तौर पर 5 साल होती है. इसे 5 साल के लिए एक्सटेंड किया जा सकता है.

कितना है लॉक-इन पीरिएड?
पोस्ट ऑफिस की RD स्कीम में अकाउंट खोलने पर 5 साल का लॉक-इन पीरिएड होता है. आप चाहें तो इसे 5 साल और बढ़ा सकते हैं. अगर किन्हीं कारणों से आप इंवेस्टमेंट को बीच में रोक देते हैं और पैसे निकालना चाहते हैं, तो ऐसा 3 साल बाद ही किया जा सकता है. इसमें प्री-मैच्योर क्लोजिंग चार्ज भी लगेगा. अगर अकाउंट होल्डर की मौत हो जाती है, तो उसके नॉमिनी को क्लेम बेनिफिट मिलेगा. नॉमिनी चाहे तो इस अकाउंट को आगे जारी भी रख सकता है.

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टेन्योर को लेकर सोच-विचार करना जरूरी
FD में निवेश करने से पहले उसके टेन्योर को लेकर सोच-विचार करना जरूरी है. ऐसा इसलिए क्योंकि अगर निवेशक मेच्योरिटी से पहले विड्रॉल करते हैं, तो उन्हें जुर्माने भरना होगा. आपको अलग-अलग टेन्योर वाली FD पर ब्याज भी अलग-अलग मिलेगा. मेच्योर होने से पहले उसे ब्रेक करने पर 1% तक की पेनल्टी देनी पड़ेगी.

FD Vs RD कहां मिलेगा ज्यादा रिटर्न?
इसे हम 2 सवालों के जरिए समझने की कोशिश करते हैं. पहला- 5 साल की FD में 10 लाख रुपये निवेश करते हैं, तो 7.05% के हिसाब से कितना रिटर्न मिलेगा? दूसरा- पोस्ट ऑफिस की RD में 5 साल के लिए 10 लाख रुपये निवेश करते हैं, तो 6.7% के हिसाब से आपको कितना रिटर्न मिलेगा?

इस कैल्कुलेशन में एक फॉर्मूला काम आएगा. ये फॉर्मूला है:-A = P (1 + r/n) ^ (n*t)
यहां A = मैच्योरिटी मनी, P = प्रिंसिपल अमाउंट (10 लाख रुपये), r = इंटरेस्ट रेट (7.05%), n = कंपाउंट इंटरेस्ट की संख्या (यहां 1 माना जा रहा है), t = टेन्योर (5साल).

अब FD के रिटर्न पता करने के लिए फॉर्मूला अप्लाई करते हैं:-

A = 10,00,000 (1 + 0.0705) ^ 5 = 14,08,787 रुपये

रिटर्न =14,08,787 – 10,00,000 = 4,08,787 रुपये

इसी तरह कैल्कुलेट करें तो RD पर हमें कुल 12,19,041 रुपये (मूल जमा 10 लाख रुपये और ब्याज लगभग 2,19,041 रुपये होगा) का रिटर्न मिलेगा.

निष्कर्ष
साफ है कि FD में निवेश पर 5 साल में करीब 4,08,787 रुपये का रिटर्न मिलेगा, जबकि पोस्ट ऑफिस की RD में लगभग 2,19,041 रुपये का रिटर्न मिलेगा. यानी FD ज्यादा फायदे का सौदा है.

टैक्स बेनिफिट किसमें ज्यादा?
टैक्स बेनिफिट की करें, तो बैंक FD और पोस्ट ऑफिस RD दोनों ही एक समान फायदा देते हैं. दोनों में ही आप इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80सी के तहत 1.5 लाख रुपये तक के निवेश पर टैक्स छूट पा सकते हैं.

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Anjali Karmakar

Anjali Karmakar

अंजलि कर्मकार 12 साल से जर्नलिज्म की फील्ड में एक्टिव हैं. उन्होंने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स में ग्रेजुएशन किया है. यहीं से मास कॉम में मास्टर्स की डिग्री ली ... और पढ़ें

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