SBI के ATM से अब पैसे निकालने के लिए भी लगेंगे पैसे, दूसरी बार बढ़ाया गया ये चार्ज, सैलरी अकाउंट पर मिलने वाली ये सर्विस भी बंद

SBI के ATM से अब पैसे निकालने के लिए भी लगेंगे पैसे, दूसरी बार बढ़ाया गया ये चार्ज, सैलरी अकाउंट पर मिलने वाली ये सर्विस भी बंद

Hindi Business HindiSbi Debit Card Atm Transaction Charges Changes Rs 23 Plus Gst Per Cash Withdrawal At Other Banks SBI के ATM से अब पैसे निकालने के लिए भी लगेंगे पैसे, दूसरी बार बढ़ाया गया ये चार्ज, सैलरी अकाउंट पर मिलने वाली ये सर्विस भी बंद

SBI ने नॉन-SBI ATM पर ट्रांजैक्शन चार्ज बढ़ा दिया है. ये बदलाव 1 दिसंबर 2025 से लागू हो चुका है. नए बदलाव के तहत अब नॉन-SBI ATM से कैश निकालने पर फ्री लिमिट के बाद 23 रुपये प्लस GST देना होगा.

Published date india.com

Published: January 12, 2026 5:44 PM IST email india.com By Anjali Karmakar email india.com Facebook india.com twitter india.com telegram india.com Follow Us india.com Follow Us SBI के ATM से अब पैसे निकालने के लिए भी लगेंगे पैसे, दूसरी बार बढ़ाया गया ये चार्ज, सैलरी अकाउंट पर मिलने वाली ये सर्विस भी बंद अगर आपका SBI में सैलरी अकाउंट है,आपको अब से नॉन-SBI ATM पर अनलिमिटेड फ्री ट्रांजैक्शन की सुविधा नहीं मिल पाएगी.

भारतीय स्टेट बैंक (SBI) देश का सबसे बड़ा बैंक हैं. करोड़ों लोग SBI के कस्टमर हैं. केंद्र-राज्य सरकार के कर्मचारियों के साथ-साथ ज्यादातर लोगों को सेविंग और सैलरी अकाउंट भी इसी बैंक में होता है. अगर आपका भी कोई अकाउंट SBI में है और आप SBI के डेबिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं, तो ये आपके काम की खबर है. अबसे SBI के डेबिट कार्ड से अगर आप पैसे निकालते हैं, तो आपको चार्ज देना होगा. वहीं, बैंक ने सैलरी अकाउंट होल्डर्स को मिलने वाली अनलिमिटेड सर्विस भी बंद कर दी है.

दरअसल, SBI ने इंटरचेंज फीस को लेकर ATM सर्विसेज की कीमतों का रिव्यू किया है. इंटरचेंज फीस वह चार्ज है जो बैंक दूसरे बैंक के ATM इस्तेमाल करने पर देते हैं. इसके बाद ही चार्जेस बढ़ाने का फैसला लिया गया. इससे पहले SBI ने फरवरी 2025 कई कैटेगरी में ट्रांजैक्शन चार्जेस बढ़ाए थे.

SBI ने बढ़ाया कौन सा चार्ज?

SBI ने नॉन-SBI ATM पर ट्रांजैक्शन चार्ज बढ़ा दिया है. ये बदलाव 1 दिसंबर 2025 से लागू हो चुका है. नए बदलाव के तहत अब नॉन-SBI ATM से कैश निकालने पर फ्री लिमिट के बाद 23 रुपये प्लस GST देना होगा. अगर आप बैलेंस चेक या मिनी स्टेटमेंट जैसे नॉन-फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन करते हैं, तो इसके लिए 11 रुपये प्लस GST देना पड़ेगा.पहले इस सर्विस के लिए 10 रुपये प्लस GST लगते थे.

सैलरी अकाउंट होल्डर्स के लिए बंद हुई कौन सी सर्विस ?

अगर आपका SBI में सैलरी अकाउंट है,आपको अब से नॉन-SBI ATM पर अनलिमिटेड फ्री ट्रांजैक्शन की सुविधा नहीं मिल पाएगी. अब महीने में सिर्फ 10 फ्री ट्रांजैक्शन कर पाएंगे. इसमें कैश विड्रॉल और बैलेंस चेक दोनों शामिल है. फ्री लिमिट खत्म होने के बाद फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन के लिए 23 रुपये और नॉन-फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन के लिए 10 रुपये लगेंगे. इनमें GST भी जोड़ा जाएगा.

रेगुलर सेविंग्स अकाउंट होल्डर्स का क्या?

रेगुलर सेविंग्स अकाउंट होल्डर्स के लिए फ्री ट्रांजैक्शन की संख्या में कोई बदलाव नहीं हुआ है. अभी भी महीने में 5 फ्री ट्रांजैक्शन (फाइनेंशियल और नॉन-फाइनेंशियल दोनों) नॉन-SBI ATM पर मिलेंगे, चाहे मेट्रो हो या नॉन-मेट्रो.

इन अकाउंट और ट्रांजैक्शन टाइप पर नहीं लगेगा एक्स्ट्रा चार्ज

Add India.com as a Preferred SourceAdd India.com as a Preferred Source SBI के अपने ATM पर SBI डेबिट कार्ड से ट्रांजैक्शन पूरी तरह फ्री रहेंगे. बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट (BSBD) अकाउंट होल्डर्स पर कोई नया चार्ज नहीं लगा है. किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) अकाउंट वाले ग्राहकों को भी रिवाइज्ड फीस से छूट मिली है. इसके साथ ही कार्डलेस कैश विड्रॉल (YONO कैश) भी SBI ATM पर अनलिमिटेड और फ्री रहेंगे.

SBI के बनने की कहानी भी जानिए
भारतीय स्टेट बैंक की स्थापना 1 जुलाई 1955 को हुई थी.ये स्थापना एक नई शुरुआत नहीं थी, बल्कि उस बैंकिंग यात्रा का अपडेट वर्जन था, जिसकी शुरुआत 200 साल पहले ब्रिटिश शासनकाल में हो चुकी थी. SBI का इतिहास भारत के आर्थिक विकास, बदलावों और आज़ादी के बाद की आर्थिक नीतियों से गहराई से जुड़ा हुआ है. ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने भारत में अंग्रेज़ों की बढ़ती आर्थिक गतिविधियों को संचालित करने के लिए एक बैंक बनाया था. इसका नाम बैंक ऑफ कलकत्ता था. बाद में इसका नाम बैंक ऑफ बंगाल (Bank of Bengal) कर दिया गया. यह भारत का पहला संयुक्त स्टॉक बैंक (Joint Stock Bank) था, यानी इसमें सरकार के साथ-साथ निजी क्षेत्र की भी पूंजी लगाई गई थी.

भारत के अलग-अलग हिस्सों में बैंकिंग सेवाओं की जरूरत बढ़ने लगी, तो 1840 में बैंक ऑफ बॉम्बे (Bank of Bombay) और 1843 में बैंक ऑफ मद्रास (Bank of Madras) अस्तित्व में आए. बाद में इन तीनों बैंकों को मर्ज करके ‘प्रेसीडेंसी बैंक्स’का नाम दिया गया. 1955 में भारत सरकार ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की मदद से इंपीरियल बैंक ऑफ इंडिया का अधिग्रहण किया. 30 अप्रैल 1955 को इसका नाम बदलकर रखा गया भारतीय स्टेट बैंक कर दिया गया. फिर 1 जुलाई से SBI नए रूप में ऑपरेशन में आ गया.

SBI के पास 22,500 से ज्यादा ब्रांच
आज भारतीय स्टेट बैंक न सिर्फ भारत का सबसे बड़ा बैंक है, बल्कि यह विश्व के सबसे बड़े बैंकों में से एक बन चुका है. वर्तमान में SBI के पास 22,500 से ज्यादा ब्रांच, 62000 से ज्यादा ATM, 50 करोड़ से ज्यादा कस्टमर और 32 से ज्यादा देशों में रिप्रेजेंटेटिव ऑफिस हैं.

About the Author

Anjali Karmakar

Anjali Karmakar

अंजलि कर्मकार 12 साल से जर्नलिज्म की फील्ड में एक्टिव हैं. उन्होंने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स में ग्रेजुएशन किया है. यहीं से मास कॉम में मास्टर्स की डिग्री ली ... और पढ़ें

Also Read:

Article Image

सावधान! इन 5 जगहों पर डेबिट कार्ड का इस्तेमाल पड़ सकता है भारी, छोटी सी गलती से हो सकता है बड़ा नुकसान

Article Image

SBI ग्राहकों के लिए जरूरी खबर! अगर अपडेट नहीं किया आधार तो क्या ब्लॉक हो जाएगा YONO ऐप? जानें सच

Article Image

Visa, RuPay और MasterCard में आपके लिए कौन सबसे ज्यादा फायदेमंद? ATM कार्ड लेने से पहले चेक करें ये बातें

ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें Business Hindi की और अन्य ताजा-तरीन खबरें

Topics

SBI ATM chargesDebit CardSBI ATMSBI Yono App

More Stories

Read more

View Original Source