जवानों का टारगेट सेट, इस खूंखार नक्सली की तलाश के लिए ऑपरेशन, नक्सलवाद के खात्मे का बड़ा मिशन - security forces set their target operation launched to hunt down dreaded naxalite paparao major mission to eradicate naxalism

जवानों का टारगेट सेट, इस खूंखार नक्सली की तलाश के लिए ऑपरेशन, नक्सलवाद के खात्मे का बड़ा मिशन - security forces set their target operation launched to hunt down dreaded naxalite paparao major mission to eradicate naxalism
बीजापुर:

माडवी हिड़मा और बसलराजू जैसे खूंखार नक्सलियों के एनकाउंटर और बारसे देवा के सरेंडर के बाद जवानों ने नया टारगेट सेट किया है। जवानों ने बीजापुर में पापाराव की तलाश में अभियान तेज कर दिया है। जवानों का पूरा फोकस अब खूंखार नक्सली पापाराव पर फोकस है। मौजूदा समय में बस्तर में एक्टिव नक्सलियों में पापाराव ही सबसे खूंखार है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पापाराव के सफाये के लिए सुरक्षाबल के जवानों ने अभियान छेड़ा है। इस अभियान का मकसद पापाराव को जिंदा या मुर्दा पकड़ना है। दावा किया जा रहा है कि पापाराव के खात्मे के बाद बस्तर में सहस्त्र नक्सलवाद पूरी तरह से खत्म हो जाएगा।

कौन है पापाराव

पापाराव माओवादी संगठन के टॉप लीडरों में से एक है। उसके पास मौजूदा समय में बस्तर की जिम्मेदारी है। पापाराव वेस्ट बस्तर के कमांडर को तौर पर काम कर रहा है। वह कई दशकों से यहां सक्रिय है। वह नक्सलियों के कई बड़े ऑपरेशन को अंजाम दे चुका है। बीते साल जनवरी ने सुरक्षाबल के जवानों पर हमले में उसका ही हाथ था। इस हमले में 8 सुरक्षाबल के जवान और एक आम आदमी की मौत हुई थी। छत्तीसगढ़ सरकार ने उसके सिर पर 25 लाख रुपये का इनाम घोषित किया है।

बड़े नक्सलियों में सिर्फ पापाराव ही बचा

बस्तर में लाल आतंक फैलाने में पापाराव की अहम भूमिका मानी जाती है। बस्तर में पहले नक्सली संगठन की कमान हिड़मा के पास थी। हिड़मा के एनकाउंटर और बारसे देवा के सरेंडर के बाद अब पापाराव ही सबसे सक्रिय और बड़ा नेता बचा है। ऐसे में जवानों ने अपना टारगेट सेट किया है।


जवानों का ऑपरेशन जारी

छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबल के जवान नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ रहे हैं। सुरक्षाबल के जवानों ने 2025 में कई बड़े ऑपरेशन को अंजाम दिया है। जवानों ने नक्सलियों के 11 सीसी मेंबर का एनकाउंटर किया जिसके बाद से नक्सली संगठन बैकफुट पर हैं। वहीं, दूसरी तरफ बड़ी संख्या में नक्सली सरेंडर भी कर रहे हैं। नक्सलवाद के खात्मे के लिए केंद्र सरकार ने मार्च 2026 की डेडलाइन तय की है।


दंतेवाड़ा में हुआ था बड़ा सरेंडर

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में शुक्रवार को 63 नक्सलियों ने सुरक्षाबलों के सामने आत्मसमर्पण किया था। उनमें से 36 पर 1.19 करोड़ रुपये से अधिक का इनाम घोषित था। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले में जारी नक्सल विरोधी मोर्चे पर सुरक्षाबलों को शुक्रवार को महत्वपूर्ण सफलता मिली जब पूना मारगेम (पुनर्वास से पुनर्जीवन) अभियान से प्रभावित होकर 36 इनामी समेत 63 माओवादी समाज की मुख्यधारा में शामिल हो गए।

View Original Source