टेंडर में फर्जीवाड़ा:सोबती इंफ्राटेक लिमिटेड ने लगाए फर्जी प्रमाणपत्र, शासन तक पहुंचा मामला - Sobti Infratech Limited Submitted Fake Certificates For Tender
सीतापुर में 288.63 करोड़ रुपये की सड़क चौड़ीकरण परियोजना के टेंडर में सोबती इंफ्राटेक लिमिटेड की ओर से फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र लगाने का खुलासा हुआ है। अब मामले की गूंज शासन तक पहुंच गई है। नगर निगम बरेली ने इसकी रिपोर्ट बनाकर सीतापुर पीडब्लयूडी (लोक निर्माण विभाग) को भेजी है।
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सात जनवरी को सीतापुर लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता प्रांतीय खंड कार्यालय से बरेली नगर आयुक्त व अधिशासी अभियंता के नाम पत्र आया। इसमें लिखा है कि मैसर्स सोबती इंफ्राटेक लिमिटेड ने पीडब्ल्यूडी के शेखनपुर-सांसरी लालपुर रोड के निविदा में प्रतिभाग किया था। बरेली के एक्सईएन राजीव राठी ने बताया कि कंपनी ने सीएम ग्रिड योजना के पहले चरण के कार्य को दिखाकर सीतापुर की परियोजना का टेंडर हासिल करने की कोशिश की।
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एक्सईएन ने सीतापुर पीडब्ल्यूडी को इसकी जानकारी दी है कि सीएम ग्रिड योजना के पहले चरण का काम सोबती को नहीं बल्कि अनमोल एसोसिएटस को दिया गया है। बरेली नगर निगम के मुख्य अभियंता मनीष अवस्थी ने कहा कि सोबती ने सीएम ग्रिड योजना के फेज वन में निविदा डाली थी। तकनीकी बिड में इनके आवेदन को निरस्त कर दिया था। डाली गई निविदा को आधार बनाकर कुछ गलत दस्तावेज बनाए गए होंगे।
जांच में खुली पोल
आरोप है कि सोबती ने अपनी पात्रता साबित करने के लिए बरेली की सीएम ग्रिड योजना से जुड़े दस्तावेज लगाए। बरेली नगर निगम के अधिकारियों ने सीएम ग्रिड योजना से जुड़े प्रमाणों की पड़ताल की तो वे फर्जी पाए गए।