Somnath Swabhiman Parv: सोमनाथ में पीएम मोदी के संबोधन की 10 बड़ी बातें

Somnath Swabhiman Parv: सोमनाथ में पीएम मोदी के संबोधन की 10 बड़ी बातें

Hindi India HindiSomnath Swabhiman Parv 10 Key Points From Pm Narendra Modis Address In Somnath Gujarat Shaurya Yatra Somnath Swabhiman Parv: सोमनाथ में पीएम मोदी के संबोधन की 10 बड़ी बातें, कहा- आक्रांता आते रहे लेकिन हर युग में सोमनाथ पुन: स्थापित होता रहा

PM Modi in Gujarat: अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज भी हमारे देश में वह ताकतें मौजूद और पूरी तरह सक्रिय हैं जिन्होंने सोमनाथ पुनर्निमाण का विरोध किया था.

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Published: January 11, 2026 12:51 PM IST email india.com By Shivendra Rai email india.com twitter india.com Facebook india.com twitter india.com telegram india.com Follow Us india.com Follow Us Somnath Swabhiman Parv: सोमनाथ में पीएम मोदी के संबोधन की 10 बड़ी बातें, कहा- आक्रांता आते रहे लेकिन हर युग में सोमनाथ पुन: स्थापित होता रहा

PM Modi Somnath Temple Visit: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मैं अपना सौभाग्य मानता हूं कि सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष के रूप में मुझे सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में सक्रिय सेवा का अवसर मिला है. पीएम मोदी ने महादेव के मंदिर पर फहरा रही ध्वजा को हिंदुस्तान की शक्ति का प्रतीक बताया. यहां जानिए प्रधानमंत्री के संबोधन की 10 बड़ी बातें.

आक्रंता मिट गए, सोमनाथ मंदिर खड़ा है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “आज जब मैं आपसे बात कर रहा हूं तो बार-बार मन में प्रश्न आ रहा है कि ठीक 1000 वर्ष पहले, ठीक इसी जगह पर क्या माहौल रहा होगा? अपनी आस्था, अपने विश्वास, अपने महादेव के लिए हमारे पुरखों ने अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया. 1000 साल पहले वह आक्रंता सोच रहे थे कि हमें जीत लिया कि आज 1000 साल बाद भी सोमनाथ महादेव के मंदिर पर फहरा रही ध्वजा पूरी सृष्टि का आह्वान कर रही है कि हिंदुस्तान की शक्ति क्या है, उसका सामर्थ्य क्या है. यहां का कण-कण वीरता और साहस का साक्षी है.”

सोमनाथ का इतिहास विजय और पुनर्निमाण का है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “सोमनाथ का इतिहास विनाश और पराजय का इतिहास नहीं है, यह विजय और पुनर्निमाण का है. हमारे पूर्वजों के पराक्रम का है, हमारे पूर्वजों के त्याग और बलिदान का है. आक्रांता आते रहे लेकिन हर युग में सोमनाथ पुन: स्थापित होता रहा. इतनी सदियों का संघर्ष, इतना महान धैर्य, सृजन और पुनर्निमाण का यह जीवट, दुनिया के इतिहास में ऐसा उदाहरण मिलना मुश्किल है.”

इतिहास को भूलाने के प्रयास हुए

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “अगर किसी देश के पास 100 साल पुरानी विरासत होती है तो वह देश उसे अपनी पहचान बनाकर दुनिया के सामने प्रस्तुत करता है, वहीं भारत के पास सोमनाथ जैसे हजारों साल पुराने पुण्यस्थान है. लेकिन दुर्भाग्य से आज़ादी के बाद गुलामी की मानसिकता वाले लोगों ने उनसे पल्ला झाड़ने की कोशिश की. उस इतिहास को भूलाने के प्रयास हुए.

इतिहास को व्हाइटवॉश करने की कोशिश की गई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “हम जानते हैं कि सोमनाथ की रक्षा के लिए देश ने कैसे-कैसे बलिदान दिए थे. कितने ही नायकों का इतिहास सोमनाथ मंदिर से जुड़ा है लेकिन दुर्भाग्य से इसे कभी उतना महत्व नहीं दिया गया बल्कि आक्रमण के इतिहास को भी कुछ राजनेताओं और इतिहासकारों द्वारा व्हाइटवॉश करने की कोशिश की गई.”

आक्रांता आज इतिहास के कुछ पन्नों में सिमट कर रह गए हैं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “यह समयचक्र है. सोमनाथ को ध्वस्त करने की मंशा लेकर आए मजहबी आक्रांता आज इतिहास के कुछ पन्नों में सिमट कर रह गए हैं और सोमनाथ मंदिर उसी विशाल समुद्र के किनारे गगनचुंबी धर्मध्वजा को थामे खड़ा है.”

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मजहबी कट्टरपंथी हमले करते रहे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “जब महमूद गजनी से लेकर औरंगजेब तक तमाम आक्रांता सोमनाथ पर हमला कर रहे थे तो उन्हें लग रहा था कि उनकी तलवार सनातन सोमनाथ को जीत रही है. वे मजहबी कट्टरपंथी यह नहीं समझ पाए कि जिस सोमनाथ को वे नष्ट करना चाहते हैं उसके नाम में ही ‘सोम’ अर्थात ‘अमृत’ जड़ा हुआ है. उसके ऊपर सदाशिव महादेव के रूप में वह चैतन्य शक्ति प्रतिष्ठित है जो कल्याणकारी भी है और शक्ति का स्रोत भी है.”

ठेकेदारों ने हमेशा कट्टरपंथी सोच के आगे घुटने टेके

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “हमारे धर्म के प्रति ईमानदार कोई भी व्यक्ति ऐसी कट्टरपंथी सोच का समर्थन नहीं करेगा लेकिन तुष्टीकरण के ठेकेदारों ने हमेशा इस कट्टरपंथी सोच के आगे घुटने टेके.”

वल्लभभाई पटेल को रोकने की कोशिश की गई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “जब भारत गुलामी की बेड़ियों से मुक्त हुआ, जब सरदार वल्लभभाई पटेल ने सोमनाथ के पुनर्निमाण की शपथ ली तो उन्हें भी रोकने की कोशिश की गई.”

विरोधी ताकतें आज भी मौजूद हैं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “1951 में तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के यहां आने पर भी आपत्ति जताई गई. आज भी हमारे देश में वह ताकतें मौजूद और पूरी तरह सक्रिय हैं जिन्होंने सोमनाथ पुनर्निमाण का विरोध किया.”

हमें एकजुट रहना है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “आज तलवारों की जगह दूसरे कुच्छित तरीके से भारत के खिलाफ षड्यंत्र हो रहे हैं इसलिए हमें ज्यादा सावधान रहना है, हमें खुद को शक्तिशाली बनाना है, हमें एकजुट रहना है.”

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उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के रहने वाले शिवेन्द्र राय को हिंदी डिजिटल पत्रकारिता में 5 साल का अनुभव है. वाराणसी के महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से इतिहास में एमए ... और पढ़ें

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