Supreme Court:'कश्मीर के लिए पांच पीएम से मिला', कश्मीरी अलगाववादी नेता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया - Kashmiri Separatist Leader Shabir Ahmad Shah Tells Supreme Court Says I Met Five Pms For Kashmir

Supreme Court:'कश्मीर के लिए पांच पीएम से मिला', कश्मीरी अलगाववादी नेता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया - Kashmiri Separatist Leader Shabir Ahmad Shah Tells Supreme Court Says I Met Five Pms For Kashmir

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आतंकी फंडिंग मामले में आरोपी कश्मीरी अलगाववादी नेता शब्बीर अहमद शाह ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि उसने जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर भारत के पांच प्रधानमंत्रियों से मुलाकात की थी। उनके भाषण ज्यादातर पूर्ववर्ती राज्य के लोगों की आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करते थे।शीर्ष अदालत शाह की जमानत याचिका पर सुनवाई कर रही थी। और पढ़ें loader Trending Videos यह वीडियो/विज्ञापन हटाएं

'मेरे मुवक्किल ने कभी नहीं फेंके पत्थर' :शब्बीर शाह के वकील
जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) से शब्बीर के कुछ भाषणों और मामले से संबंधित अन्य प्रासंगिक तथ्यों को पेश करने को कहा। सुनवाई के दौरान शब्बीर के वकील कोलिन गोन्साल्वेस ने पीठ को बताया कि उनके मुवक्किल ने कभी पत्थर नहीं फेंके। न ही किसी को उकसाया। कश्मीर मुद्दे को सुलझाने के लिए भारत के पांच प्रधानमंत्रियों के साथ बैठक की। उनके पास प्रधानमंत्रियों के साथ उनकी सभी तस्वीरें हैं। विज्ञापन विज्ञापन

वकील ने बताया कि प्रधानमंत्रियों ने शब्बीर शाह से पूछा कि इन मुद्दों को सुलझाने के लिए क्या किया जा सकता है। उन्होंने ऐसा इसलिए किया क्योंकि वे जानते थे कि वह आतंकवादी नहीं थे। 

पीठ ने पूछा-किन प्रधानमंत्रियों व मंत्रियों से मिले
जस्टिस नाथ ने गोन्साल्वेस से पूछा कि शब्बीर किन प्रधानमंत्रियों व मंत्रियों से मिले। इस पर गोन्साल्वेस ने कहा कि केस फाइलों में तस्वीरें संलग्न हैं। हालांकि, उन्होंने कुछ नाम बताए जिनमें पूर्व पीएम वीपी सिंह, आईके गुजराल, चंद्र शेखर, पूर्व केंद्रीय मंत्री राम जेठमलानी, पूर्व केंद्रीय मंत्री केसी पंत और अन्य शामिल हैं। गोन्साल्वेस ने कहा कि शब्बीर की उम्र 74 वर्ष है और यदि उन्हें जमानत दी जाती है, तो यह शर्त रखी जा सकती है कि वे कश्मीर में अपने घर और बगीचे तक ही सीमित रहेंगे। इस पर पीठ ने कहा कि यदि सुनवाई 10 फरवरी को समाप्त नहीं होती है, तो अदालत उस दिन राहत पर विचार कर सकती है।

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