They Resolved To Eliminate The Social Evils Prevalent In Society. - Baghpat News
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संवाद न्यूज एजेंसी
खेकड़ा। कस्बे में रविवार को सर्वखाप सम्मान समारोह हुआ, जिसमें समाज में फैली कुरीतियों को दूर करने, नशा, दहेज प्रथा समाप्त करने, ब्रह्मभोज पर रोक लगानेे का का निर्णय लिया गया। वहीं शिक्षाविद उमेश शर्मा को ब्राह्मण समाज सर्वखाप की पगड़ी पहनाई गई।
भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने कहा कि सर्व समाज के लोग मिलकर रहें यही खाप पंचायतों का उद्देश्य है। पहले खाप के निर्णय के चलते मामले सुलझ जाते थे, लेकिन अब मामले थाना कचहरी तक जा रहे हैं। बच्चों को नशे की बुरी लत से बचाना है। किसान नेता युद्धवीर सिंह ने कहा कि राजा हर्षवर्धन ने खाप परंपरा को शुरू किया था। वर्ष 1857 की लड़ाई में खाप पंचायतों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
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सर्वखाप चौधरियों ने मिलकर खेकड़ा ब्राह्मण समाज के चौधरी के रूप में शिक्षाविद उमेश शर्मा को पगडी पहनाकर जिम्मेदारी सौंपी। राजेश शर्मा, ब्रजमोहन कौशिक, नरेंद्र शर्मा को थांबा चौधरी की पगड़ी पहनाई। खेकड़ा की बेटी नीरा आर्या की पुस्तक का विमोचन किया गया। इस मौके पर चौधरी बबली कश्यप, डॉ. जगपाल सिंह तेवतिया, लेखक प्रोफेसर मदन मोहन, साहित्यकार तेजपाल आर्य, किसान नेता युद्धवीर सिंह, चेयरमैन नीलम धामा, सुनील धामा, बागपत चीनी मिल समिति के उपाध्यक्ष कृष्णपाल सिंह चेयरमैन आदि मौजूद रहे।