Tragedy At Brick Kiln: 4-year-old Minor Drowns To Death While Playing - Bihar News - Bihar News:खेलते-खेलते पानी में डूबा चार साल का मासूम, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
विस्तार Follow Us
और पढ़ें
Trending Videos
यह वीडियो/विज्ञापन हटाएं
पूर्णिया जिले के धमदाहा थाना क्षेत्र में खेलते समय एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है। पानी से भरे एक गहरे गड्ढे में डूबने से चार वर्षीय मासूम बच्चे की मौत हो गई। बच्चे की मौत की खबर मिलते ही अस्पताल परिसर में परिजनों के चीत्कार से माहौल गमगीन हो गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए पूर्णिया जीएमसीएच भेज दिया है।
विज्ञापन विज्ञापन
घटना धमदाहा थाना क्षेत्र के बिशनपुर स्थित एक ईंट भट्ठे की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, केनगर थाना क्षेत्र के काझा निवासी भीम शर्मा का चार वर्षीय पुत्र विवेक कुमार भट्ठा परिसर में अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था। इसी दौरान खेलते-खेलते उसकी गेंद पास ही खोदे गए एक गहरे गड्ढे में गिर गई। गेंद निकालने के प्रयास में विवेक दौड़कर गड्ढे की ओर गया, लेकिन किनारे की मिट्टी गीली और फिसलन भरी होने के कारण उसका संतुलन बिगड़ गया और वह सीधे पानी से भरे गड्ढे में जा गिरा।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विवेक के साथ खेल रहे बच्चों ने जब उसे डूबते देखा तो वे जोर-जोर से चिल्लाने लगे। बच्चों की आवाज सुनकर विवेक के नाना श्याम लाल शर्मा और भट्ठे पर काम कर रहे अन्य मजदूर मौके पर दौड़कर पहुंचे। कड़ी मशक्कत के बाद बच्चे को गड्ढे से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी हालत गंभीर हो चुकी थी।
यह भी पढ़ें- भारत-नेपाल सीमा पर घुसपैठ नाकाम: रक्सौल बॉर्डर से श्रीलंकाई नागरिक गिरफ्तार, यह सामान मिला; सुरक्षा एजेंसी...
परिजन आनन-फानन में अचेत अवस्था में विवेक को धमदाहा अनुमंडलीय अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां मौजूद चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मौत की पुष्टि होते ही मां और नानी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। दोनों बार-बार बेहोश हो रही थीं, जिन्हें स्थानीय महिलाओं ने ढांढस बंधाया।
घटना की सूचना मिलते ही धमदाहा थाना पुलिस अस्पताल पहुंची। पुलिस ने शव का पंचनामा कर उसे अपने कब्जे में लिया और कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद पोस्टमार्टम के लिए पूर्णिया जीएमसीएच भेज दिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। यह भी देखा जा रहा है कि ईंट भट्ठा परिसर में नियमों के विरुद्ध गहरे गड्ढे खोदकर उन्हें असुरक्षित तो नहीं छोड़ा गया था।